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Ranchi : राजधानी रांची के पंडरा थाना में हुए भयंकर बवाल मामले में पुलिस ने आठ संदेही गुनहगारों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार लोगों में दो महिलाएं भी शामिल हैं। इन लोगों के नाम चंदन कुमार, महेश साव, दिनेश राय, कुणाल यादव, कुंदन कुमार यादव, अनमोल जायसवाल, मीणा देवी और प्रिया कुमारी बताये गये। इल्जाम है कि बीते शनिवार की देर शाम पंडरा ओपी में हुए बवाल और तोड़फोड़ में ये लोग भी शामिल थे। इस बात की जानकारी रांची के सिटी एसपी पारस राणा ने मीडिया के साथ साझा की।
सिटी एसपी पारस राणा ने मीडिया को बताया कि बीते 14 सितंबर को एक रोड एक्सीडेंट में उत्तम कुमार जख्मी हो गया था। उसने इलाज के दरम्यान 20 सितंबर को अस्पताल में उसने दम तोड़ दिया था। उसकी मौत की फैली खबर के बाद इलाके के लोगों का गुस्सा उबाल पर आ गया। करीब 400-500 लोग उत्तम की डेड बॉडी लेकर पंडरा थाना के बाहर मेन रोड पर प्रदर्शन करने लगे। इस दौरान रोड को पूरी तरह से जाम कर दिया। अचानक गुस्साए लोगों की भीड़ ने पंडरा ओपी पर ही धावा बोल दिया। थाना के अंदर घुसकर सबकुछ तहस-नहस कर दिया गया। कुर्सी-टेबल उलट दिये गये। थाना के दस्तावेज और रजिस्टर को फाड़ डाला। गोदरेज, खिड़की और दरवाजे में तोड़फोड़ की गयी। थाना परिसर में खड़ी पुलिस की गाड़ी टाटा सूमो को भी क्षतिग्रस्त कर दिया गया। थाना में मौजूद पुलिसकर्मियों के साथ धक्का-मुक्की और मारधाड़ की गयी। थानेदार मनीष कुमार को भी नहीं छोड़ा गया। भीड़ ने थानेदार पर वार किया, जिससे वे बेतरह जख्मी हो गये। लोगों का इल्जाम था कि पुलिस संदेही गुनहगारों को बचाती है। बाइक सवार उत्तम को धक्का मारने वाले टेलर के ड्राइवर और मालिक को खोज निकालने में पुलिस कोई दिलचस्पी नहीं ले रही।
थाना में हो रहे हंगामे के बीच कोतवाली DSP प्रकाश सोय मौके पर पहुंचे। अपने मातहत अधिकारियों और अन्य पुलिसकर्मियों के साथ उन्होंने भीड़ को समझाने-बुझाया की कोशिश की, पर भीड़ मानने को तैयार नहीं थी। इसके बाद DSP ने फोर्स का इस्तेमाल किया और मेन रोड को खाली करवाया। मामले में 30 नामजद और करीब 400-500 अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गयी। ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए पुलिस ने आठ लोगों को गिरफ्तार कर लिया, वहीं बाकी की धर-पकड़ के लिए छापेमारी की जा रही है।
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