Close Menu
News SamvadNews Samvad
  • होम
  • देश
  • दुनिया
  • झारखंड
  • बिहार
  • बिजनेस
  • स्पोर्ट्स
  • राशिफल
Facebook X (Twitter) Instagram
Sunday, 13 September, 2026 • 12:35 am
  • About Us
  • Contact Us
  • Privacy Policy
  • AdSense Policy
  • Terms and Conditions
Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest Vimeo
News SamvadNews Samvad
  • HOME
  • INDIA
  • WORLD
  • JHARKHAND
    • RANCHI
  • BIHAR
  • UP
  • SPORTS
  • HOROSCOPE
  • CAREER
  • HEALTH
  • MORE…
News SamvadNews Samvad
  • होम
  • देश
  • दुनिया
  • झारखंड
  • बिहार
  • बिजनेस
  • स्पोर्ट्स
  • राशिफल
Home » अनलॉक शिक्षण संस्थानों को बंद रखना दुर्भाग्यपूर्ण: ओम श्री मेहता
झारखंड

अनलॉक शिक्षण संस्थानों को बंद रखना दुर्भाग्यपूर्ण: ओम श्री मेहता

July 2, 2021No Comments2 Mins Read
Share Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Telegram WhatsApp Email
Follow Us
Google News Flipboard Facebook X (Twitter)
Share
Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Telegram WhatsApp Email
WhatsApp Group जुड़ने के लिए क्लिक करें 👉 Join Now

अपनी मनपसंद भाषा में पढ़ें :

इचाक। कोविड संक्रमण के आड़ में शिक्षा व्यवस्था को ध्वस्त करने एवं इससे जुड़े लोगों से संबंधित अहितकारी निर्णय लेने के रूप में सरकार की छवि स्थापित होती जा रही है। सरकार अन्य सभी क्षेत्रों रेस्टोरेंट, सिनेमा हॉल, बैंक्वेट हॉल, स्टेडियम आदि को खोलने पर सकारात्मक निर्णय लेती है परंतु जब बात शिक्षा क्षेत्र से जुड़े विद्यालय, महाविद्यालय एवं कोचिंग संस्थानों की आती है तो सरकार नकारात्मक हो जाती है। उक्त बातें समाजसेवी एवम् धनलक्ष्मी पुस्तक सदन नगवां एयरपोर्ट हजारीबाग प्रोप्राइटर ओम श्री मेहता ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कही है।

ओम श्री मेहता ने कहा कि अनलॉक के बीच विद्यालय, महाविद्यालय एवं कोचिंग संस्थानों बंद रखना दुर्भाग्यपूर्ण है। जब विवाहों में 50 लोगों के शामिल होने की छूट दी जा सकती है, सिनेमा हॉल में युवा सिनेमा देखने जा सकते हैं, स्टेडियम में युवा खेल अभ्यास कर सकते हैं, युवा 10 से 08 के बीच बाजारों, दुकानों से शॉपिंग कर सकते है, बसों में बैठकर एक जिले से दूसरे जिले में जा सकते हैं तो क्या अपनी आधी क्षमता के साथ अल्टरनेट डे के हिसाब से छात्र- छात्राओं के साथ विद्यालय, महाविद्यालय एवं कोचिंग संस्थान कार्य नही कर सकते, इसका जवाब सरकार को देना चाहिए।बीते 15 महीनों से संक्रमण एवं लॉक- अनलॉक के बीच सबसे ज्यादा नुकसान किसी का हुआ है तो वो है हमारे छात्र- छात्राएं, युवा एवं शिक्षा जगत से जुड़े लोग। सरकार अनलॉक से जुड़े निर्णय विभिन्न सेक्टरों को ध्यान में रख कर लेती है, परन्तु हर बार सरकार के निर्णय एजुकेशन सेक्टर के विपरीत होते हैं, छात्र- छात्राओं, युवाओं के भविष्य के विपरीत होते हैं। ओम श्री मेहता मांग करते है कि सरकार कम से कम वर्तमान में विद्यालयों में 01 से 10वीं कक्षा, महाविद्यालयों में इंटरमीडिएट, स्नातक, स्नातकोत्तर की कक्षा एवं निजी कोचिंग संस्थानों को 50 प्रतिशत क्षमता के साथ प्रारम्भ करे।

auto
Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Telegram WhatsApp Email
Previous Articleसड़क निर्माण में को लेकर 10 किलोमीटर तक ग्रामीण बनाएंगे मानव श्रृंखला
Next Article आजादी के 77 साल बीत जाने के बाद भी सड़क के बिना जूझ रहे थे ग्रामीण, श्रमदान कर ग्रामीणों ने बनाया सड़क

Related Posts

Headlines

अमित शाह से मिले राष्ट्रीय मंत्री डॉ प्रदीप वर्मा, बोले- शीर्ष नेतृत्व का मार्गदर्शन ही कार्यकर्ताओं की ताकत

September 12, 2026
Headlines

तारीखों की भूलभुलैया नहीं, अदालत ने मुकदमों के बोझ तले दबे चेहरों पर बिखेर दी राहत की धूप

September 12, 2026
Headlines

महज ₹9000 के लिए राजन को मार नदी में बहाई थी लाश, DSP खोल गये राज… जानें

September 12, 2026
Advertisement
auto
  • Facebook
  • Twitter
  • Telegram
  • WhatsApp

Latest Post

राशिफल @ 13 सितंबर 2026… आज क्या कहता है आपका भाग्य… जानें

September 13, 2026

10वीं पास से ग्रेजुएट तक के लिए नौकरी का मौका, 1000 से ज्यादा पदों पर Vacancy

September 12, 2026

अमित शाह से मिले राष्ट्रीय मंत्री डॉ प्रदीप वर्मा, बोले- शीर्ष नेतृत्व का मार्गदर्शन ही कार्यकर्ताओं की ताकत

September 12, 2026

तारीखों की भूलभुलैया नहीं, अदालत ने मुकदमों के बोझ तले दबे चेहरों पर बिखेर दी राहत की धूप

September 12, 2026

महज ₹9000 के लिए राजन को मार नदी में बहाई थी लाश, DSP खोल गये राज… जानें

September 12, 2026
© 2026 News Samvad. Designed by Launching Press.

Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.