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Deoria (UP) : उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले में अधिवक्ता विजेंद्र सिंह की मौत का मामला अब पूरी तरह से प्रशासनिक कार्रवाई के केंद्र में आ गया है। सरकार ने इस पूरे प्रकरण को गंभीर मानते हुए बरहज के उप जिलाधिकारी विपिन कुमार द्विवेदी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। साथ ही उनके खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है। यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब इस घटना को लेकर स्थानीय स्तर पर पहले से ही तनाव और चर्चा का माहौल बना हुआ था।
बरहज तहसील के लक्ष्मीपुर गांव से जुड़ा है पूरा मामला
यह पूरा विवाद उत्तर प्रदेश के Deoria district, Uttar Pradesh के Berhaj तहसील के ग्राम लक्ष्मीपुर से जुड़ा हुआ है। बताया जा रहा है कि यहां राजस्व अभिलेखों में दर्ज नाली और नलकूप की जमीन पर पक्की सड़क निर्माण को लेकर विवाद खड़ा हुआ था। स्थानीय लोगों और प्रशासन के बीच इस जमीन के उपयोग को लेकर पहले से ही असमंजस की स्थिति बनी हुई थी। इसी दौरान मौके पर उप जिलाधिकारी विपिन कुमार द्विवेदी पहुंचते हैं और मामला और ज्यादा गरमा जाता है।
SDM और अधिवक्ता के बीच हुई तीखी बहस
घटनाक्रम के अनुसार, मौके पर अधिवक्ता विजेंद्र सिंह भी मौजूद थे। चर्चा के दौरान SDM और अधिवक्ता के बीच तीखी बहस हो गई। आरोप है कि बहस के दौरान एसडीएम की ओर से सख्त लहजे में टिप्पणी और फटकार की गई, जिससे माहौल और तनावपूर्ण हो गया। इसी दौरान अधिवक्ता की तबीयत अचानक बिगड़ गई।
बहस के कुछ ही देर बाद अधिवक्ता की मौत
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बहस के बाद अधिवक्ता विजेंद्र सिंह को बेचैनी महसूस हुई और वे वहीं गिर पड़े। उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। प्राथमिक तौर पर बताया गया कि उनकी मौत दिल का दौरा पड़ने से हुई है। हालांकि, घटना के हालात और मौके पर हुए तनाव को देखते हुए मामला और गंभीर हो गया।
घटना के बाद पूरे क्षेत्र में तनाव का माहौल
अधिवक्ता की मौत की खबर फैलते ही क्षेत्र में आक्रोश और तनाव फैल गया। स्थानीय अधिवक्ता संगठनों और ग्रामीणों ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। स्थिति को देखते हुए प्रशासन को तुरंत हस्तक्षेप करना पड़ा और माहौल को शांत कराने की कोशिश की गई।
तीन सदस्यीय जांच समिति की रिपोर्ट में गंभीर टिप्पणी
मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने एक तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की थी। इस समिति में वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों को शामिल किया गया था। जांच के दौरान मौके की परिस्थितियों, बयान और उपलब्ध तथ्यों का अध्ययन किया गया। रिपोर्ट में एसडीएम की भूमिका को प्रथम दृष्टया संदिग्ध माना गया और लापरवाही के संकेत दिए गए। इसी रिपोर्ट को आधार बनाकर आगे की कार्रवाई की सिफारिश की गई।
सरकार ने लिया सख्त फैसला, एसडीएम निलंबित
जांच रिपोर्ट मिलने के बाद प्रदेश सरकार ने तत्काल कार्रवाई करते हुए SDM विपिन कुमार द्विवेदी को निलंबित कर दिया है। साथ ही उनके खिलाफ नियम-7 के तहत विभागीय जांच के आदेश दिए गए हैं। जांच की जिम्मेदारी प्रयागराज मंडल के कमिश्नर को सौंपी गई है, जिन्हें जांच अधिकारी नामित किया गया है। निलंबन अवधि में SDM को राजस्व परिषद से संबद्ध किया गया है, जहां वे आगे की प्रक्रिया पूरी होने तक रहेंगे।
डीएम ने की निलंबन की पुष्टि
जिलाधिकारी Divya Mittal ने शनिवार को इस कार्रवाई की पुष्टि की। उन्होंने कहा कि मामले की जांच पूरी तरह निष्पक्ष तरीके से की जाएगी और जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।
मामला अभी भी जांच के दायरे में
हालांकि प्रशासनिक कार्रवाई शुरू हो चुकी है, लेकिन इस पूरे मामले में अभी अंतिम निष्कर्ष जांच रिपोर्ट के बाद ही सामने आएगा। फिलहाल जिला प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है और सभी पहलुओं की बारीकी से जांच की जा रही है।
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