अपनी मनपसंद भाषा में पढ़ें :
Pakur (Jaydev Kumar) : रात के करीब दस बजे का वक्त। कूड़ापाड़ा की गलियों में आम दिनों की तरह सन्नाटा नहीं था। रंग-बिरंगी लाइटों से सजा पंडाल, ढोल की हल्की थाप और कैमरे के पीछे खड़ी टीम। “एक्शन” की आवाज गूंजते ही पूरा माहौल बदल जाता है। यह “बंधुआ विहार 2” की शूटिंग का सीन है, लेकिन यहां सिर्फ एक वेब सीरीज नहीं बन रही, यहां कई युवाओं के सपने भी आकार ले रहे हैं।
शादी का सीन, असली जैसा माहौल
लीड किरदार दिशा कुमारी की शादी का दृश्य फिल्माया जा रहा था। दुल्हन के जोड़े में सजी दिशा जब मंडप में पहुंचीं तो आसपास खड़े लोगों ने सचमुच तालियां बजा दीं। कुछ महिलाएं आपस में कहती दिखीं, “लग ही नहीं रहा शूटिंग है, असली शादी लग रही है।”
स्थानीय लोगों को पहली बार इतने करीब से कैमरा, लाइट और टेक्निकल टीम को काम करते देखने का मौका मिला। बच्चे मोबाइल में वीडियो बना रहे थे, बुजुर्ग चुपचाप कुर्सी पर बैठकर पूरा दृश्य देख रहे थे।
छोटे शहर के बड़े सपने
इस वेब सीरीज की खास बात यह है कि इसमें पाकुड़ के कई स्थानीय कलाकारों को मौका मिला है। अर्घो, कुसुम, निशा, लक्ष्मी, प्रीति और आकाश जैसे नाम अब सिर्फ मोहल्ले तक सीमित नहीं रहेंगे। अर्घो बताते हैं कि पहले वे सिर्फ सोशल मीडिया पर छोटे वीडियो बनाते थे। अब प्रोफेशनल कैमरे के सामने खड़े होने का मौका मिला है। वे कहते हैं, “पहले लगता था ऐसे मौके सिर्फ बड़े शहरों में मिलते हैं, अब अपने शहर में मिल रहे हैं।” कुसुम, जो पहली बार कैमरे के सामने आई हैं, मानती हैं कि शुरुआत में घबराहट थी। लेकिन टीम ने समझाया, सिखाया और भरोसा दिया। “अब लग रहा है कि हम भी कुछ कर सकते हैं,” वे मुस्कुराते हुए कहती हैं।
अपने शहर को पहचान दिलाने की कोशिश
वेब सीरीज के डायरेक्टर अंकित आनंद खुद पाकुड़ के निवासी हैं। वे कहते हैं कि बाहर काम करते हुए उन्हें हमेशा लगता था कि उनके शहर में भी कहानियां हैं, चेहरे हैं, लोकेशन हैं, बस प्लेटफॉर्म नहीं है। उनका मानना है कि अगर यहां की प्राकृतिक खूबसूरती और लोकल टैलेंट को सही तरीके से दिखाया जाए तो राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिल सकती है। इसी सोच के साथ “बंधुआ विहार 2” की पूरी शूटिंग जिले के अलग-अलग इलाकों में की जा रही है।
बाहर से आए कलाकार, लोकल टीम के साथ तालमेल
दिल्ली, नोएडा, वाराणसी और रांची से आए कलाकार भी पाकुड़ के माहौल से प्रभावित दिखे। लीड एक्टर कुशाल तिवारी ने कहा कि छोटे शहरों में शूटिंग का अनुभव अलग होता है। यहां लोग ज्यादा अपनापन दिखाते हैं। टीम के दूसरे कलाकारों ने भी माना कि लोकल टीम का सहयोग शूटिंग को आसान बना रहा है। भाषा और संस्कृति को समझने में स्थानीय कलाकारों की बड़ी भूमिका है।
पाकुड़ में “बंधुआ विहार 2” की शूटिंग जोरों पर, कूड़ापाड़ा में फिल्माया गया शादी का अहम सीन। स्थानीय कलाकारों को मिला बड़ा मौका, ओटीटी रिलीज से जिले को राष्ट्रीय पहचान मिलने की उम्मीद। क्या बोल गये डायरेक्टर अंकित आनंद, दिशा कुमारी और ज्योति गुप्ता… देखें pic.twitter.com/FFnFmEpKZX
— News Samvad (@newssamvaad) February 26, 2026
सिर्फ शूटिंग नहीं, उम्मीद की कहानी
शूटिंग खत्म होने के बाद भी लोग देर तक वहीं खड़े रहे। कोई कलाकारों के साथ फोटो खिंचवा रहा था, तो कोई अगले दिन की शूटिंग के बारे में पूछ रहा था। पाकुड़ के लिए यह सिर्फ मनोरंजन नहीं है। यह एक भरोसा है कि छोटे शहरों की कहानियां भी बड़े मंच तक पहुंच सकती हैं। यह उन युवाओं के लिए संदेश है जो अब तक सोचते थे कि अभिनय या फिल्म की दुनिया उनसे दूर है। “बंधुआ विहार 2” जब ओटीटी पर रिलीज होगी, तो दर्शक सिर्फ एक कहानी नहीं देखेंगे। वे उन चेहरों को देखेंगे जिनकी जड़ें पाकुड़ की मिट्टी में हैं।
इसे भी पढ़ें : बालू माफियाओं का दुस्साहस, डीटीओ और टीम पर किया हमला… देखें वीडियो



