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Hazaribagh (Badkagaon) : हरली गांव की सुबह अब पहले जैसी नहीं रही। जहां कभी रोजगार की तलाश में बाहर जाने की मजबूरी थी, वहीं अब कई घरों में उम्मीद की नई शुरुआत हो रही है। बड़कागांव प्रखंड के इसी हरली गांव में संचालित अदाणी स्किल डेवलपमेंट सेंटर ने स्थानीय युवाओं के जीवन की दिशा बदलनी शुरू कर दी है। यहां आने वाले लड़के और लड़कियां सिर्फ ट्रेनिंग लेने नहीं आते, बल्कि अपने भविष्य को संवारने का सपना लेकर पहुंचते हैं। किसी के मन में पहली नौकरी की उम्मीद होती है, तो कोई अपने परिवार की माली हालत दुरुस्त करने का रास्ता तलाश रहा होता है।
तीन महीने की ट्रेनिंग, सालों का भरोसा
डेटा एंट्री ऑपरेटर और सहायक इलेक्ट्रिशियन जैसे कोर्स तीन महीने में पूरे कराए जाते हैं। इस छोटे से समय में युवाओं को न केवल तकनीकी ज्ञान दिया जाता है, बल्कि काम करने का आत्मविश्वास भी पैदा किया जाता है। क्लासरूम में कंप्यूटर पर टाइप करते युवा हों या वायरिंग सीखते प्रशिक्षार्थी, हर चेहरा एक बेहतर कल की कहानी कहता है। केंद्र में पढ़ाने वाले प्रशिक्षक बताते हैं कि यहां आने वाले कई युवाओं ने पहले कभी कंप्यूटर नहीं छुआ था। आज वही युवा आत्मविश्वास के साथ असेसमेंट देते हैं और नौकरी के इंटरव्यू का सामना करते हैं।

नौकरी की पहली पर्ची और परिवार की खुशी
धर्मेंद्र कुमार जब पहली बार हजारीबाग के सदर अस्पताल में नौकरी पर गए, तो उनके परिवार की आंखों में खुशी साफ झलक रही थी। इसी तरह स्नेहा कुमारी आज आरोग्यम अस्पताल में जॉब कर रही हैं। वह कहती हैं कि इस ट्रेनिंग ने उन्हें अपने पैरों पर खड़ा होने का मौका दिया। ऐसी ही कई कहानियां हैं, जहां गांव के साधारण परिवारों से निकले युवा आज सम्मानजनक काम कर रहे हैं। कुछ ने निजी संस्थानों में नौकरी पाई, तो कुछ ने सरकारी परीक्षाओं में सफलता हासिल की।
आंकड़ों से आगे, बदलती जिंदगी की तस्वीर
अब तक 448 से अधिक लड़के-लड़कियां इस केंद्र से प्रशिक्षण ले चुके हैं। इनमें से 47 युवाओं को वेतन वाला काम मिला है। ये सिर्फ आंकड़े नहीं हैं, बल्कि उन परिवारों की कहानी हैं जहां अब आमदनी का स्थायी साधन बना है। हाल ही में डेटा एंट्री ऑपरेटर बैच का फाइनल असेसमेंट हुआ। 53 प्रशिक्षार्थियों ने परीक्षा दी। शांत माहौल, कंप्यूटर स्क्रीन पर टिकी निगाहें और मन में भविष्य की उम्मीद, पूरा माहौल मेहनत और भरोसे से भरा नजर आया।

आज भी खुले हैं नए सपनों के दरवाजे
अदाणी स्किल डेवलपमेंट सेंटर में नए सत्र के लिए नामांकन जारी है। हरली, बड़कागांव और आसपास के गांवों के युवा आज भी यहां पहुंच रहे हैं, इस विश्वास के साथ कि हुनर उन्हें रोजगार तक जरूर ले जाएगा।
गांव के साथ बढ़ता भरोसा
अदाणी फाउंडेशन सिर्फ स्किल ट्रेनिंग तक सीमित नहीं है। शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण और सामुदायिक विकास के क्षेत्र में भी लगातार काम हो रहा है। स्वास्थ्य जांच शिविर, करियर मार्गदर्शन और स्वयं सहायता समूहों के जरिए महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की कोशिशें जारी हैं।

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