Close Menu
News SamvadNews Samvad
  • होम
  • देश
  • दुनिया
  • झारखंड
  • बिहार
  • बिजनेस
  • स्पोर्ट्स
  • राशिफल
Facebook X (Twitter) Instagram
Saturday, 14 March, 2026 • 01:31 am
  • About Us
  • Contact Us
  • Privacy Policy
  • AdSense Policy
  • Terms and Conditions
Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest Vimeo
News SamvadNews Samvad
  • HOME
  • INDIA
  • WORLD
  • JHARKHAND
    • RANCHI
  • BIHAR
  • UP
  • SPORTS
  • HOROSCOPE
  • CAREER
  • HEALTH
  • MORE…
News SamvadNews Samvad
  • होम
  • देश
  • दुनिया
  • झारखंड
  • बिहार
  • बिजनेस
  • स्पोर्ट्स
  • राशिफल
Home » 14 जनवरी को ही क्यों मनाई जाती है मकर संक्रांति, वजह जानकर चौंक जाएंगे
अन्य खबरें

14 जनवरी को ही क्यों मनाई जाती है मकर संक्रांति, वजह जानकर चौंक जाएंगे

January 10, 2026No Comments3 Mins Read
Share Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Telegram WhatsApp Email
Follow Us
Google News Flipboard Facebook X (Twitter)
संक्रांति
Share
Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Telegram WhatsApp Email
WhatsApp Group जुड़ने के लिए क्लिक करें 👉 Join Now

अपनी मनपसंद भाषा में पढ़ें :

News Samvad : भारत में 14 जनवरी को मकर संक्रांति का त्योहार बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है। यह त्योहार अलग-अलग राज्यों में अलग नामों से जाना जाता है।

बिहार और उत्तर प्रदेश में इसे खिचड़ी पर्व कहा जाता है। गुजरात और राजस्थान में उत्तरायण, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु में पोंगल, महाराष्ट्र और तेलंगाना में मकर संक्रांति, असम में भोगली बिहू और पंजाब में लोहड़ी के नाम से यह पर्व मनाया जाता है।

Advertisement Advertisement

मकर संक्रांति क्यों मनाई जाती है

मकर संक्रांति एक हिंदू पर्व है जो सूर्य की गति से जुड़ा हुआ है। इस दिन सूर्य धनु राशि से निकलकर मकर राशि में प्रवेश करता है। इसी कारण इसे मकर संक्रांति कहा जाता है।

यह एकमात्र ऐसा हिंदू त्योहार है जो सौर कैलेंडर के अनुसार मनाया जाता है। यह दिन नई फसल के मौसम की शुरुआत का भी संकेत देता है, इसलिए किसानों के लिए इसका विशेष महत्व होता है।

धार्मिक मान्यता के अनुसार यह पर्व अंधकार से प्रकाश की ओर बढ़ने, नकारात्मकता को छोड़कर सकारात्मक जीवन अपनाने और नए समय की शुरुआत का प्रतीक माना जाता है।

मकर संक्रांति को उत्तरायण क्यों कहा जाता है

इस दिन से सूर्य उत्तर दिशा की ओर अपनी यात्रा शुरू करता है, जिसे उत्तरायण कहा जाता है। इसके बाद धीरे-धीरे ठंड कम होने लगती है और दिन बड़े तथा रातें छोटी होने लगती हैं।

दिन को प्रकाश और ज्ञान का प्रतीक माना जाता है, जबकि रात को अंधकार और अज्ञान का। इसलिए मकर संक्रांति को जीवन में अच्छे विचार, सही रास्ता और सकारात्मक सोच अपनाने का संदेश देने वाला पर्व भी माना जाता है।

दही-चूड़ा क्यों खाया जाता है

मकर संक्रांति पर विशेष रूप से बिहार और उत्तर प्रदेश में दही-चूड़ा यानी दही और पोहा खाने की परंपरा है। इसे भगवान सूर्य का प्रिय भोग माना जाता है।

मान्यता है कि इस दिन सूर्य देव को दही-चूड़ा अर्पित करने से वे प्रसन्न होते हैं और परिवार पर अपनी कृपा बनाए रखते हैं। लोगों का विश्वास है कि दही-चूड़ा खाने से सौभाग्य बढ़ता है और जीवन में सुख-समृद्धि आती है।

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार भी इस दिन दही-चूड़ा खाने से ग्रह दोष कम होते हैं और सकारात्मक ऊर्जा मिलती है।

खिचड़ी दान और तिल खाने की परंपरा

मकर संक्रांति पर खिचड़ी का दान करना और स्वयं खाना बहुत शुभ माना जाता है। इसी वजह से बिहार और उत्तर प्रदेश में इसे खिचड़ी पर्व भी कहा जाता है।

इसके अलावा तिल और गुड़ से बने लड्डू और मिठाइयां भी खाई जाती हैं। माना जाता है कि तिल शरीर को गर्म रखता है और ठंड के मौसम में स्वास्थ्य के लिए लाभकारी होता है।

एक उद्देश्य, अलग-अलग परंपराएं

हालांकि देश के अलग-अलग हिस्सों में इस त्योहार को अलग नामों और तरीकों से मनाया जाता है, लेकिन इसका उद्देश्य एक ही है।

सूर्य देव की पूजा करना, नई फसल का स्वागत करना और जीवन में सुख, शांति और समृद्धि की कामना करना ही मकर संक्रांति का मुख्य संदेश है।

इसे भी पढ़ें : जदयू का बड़ा एक्शन, 12 नेता 6 साल के लिए निष्कासित

Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Telegram WhatsApp Email
Previous Articleजदयू का बड़ा एक्शन, 12 नेता 6 साल के लिए निष्कासित
Next Article जब कानून और कला ने मिलकर दिया नशामुक्ति का संदेश

Related Posts

अन्य खबरें

‘किंग’ बनी अभिषेक बच्चन के लिए गेम-चेंजर… जानें कैसे

March 13, 2026
अन्य खबरें

होली के बाद घर की सबसे बड़ी टेंशन खत्म, ऐसे चमकेंगे रंग से सराबोर पर्दे

March 3, 2026
अन्य खबरें

भारत में कब और कहां दिखेगा ‘ब्लड मून’, किस राशि पर क्या होगा असर… बता गए बनारस के पंडित अनुराग तिवारी

March 2, 2026
  • Facebook
  • Twitter
  • Telegram
  • WhatsApp

Latest Post

बंद पड़े खदान में ग्रामीणों को दिखा खौफनाक मंजर… जानें क्या

March 13, 2026

नवप्रोन्नत IAS अधिकारियों को मिली नयी जिम्मेदारी.. देखें लिस्ट

March 13, 2026

चुटुपालू घाटी में डरावना हादसा… जानें

March 13, 2026

अवैध खनन पर शिकंजा, बिना कागजात बालू ले जा रहा ट्रैक्टर जब्त

March 13, 2026

‘किंग’ बनी अभिषेक बच्चन के लिए गेम-चेंजर… जानें कैसे

March 13, 2026
Advertisement Advertisement
© 2026 News Samvad. Designed by Forever Infotech.

Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.