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Ramgarh (Dharmendra Pradhan) : रामगढ़ कॉलेज के पास पंचवटी के पीछे रविवार को एक मुर्गी फार्म में करीब 7 फीट लंबा अजगर घुस गया। अजगर को देखकर फार्म में मौजूद लोगों के बीच अफरा-तफरी मच गई। कुछ ही देर में आसपास के लोग भी मौके पर जमा हो गए। बताया गया कि अजगर फार्म में तीन मुर्गियों को अपना शिकार बना चुका था। इसके बाद लोगों ने बिना कोई जोखिम उठाए वन विभाग को इसकी सूचना दी।
सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। विभागीय निगरानी में सांपों के रेस्क्यू का अनुभव रखने वाले रंजीत गुप्ता ने अजगर को पकड़ने की तैयारी शुरू की। काफी सावधानी के साथ अजगर को काबू में लिया गया। करीब 7 फीट लंबे इस अजगर की उम्र लगभग दो साल बताई जा रही है। रेस्क्यू के बाद उसे आबादी वाले इलाके से दूर सुरक्षित वन क्षेत्र में छोड़ने की प्रक्रिया अपनाई गई।

दस साल से सांपों को बचा रहे रंजीत, दो बार कोबरा ने भी डंसा
रामगढ़ के नेहरू रोड स्थित शिवालय मंदिर के पास रहने वाले रंजीत गुप्ता पिछले करीब 10 साल से सांपों को सुरक्षित पकड़ने और उन्हें जंगल में छोड़ने के काम में जुटे हैं। जिले में जब भी किसी घर, खेत या दूसरे स्थान पर सांप निकलने की सूचना मिलती है, तो वह वन विभाग के साथ मिलकर उसके रेस्क्यू में मदद करते हैं।
रंजीत के मुताबिक इन वर्षों में उन्होंने झारखंड में पाई जाने वाली कई तरह की सांपों की प्रजातियों का रेस्क्यू किया है। कितने सांपों को अब तक सुरक्षित पकड़ा, इसकी गिनती उनके पास नहीं है। उनके लिए हर रेस्क्यू में सबसे जरूरी बात सांप और आसपास मौजूद लोगों की सुरक्षा होती है।
यह काम कितना जोखिम भरा है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि रेस्क्यू के दौरान रंजीत को दो बार कोबरा ने डंसा है। एक बार ब्लैक कोबरा और दूसरी बार ब्राउन कोबरा ने उन्हें डंसा था। इलाज के बाद ठीक होने पर उन्होंने सांपों को बचाने का काम बंद नहीं किया। उनका कहना है कि सांप को देखकर घबराने के बजाय सावधानी बरतना ज्यादा जरूरी है।
वन विभाग की निगरानी में हुआ रेस्क्यू, सुरक्षित जंगल में छोड़ा गया अजगर
अजगर के रेस्क्यू के दौरान वन विभाग की टीम में यशवंत कुमार और शंकर उरांव मौजूद रहे। टीम ने पूरे अभियान पर नजर रखी और रंजीत गुप्ता के अनुभव का सहयोग लिया। सावधानी से अजगर को पकड़े जाने के बाद उसे सुरक्षित रखा गया।
इसके बाद विभागीय निर्देश और निगरानी में अजगर को घने और सुरक्षित वन क्षेत्र में छोड़ने की प्रक्रिया अपनाई गई। इसका मकसद उसे उसके प्राकृतिक वातावरण में वापस पहुंचाना था, ताकि वह आबादी वाले इलाके से दूर रह सके।
वन विभाग और रेस्क्यू टीम की अपील है कि किसी भी घर, खेत या फार्म में सांप दिखाई देने पर लोग उसे मारने या खुद पकड़ने की कोशिश न करें। सांप को घेरने या छेड़ने से वह खुद को खतरे में समझकर हमला कर सकता है। ऐसे में लोगों को सुरक्षित दूरी बनाकर वन विभाग को सूचना देनी चाहिए।
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