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Ramgarh (Dharmendra Pradhan, Bhurkunda) : भुरकुंडा रीवर साइड के बुधबाजार दोतल्ला पंचायत की मुखिया सत्यवंती देवी का कलेजा उस समय दरक गया जब उन्होंने राजकीय कन्या मध्य विद्यालय की दरकी दीवारों और टूटी छत को देखा। बच्चों की पढ़ाई और उनकी सुरक्षा को लेकर उनका गहरा डर और चिंता ने उन्हें डीसी के जरिये मुख्यमंत्री को पत्र सौंपने तक मजबूर कर दिया।
राजकीय कन्या मध्य विद्यालय भुरकुंडा के अधिकांश कक्षाएं 50 साल पुराने और टूट-फूट के शिकार भवनों में हैं। मूल भवन सेंट्रल कोलफील्ड लिमिटेड द्वारा बनाए गए थे, जबकि बाद में शिक्षा विभाग ने जो निर्माण किया, वह भी अब खतरनाक स्थिति में पहुंच चुका है।मुखिया सत्यवंती देवी ने पत्र में बताया कि पिछले महीने एक छात्र जर्जर भवन की छत गिरने से गंभीर रूप से घायल हो गया, उसका सिर फट गया और उसे 10 टांके लगाने पड़े। उन्होंने चिंता जताई कि “हमारे बच्चे सुरक्षित नहीं हैं, लेकिन उनके लिए कोई सुरक्षित जगह भी नहीं है।”
स्कूल में जो कमरे थोड़े सुरक्षित हैं, उनमें भी चार-चार कक्षा के छात्र एक साथ पढ़ाई कर रहे हैं। इस भीड़भाड़ में न सिर्फ पढ़ाई प्रभावित होती है, बल्कि बच्चों की जान भी खतरे में रहती है। स्कूल में बच्चों के लिए मध्याह्न भोजन की उचित व्यवस्था भी नहीं है, खासकर बरसात और गर्मी के दिनों में। मुखिया ने बताया कि विद्यालय प्रबंधन समिति पहले भी कई बार जिला शिक्षा पदाधिकारी और समग्र शिक्षा अभियान के जिला कार्यक्रम पदाधिकारी से मदद मांग चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। इस ज्ञापन के माध्यम से सत्यवंती देवी ने प्रशासन से नए भवन और भोजन शेड का निर्माण जल्दी कराने की अपील की है।
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