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Ranchi : बदलते दौर में जब पारंपरिक व्यवसाय कई चुनौतियों का सामना कर रहे हैं, ऐसे समय में स्वर्णकार समाज अपने लोगों को एक मंच पर लाने और नई दिशा देने की कोशिश में जुटा है। समाज की एकता, कारीगरों के भविष्य और नई पीढ़ी की भागीदारी को केंद्र में रखकर अखिल भारतीय स्वर्णकार समाज एवं ज्वेलर्स एसोसिएशन, झारखंड प्रदेश ने एक बड़ा कदम उठाया है। रविवार को रांची के कांके रोड स्थित एक प्रतिष्ठान में संगठन ने महत्वपूर्ण बैठक की, जहां समाज के लोगों ने मिलकर भविष्य की योजनाओं पर चर्चा की। बैठक में समाज के लोगों के बीच अपनेपन, जिम्मेदारी और भविष्य को लेकर चिंता साफ दिखाई दी। वक्ताओं ने बार-बार इस बात पर जोर दिया कि अगर समाज को मजबूत बनाना है तो हर व्यक्ति को संगठन से जुड़ना होगा और सामूहिक रूप से आगे बढ़ना होगा।
14 जून को होगा समाज का बड़ा मिलन
बैठक में सबसे अधिक चर्चा 14 जून को रांची में होने वाले “परिचय सह सम्मान समारोह एवं शपथ ग्रहण” कार्यक्रम को लेकर हुई। संगठन के प्रदेश अध्यक्ष गोपाल प्रसाद सोनी ने बताया कि यह सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं बल्कि समाज के लोगों को एक-दूसरे से जोड़ने का अवसर होगा। उन्होंने कहा कि आज देश के अलग-अलग हिस्सों में स्वर्णकार समाज के लोग अपनी पहचान के साथ काम कर रहे हैं, लेकिन उन्हें एक मजबूत संगठनात्मक मंच की भी जरूरत है। इसी सोच के साथ सभी सदस्यों से अपील की गई कि वे 10 जून तक ज्यादा से ज्यादा लोगों को संगठन से जोड़ें। कार्यक्रम रांची रेलवे स्टेशन के समीप स्थित होटल ब्लू शिवालिक में आयोजित होगा, जहां सुबह से शाम तक विभिन्न गतिविधियां चलेंगी।
समाज के बुजुर्ग होंगे सम्मान के केंद्र में
बैठक में एक ऐसा फैसला भी लिया गया जिसने सभी का ध्यान खींचा। संगठन ने तय किया कि 80 वर्ष या उससे अधिक आयु के वरिष्ठ स्वर्णकारों को विशेष सम्मान दिया जाएगा। खास बात यह है कि केवल मंच पर बुलाकर सम्मान नहीं किया जाएगा, बल्कि कई वरिष्ठ लोगों के घर जाकर भी उन्हें सम्मानित किया जाएगा। संगठन के पदाधिकारियों का कहना है कि आज जो लोग समाज को नई दिशा देने की बात कर रहे हैं, उनकी नींव उन बुजुर्गों ने ही रखी है जिन्होंने वर्षों तक अपने परिश्रम और अनुभव से समाज को आगे बढ़ाया। इसलिए उनका सम्मान करना केवल परंपरा नहीं बल्कि जिम्मेदारी भी है।
कारीगरों के लिए मजबूत व्यवस्था बनाने की तैयारी
बैठक के दौरान संगठन मंत्री डॉ. पंकज सोनी ने कारीगरों की स्थिति पर विशेष चिंता जताई। उन्होंने कहा कि स्वर्णकार समाज की असली ताकत उसके कारीगर हैं। यदि कारीगर मजबूत होंगे तो पूरा समाज मजबूत होगा। उन्होंने पारंपरिक “सोनार हाट” को फिर से सक्रिय करने की जरूरत बताई। उनका कहना था कि आज कारीगरों को बाजार, प्रशिक्षण, तकनीक और बेहतर अवसरों से जोड़ने की आवश्यकता है। इसके लिए एक ऐसा तंत्र विकसित करना होगा जहां कारीगरों को अपने हुनर के अनुरूप पहचान और अवसर मिल सके। बैठक में यह भी सुझाव आया कि राज्यभर के कारीगरों को एक साझा नेटवर्क से जोड़ा जाए, ताकि वे एक-दूसरे के अनुभवों और अवसरों का लाभ उठा सकें।
हर प्रतिभागी को मिलेगा सम्मान
कार्यक्रम में शामिल होने वाले लोगों के लिए भी विशेष व्यवस्था की जा रही है। आयोजन समिति ने तय किया है कि सभी प्रतिभागियों का पंजीकरण कराया जाएगा और कार्यक्रम में भाग लेने वाले लोगों को मोमेंटो तथा अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया जाएगा। पदाधिकारियों का मानना है कि सम्मान की यह परंपरा समाज के लोगों के बीच आत्मीयता और अपनापन बढ़ाने का काम करेगी।
प्रचार-प्रसार की तैयारी भी तेज
कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए प्रचार-प्रसार की रणनीति भी तैयार कर ली गई है। बैठक में निर्णय लिया गया कि रांची सहित विभिन्न जिलों में बैनर, पोस्टर और होर्डिंग लगाए जाएंगे। साथ ही समाज के लोगों तक व्यक्तिगत संपर्क के माध्यम से भी कार्यक्रम की जानकारी पहुंचाई जाएगी।
7 जून को फिर होगी रणनीतिक बैठक
बैठक के अंत में सभी सदस्यों ने संगठन को मजबूत बनाने और कार्यक्रम को सफल बनाने का संकल्प लिया। तैयारियों की समीक्षा और आगे की रणनीति तय करने के लिए 7 जून को फिर से बैठक बुलाने का निर्णय लिया गया।
एकता और सम्मान का संदेश
बैठक से साफ संकेत मिला कि स्वर्णकार समाज केवल एक कार्यक्रम आयोजित करने की तैयारी नहीं कर रहा, बल्कि समाज के लोगों को जोड़ने, बुजुर्गों का सम्मान करने और कारीगरों के भविष्य को बेहतर बनाने की दिशा में एक लंबी सोच के साथ आगे बढ़ रहा है। आने वाला 14 जून का कार्यक्रम इसी प्रयास का बड़ा पड़ाव माना जा रहा है, जहां समाज की एकता, पहचान और भविष्य की नई तस्वीर देखने को मिल सकती है।
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