अपनी मनपसंद भाषा में पढ़ें :
News Samvad : अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन (AHA) और अमेरिकन कॉलेज ऑफ कार्डियोलॉजी (ACC) ने हाई ब्लड प्रेशर (हाइपरटेंशन) की नई गाइडलाइन जारी की है। यह छह साल बाद किया गया बड़ा बदलाव है।
दुनिया में करोड़ों मरीज
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार दुनियाभर में करीब 128 करोड़ लोग हाई ब्लड प्रेशर के मरीज हैं। इनमें से ज्यादातर लोग भारत जैसे कम और मध्यम आय वाले देशों में रहते हैं। WHO इसे साइलेंट किलर कहता है, क्योंकि शुरू में इसके लक्षण साफ नजर नहीं आते।
नई गाइडलाइन में क्या बदला?
सभी वयस्कों का ब्लड प्रेशर 130/80 mmHg से नीचे होना चाहिए।
प्रेग्नेंसी में बीपी बढ़ना मां और बच्चे दोनों के लिए खतरनाक है, इसलिए समय-समय पर जांच जरूरी।
हाई बीपी से दिमाग की नसें प्रभावित होती हैं और डिमेंशिया व स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है।
PREVENT कैलकुलेटर से अब हार्ट का 10–30 साल का रिस्क पता लगाया जाएगा।
इलाज के साथ-साथ लाइफस्टाइल सुधार पर सबसे ज्यादा जोर।
हाई बीपी के कारण
ज्यादा नमक और शराब का सेवन
तनाव, स्मोकिंग और कम एक्सरसाइज
मोटापा, डायबिटीज और थायरॉइड
फैमिली हिस्ट्री और बढ़ती उम्र
क्या करें?
रोजाना बीपी चेक करें।
वजन कम करें और नमक-तेल का सेवन घटाएं।
फल, सब्जियां और साबुत अनाज वाली DASH डाइट अपनाएं।
जरूरत पड़ने पर डॉक्टर की सलाह से दवाएं लें।
विशेषज्ञ कहते हैं कि हाई ब्लड प्रेशर हार्ट अटैक और स्ट्रोक का सबसे बड़ा कारण है, लेकिन समय पर जांच और अच्छी आदतों से इसे रोका जा सकता है।
इसे भी पढ़ें : झारखंड में ट्रांसजेंडरों के लिए बड़ा कदम, CS ने दिये यह निर्देश

