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Pakur (Jaydev Kumar) : पाकुड़ के युवाओं के पास अगर कोई नया आइडिया है और वे अपना काम शुरू करना चाहते हैं, तो अब राह आसान होने वाली है। पाकुड़ में बिजनेस और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए रविन्द्र भवन टाउन हॉल में तेजस जिला स्तरीय कार्यशाला का आयोजन हुआ। यह पूरा कार्यक्रम उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग, स्टार्टअप इंडिया, राज्य सरकार और जिडको के सहयोग से आयोजित किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत डीसी मेघा भारद्वाज, जिला उद्योग केंद्र के जीएम राजेंद्र प्रसाद, एमएसएमई धनबाद के सहायक निदेशक दीपक कुमार और जिडको रांची के अनमोल चक्रवती ने मिलकर दीप जलाकर की। हॉल में बड़ी संख्या में पहुंचे स्थानीय युवाओं ने विशेषज्ञों से समझा कि आज के दौर में खुद का काम कैसे खड़ा किया जा सकता है।
छोटे स्तर से करें शुरुआत, अपने आसपास की दिक्कतें सुलझाएं
कार्यशाला में युवाओं का हौसला बढ़ाते हुए डीसी मेघा भारद्वाज ने साफ कहा कि पाकुड़ में नई शुरुआत करने के भरपूर मौके हैं। उन्होंने युवाओं से कहा कि वे अपने आसपास की रोजमर्रा की परेशानियों पर गौर करें और उनका आसान हल निकालें। डीसी ने जोर देकर कहा कि कोई भी काम शुरू करने के लिए हमेशा लाखों-करोड़ों रुपये की जरूरत नहीं पड़ती। अगर सोच सही हो और काम करने का तरीका नया हो, तो बहुत कम पैसे में भी बड़ा और असरदार काम खड़ा किया जा सकता है। असल बात यह है कि आप परेशानी को कितनी बारीकी से समझते हैं और उसका क्या व्यावहारिक हल निकालते हैं।
सरकारी मदद से लेकर बाजार तक, हर पहलू पर मिली जानकारी
कार्यशाला के दौरान विशेषज्ञों ने युवाओं को जमीन से जुड़ी जानकारियां दीं। इसमें बताया गया कि कैसे किसी सामान्य विचार को एक बड़े कारोबार में बदला जा सकता है। इसके अलावा कागजी प्रक्रिया, मेंटर की मदद, नए कारोबार को संभालने के तौर-तरीके, सरकारी फंड और बाजार तक पहुंच बनाने के रास्तों पर खुलकर चर्चा हुई। हॉल में मौजूद युवाओं ने अपने मन में उठ रहे सवाल भी पूछे, जिनका अधिकारियों और जानकारों ने मौके पर ही जवाब देकर उनकी उलझनें दूर कीं।
जिले के हुनर को आगे बढ़ाने की तैयारी
इस पहल का मुख्य मकसद यही है कि पाकुड़ जैसे छोटे जिले के युवा सिर्फ नौकरी ढूंढने तक सीमित न रहें, बल्कि खुद काम शुरू करके दूसरों को भी काम देने लायक बनें। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि जो भी युवा ठोस योजना के साथ आगे आएंगे, प्रशासन और संबंधित विभाग उनकी पूरी मदद करेंगे, ताकि जिले के हुनर को सही मंच और संसाधन दोनों मिल सकें।
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