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Uttar Pradesh : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सोमवार को बागपत जनपद के भगवानपुर नांगल गांव स्थित शिव गोरखनाथ आश्रम पहुंचे। यहां आयोजित नव नाथ मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में उन्होंने हिस्सा लिया और पूजा अर्चना की। मुख्यमंत्री के पहुंचते ही पूरे परिसर में वंदे मातरम और जय श्रीराम के नारों से माहौल गूंज उठा। संत समाज और स्थानीय लोगों ने उनका जोरदार स्वागत किया।मुख्यमंत्री करीब पौने चार बजे हेलीपैड पहुंचे। वहां से वह सीधे शिव गोरखनाथ आश्रम पहुंचे। पूर्व सांसद डॉ. सतपाल सिंह भी उनके साथ मौजूद रहे। आश्रम पहुंचने पर संतों ने पारंपरिक तरीके से उनका स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने सबसे पहले मंदिर परिसर में घंटा बजाया और फिर नवनाथ मंदिर पहुंचे।
मंदिरों को तोड़ने वाले मिट गए, आस्था आज भी कायम
सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सनातन संस्कृति को खत्म करने की कोशिश करने वाले विदेशी आक्रांता खुद इतिहास से मिट गए। उन्होंने कहा कि जिन्होंने मंदिरों, मठों और तीर्थ स्थलों को तोड़ने का प्रयास किया, आज उनका कहीं नाम तक नहीं बचा, लेकिन सनातन की परंपरा आज भी मजबूती से खड़ी है।उन्होंने कहा कि भारत दुनिया का ऐसा देश है जिसने सदियों तक विदेशी आक्रमण झेले, लेकिन अपनी संस्कृति और आस्था को कभी टूटने नहीं दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन तीर्थ स्थलों को नष्ट करने की कोशिश की गई थी, वे आज फिर से पुनर्प्रतिष्ठित होकर लोगों की आस्था का केंद्र बने हुए हैं।
बागपत का महाभारत काल से जुड़ा इतिहास
मुख्यमंत्री ने बागपत की ऐतिहासिक और पौराणिक महत्ता का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि महाभारत काल में भगवान श्रीकृष्ण ने पांडवों के लिए कौरवों से जो पांच गांव मांगे थे, उनमें बागपत भी शामिल था। उन्होंने कहा कि आज यही बागपत देश और प्रदेश में अपनी अलग पहचान बना चुका है।सीएम ने कहा कि कुछ साल पहले जब वह यहां आए थे, तब यह स्थान काफी छोटा था। लेकिन स्थानीय लोगों और संतों के प्रयास से इसे भव्य तीर्थ स्थल के रूप में विकसित किया गया है। उन्होंने इस काम के लिए संत समाज और क्षेत्र के लोगों की सराहना की।
चौधरी चरण सिंह की कर्मभूमि है बागपत
मुख्यमंत्री ने कहा कि बागपत की धरती किसानों के मसीहा और पूर्व प्रधानमंत्री Chaudhary Charan Singh की कर्मभूमि रही है। इसी वजह से इस क्षेत्र की पहचान देश और दुनिया तक बनी हुई है। उन्होंने कहा कि यहां से कई महान व्यक्तित्व निकले हैं जिन्होंने अलग अलग क्षेत्रों में देश का नाम रोशन किया।उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार विकास और विरासत दोनों को साथ लेकर चल रही है। मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय लोकदल और Jayant Chaudhary का जिक्र करते हुए कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के साथ मिलकर क्षेत्र के विकास के लिए लगातार काम किया जा रहा है।
यज्ञ में दी पूर्णाहुति, समाधि स्थल पर टेका माथा
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने बाबा नवनाथ की समाधि पर पुष्प अर्पित किए और मंदिर में विधि विधान से पूजा की। यज्ञशाला में चल रहे यज्ञ में उन्होंने पूर्णाहुति भी दी। इस दौरान पंडित आचार्य सुनील गौतम ने मंत्रोच्चारण कराया।कार्यक्रम समाप्त होने के बाद मुख्यमंत्री ने समाधि स्थल पर माथा टेका और माता मंदिर में भी दर्शन किए। चादर विधि पूरी करने के बाद वह वापस रवाना हो गए।

