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Pakur (Jaydev Kumar) : मंगलवार की शाम, पाकुड़ जिले मुख्यालय के काली तल्ला के चारों ओर भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा। ढोल-नगाड़ों की थाप और धुनुची नृत्य की झंकार ने पूरा क्षेत्र भक्तिमय ऊर्जा से भर दिया। हर कोने में “जय माँ काली” के जयकारे गूंज रहे थे। इस दृश्य ने प्रतीत कराया कि वर्षभर की मेहनत और विश्वास अब एक पल में अपने चरम पर पहुंच गया है।
मां काली की विदाई पर हर आंख हुई नम
भक्तिमय झांकी के साथ माँ काली की प्रतिमा कालीभसान तालाब में विसर्जित की गई। कई श्रद्धालु अपनी आंखों में आंसू लिए मां को नम्र भाव से विदा कर रहे थे। बच्चे, बुजुर्ग और युवा – सभी की आंखों में विश्वास और भक्ति की चमक थी। कुछ श्रद्धालु अगली बार फिर से माँ के आगमन की कामना कर रहे थे, तो कुछ ने मौन होकर प्रार्थना की।
सुरक्षा के तगड़े इंतजाम
इस भव्य आयोजन के दौरान पाकुड़ जिला प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था के लिए विशेष इंतजाम किए थे। सुरक्षा कर्मी हर कोने में तैनात थे, जिससे माहौल सुरक्षित और शांति पूर्ण बना रहा। इस संयम और संगठित व्यवस्था ने उत्सव की गरिमा को और भी बढ़ा दिया। जैसे ही अंतिम जयकारा गूंजा, पूरे नगर में एक शांति और संतोष का भाव फैल गया।
भक्ति और उत्साह से सराबोर पाकुड़, काली तल्ला में दिखा अद्भुत नजारा
मां श्मशान काली की प्रतीमा का हुआ विसर्जन, श्रद्धा और भक्ति के साथ संपन्न हुआ अनुष्ठान pic.twitter.com/Epim6EutTo— News Samvad (@newssamvaad) October 21, 2025
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