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Ramgarh (Dharmendra Pradhan, Bhurkunda) : भुरकुंडा का सुंदरनगर मुहल्ला रविवार को उम्मीद, सम्मान और अपनापन महसूस कराने वाला एक छोटा सा संसार बन गया। कारण थे रामगढ़ के डीसी फैज अक अहमद मुमताज, जो औपचारिक दफ्तरों से बाहर निकलकर सीधे किन्नर समाज के घर पहुंच गए। यह मुलाकात किसी सरकारी कार्यक्रम का हिस्सा नहीं थी। न मंच था, न भाषण। था तो बस आमने-सामने बैठकर हालचाल पूछने का मानवीय भाव।
समस्याएं रखीं, भरोसा मिला
डीसी फैज ने किन्नर समाज के लोगों से उनके जीवन, संघर्ष और रोजमर्रा की परेशानियों के बारे में बात की। किन्नरों ने भी खुलकर अपनी बातें रखीं। आधार कार्ड, राशन कार्ड और सरकारी योजनाओं का लाभ मिलने में आ रही दिक्कतों को उन्होंने सहजता से साझा किया। किन्नर समाज के लोगों ने बताया कि कई बार पहचान के अभाव में वे योजनाओं से दूर रह जाते हैं। उनकी बातें सुनते हुए उपायुक्त ने न सिर्फ ध्यान से सुना, बल्कि समाधान का भरोसा भी दिया। यह भरोसा शब्दों से ज्यादा उनके व्यवहार में झलक रहा था।
कंबल नहीं, सम्मान का तोहफा
मुलाकात के दौरान डीसी ने किन्नर समाज के लोगों को 15-15 कंबल और शॉल भेंट किए। यह सिर्फ कंबल नहीं थे, बल्कि ठंड में सुकून और समाज में स्वीकार्यता का प्रतीक थे। कंबल मिलते ही माहौल बदल गया। ढोल की थाप गूंजी, पारंपरिक गीतों की धुन बिखरी और पूरा घर संगीत से भर गया। खुशियों के उस पल में किन्नर समाज ने अपने अंदाज में उपायुक्त को आशीर्वाद दिया। उन आशीर्वादों में केवल शब्द नहीं थे, बल्कि वर्षों की उपेक्षा के बाद मिले सम्मान की गहराई थी। प्रशासन जब दरवाजे पर खुद आकर पूछता है, तो भरोसा अपने आप जन्म लेता है।
प्रकृति के बीच कुछ सुकून के पल
इसके बाद डीसी फैज पतरातू डैम पहुंचे, जहां कुछ पल उन्होंने प्रकृति के सान्निध्य में बिताए। लेकिन सुंदरनगर में बिताया गया समय, शायद उनके दौरे का सबसे मानवीय और यादगार हिस्सा बन गया। इस मौके पर पतरातू के बीडीओ मनोज कुमार गुप्ता, सुंदरनगर पंचायत के मुखिया ब्यास पांडेय सहित अन्य लोग भी मौजूद थे। यह मुलाकात एक संदेश छोड़ गई कि शासन तभी प्रभावी होता है, जब वह समाज के हर वर्ग तक सम्मान के साथ पहुंचे।
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