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Pakur (Jaydev Kumar) : हर स्कूल में शिक्षक केवल ज्ञान देने वाले नहीं होते, बल्कि वह मार्गदर्शक, प्रेरक और बच्चों के सपनों के संरक्षक भी होते हैं। सेंट डॉन बॉस्को स्कूल, पाकुड़ के प्राचार्य शिव शंकर दुबे की कहानी इस बात का जीता-जागता उदाहरण है। शिक्षा में उनके योगदान और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास को देखते हुए उन्हें हाल ही में “बेस्ट एजुकेटर अवार्ड” से सम्मानित किया गया। यह पुरस्कार केवल उनकी व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि संपूर्ण विद्यालय परिवार की मेहनत, लगन और प्रतिबद्धता का प्रतीक है।
सपनों को सच करने का जुनून
श्री दुबे का मानना है कि हर बच्चा विशेष है। उनके नेतृत्व में स्कूल ने न केवल पढ़ाई में बल्कि खेल, कला और सांस्कृतिक गतिविधियों में भी उत्कृष्ट परिणाम हासिल किए हैं। “हमारे बच्चों की छोटी-छोटी सफलताएं ही हमारी असली उपलब्धि हैं,” कहते हैं प्राचार्य महोदय।
सम्मान समारोह की यादें
EGN एजुकेशन लीडरशिप समिट में यह सम्मान उन्हें मिला। समिट में देशभर के शिक्षा विशेषज्ञ और प्रख्यात शिक्षक मौजूद थे। पुरस्कार पाते ही श्री दुबे की आंखों में चमक और चेहरे पर मुस्कान साफ दिखाई दी। उनका कहना था, “यह पुरस्कार केवल मेरा नहीं है, बल्कि पूरे विद्यालय परिवार का है।”
विद्यालय परिवार की खुशी
विद्यालय के शिक्षक, अभिभावक और विद्यार्थी इस उपलब्धि से उत्साहित हैं। एक छात्रा ने कहा कि प्राचार्य सर हमेशा हमारे लिए प्रेरणा हैं। यह पुरस्कार देखकर हमें गर्व महसूस हो रहा है। प्राचार्य दुबे का यह सम्मान न केवल उनके व्यक्तिगत प्रयास का प्रतीक है, बल्कि यह शिक्षा के क्षेत्र में मेहनत, अनुशासन और समर्पण की कहानी भी बयां करता है।
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