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Pakur (Jaydev Kumar) : खनन प्रभावित इलाके के ग्रामीणों को अब छोटी-मोटी बीमारियों के इलाज के लिए दूर शहर नहीं भागना पड़ेगा। पचवाड़ा नॉर्थ कोल माइंस क्षेत्र में रहने वाले लोगों के लिए बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं की शुरुआत हो गई है। विश्वकर्मा पूजा के मौके पर यहां एक अत्याधुनिक मोबाइल मेडिकल यूनिट (एमएमयू) वैन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। अमरापाड़ा के प्रखंड विकास पदाधिकारी प्रमोद कुमार गुप्ता और अंचल अधिकारी औसाफ अहमद खान ने संयुक्त रूप से फीता काटकर इस एंबुलेंस वैन का उद्घाटन किया। उद्घाटन के मौके पर बीडीओ प्रमोद कुमार गुप्ता ने खुद वैन में अपना रैंडम ब्लड शुगर टेस्ट कराकर व्यवस्था का जायजा लिया।


सप्ताह में दो दिन हर गांव पहुंचेगी वैन, डॉक्टर और नर्स रहेंगे मौजूद
कोल माइंस से जुड़े नौ प्रभावित गांवों के ग्रामीण काफी समय से अपने इलाके में पक्की स्वास्थ्य सेवा की मांग कर रहे थे। इसी मांग को देखते हुए वेस्ट बंगाल पावर डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड (डब्लूबीपीडीसीएल) ने यह मोबाइल यूनिट तैयार कराई है। तय शेड्यूल के मुताबिक यह मेडिकल वैन हर गांव में हफ्ते में दो दिन पहुंचेगी। इसमें हमेशा एक एमबीबीएस डॉक्टर और दो नर्सें तैनात रहेंगी। इससे ग्रामीणों को अपनी बारी पर सीधे डॉक्टर से परामर्श मिल सकेगा और बुजुर्गों व महिलाओं को अस्पताल जाने की भागदौड़ से राहत मिलेगी।

जांच से लेकर दवाइयां तक सब कुछ पूरी तरह फ्री
यह मेडिकल यूनिट किसी छोटे-मोटे अस्पताल से कम नहीं है। वैन के भीतर ही मोबाइल पैथोलॉजी, ईसीजी मशीन, गर्भवती महिलाओं की जांच के लिए फीटल डॉप्लर, कान-गले की जांच का ओटोस्कोप और आपात स्थिति के लिए ऑक्सीजन सिलेंडर की व्यवस्था की गई है। इसके साथ ही मलेरिया, डेंगू और टाइफाइड की तुरंत जांच के लिए किट और जरूरी दवाइयां भी रखी गई हैं। ग्रामीणों को यह पूरी जांच, डॉक्टर की सलाह और दवाएं बिल्कुल मुफ्त दी जाएंगी।

माइंस क्षेत्र की बिशनपुर स्थित आरएंडआर कॉलोनी में पहले से ही एक स्वास्थ्य केंद्र चल रहा है, जहां रोजाना डॉक्टर और नर्स सेवाएं दे रहे हैं। अब इस नई मोबाइल वैन के शुरू होने से दूर-दराज के टोलों तक इलाज पहुंचना आसान हो जाएगा। कार्यक्रम में डब्लूबीपीडीसीएल के महाप्रबंधक रामाशीष चटर्जी, माइंस मैनेजर महेश कुमार, वेलफेयर ऑफिसर देबाशीष भुइं, एसएचएआर प्रोजेक्ट्स के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट दिलीप तमन, सीएसआर व पीआर महाप्रबंधक संजय बेसरा समेत कई अधिकारी और बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण मौजूद रहे।
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