अपनी मनपसंद भाषा में पढ़ें :
Pakur (Jaydev Kumar) : पाकुड़ के हलचल भरे परिसदन में कांके विधायक और अनुसूचित जाति, जनजाति, अल्पसंख्यक एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण समिति के सदस्य सुरेश कुमार बैठा अपने लोगों के बीच खड़े थे। हाथ में बैनर और झंडे, उनकी आंखों में जोश और संकल्प झलक रहा था।सुरेश बैठा ‘वोट चोर-गद्दी छोड़’ अभियान के तहत पाकुड़ पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि यह केवल एक हस्ताक्षर अभियान नहीं, बल्कि लोकतंत्र को बचाने की लड़ाई है।
राष्ट्रव्यापी ‘वोट चोर-गद्दी छोड़’ अभियान की धूम
15 सितंबर से 15 अक्तूबर तक चलने वाला यह अभियान पूरे देश में जोर पकड़ चुका है। केंद्रीय नेतृत्व ने झारखंड प्रदेश कांग्रेस को 25 लाख हस्ताक्षर AICC तक पहुंचाने का लक्ष्य दिया है। सुरेश बैठा और उनकी टीम ने इसे सिर्फ कागजों तक सीमित नहीं रखा। वे सीधे लोगों के घरों तक पहुंच रहे हैं, उन्हें वोट चोरी के खतरों से अवगत कर रहे हैं और लोकतंत्र के महत्व को समझा रहे हैं।
जन-सहभागिता और उत्साह
स्थानीय लोग उत्साह के साथ अभियान का समर्थन कर रहे हैं। बैनर, पोस्टर और झंडों के बीच सुरेश बैठा की टीम हर गली, मोहल्ला और बाजार में पहुंच रही है। लोग सवाल पूछते हैं, चर्चा करते हैं और हस्ताक्षर अभियान में शामिल होकर लोकतंत्र की रक्षा का हिस्सा बनते हैं।
राहुल गांधी की पहल को मिली शक्ति
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यह अभियान न्याय योद्धा राहुल गांधी की पहल का परिणाम है। उनके नेतृत्व में पार्टी का हर सदस्य घर-घर जाकर जागरूकता फैलाने का काम कर रहा है। सुरेश बैठा ने कहा कि लोकतंत्र तभी सुरक्षित रहेगा जब हर नागरिक जागरूक और सतर्क हो।
लोकतंत्र की आवाज़ को बुलंद करना
यह अभियान केवल वोट चोरी के खिलाफ नहीं है। यह एक संदेश है कि लोकतंत्र में हर व्यक्ति की भागीदारी महत्वपूर्ण है। सुरेश बैठा की टीम इसे जन-जागरण और सामूहिक जिम्मेदारी का उदाहरण बनाती दिख रही है। जैसे-जैसे हस्ताक्षर बढ़ रहे हैं, लोगों में भी लोकतंत्र के प्रति विश्वास और सुरक्षा की भावना बढ़ रही है।
इसे भी पढ़ें : नक्सलियों का आतंकी खेल, ठप कर डाला इस इलाके का मोबाइल नेटवर्क… जानें कैसे

