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Ranchi : झारखंड की स्वास्थ्य व्यवस्था गुरुवार को एक नए पड़ाव पर पहुंच गई। राजधानी रांची स्थित झारखंड मंत्रालय का माहौल उस समय भावनाओं और उम्मीदों से भर गया, जब CM हेमंत सोरेन ने 160 नए डॉक्टरों को नियुक्ति पत्र सौंपते हुए उन्हें “धरती के भगवान” की उपाधि दी। उनके शब्दों में यह सिर्फ सरकारी नौकरी की शुरुआत नहीं थी, बल्कि संवेदना, सेवा और जिम्मेदारी की नई यात्रा का आगाज था। डॉक्टरों की आंखों में चमक और उत्साह था।
“आपकी संवेदनाएं धरातल पर दिखनी चाहिए”
सीएम हेमंत सोरेन ने नवनियुक्त डॉक्टरों से कहा… “आपने स्वास्थ्य के क्षेत्र को अपने करियर के रूप में चुना है। यह सिर्फ एक पेशा नहीं, बल्कि सेवा का व्रत है। गरीब और असहाय जनता की उम्मीदें आपसे जुड़ी हैं। मेरी अपेक्षा है कि आपकी संवेदनाएं सिर्फ किताबों या भाषणों तक सीमित न रहें, बल्कि धरातल पर दिखें। ताकि राज्य की हर बस्ती, हर गांव को इन सेवाओं का लाभ मिल सके।”
सीमित संसाधनों में बदलाव की चुनौती
CM हेमंत सोरेन ने साफ किया कि राज्य में संसाधनों की कमी जरूर है, लेकिन बदलाव की संभावनाएं अपार हैं। उन्होंने कहा…
“अगर इच्छाशक्ति हो, तो सीमित साधनों में भी बड़ा परिवर्तन संभव है। मरीज के लिए सिर्फ दवा नहीं, आपका व्यवहार, आपकी सेवा और संवेदना भी उतनी ही कारगर दवा है।”
समारोह में मौजूद स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने इसे ऐतिहासिक दिन बताते हुए कहा कि इन नए चिकित्सकों से ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य सेवाओं की तस्वीर बदलेगी।

समस्या हम पैदा कर रहे हैं, समाधान भी हमें ही निकालना है
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज नई-नई बीमारियां सामने आ रही हैं। लोग अलग-अलग बीमारियों से ग्रसित हो रहे हैं। मेरा मानना है कि स्वास्थ्य के क्षेत्र में ऐसी समस्याएं इंसान खुद ही पैदा करता है। ऐसे में इसका समाधान भी हम सभी को मिलकर करना है। मुख्यमंत्री ने इस सिलसिले में कोविड-19 का जिक्र करते हुए कहा कि इस बीमारी ने पूरी दुनिया को अपनी चपेट में ले लिया था। इस बीमारी की न कोई दवा थी और न ही कोई इलाज। लेकिन, हमारी सरकार बेहतर प्रबंधन के जरिए इस चुनौती से निपटने में कामयाब रही।
उत्कृष्ट कार्य करने वालों का होगा सम्मान
मुख्यमंत्री ने सुझाव दिया कि स्वास्थ्य विभाग हर साल उन डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों को सम्मानित करे, जिन्होंने कठिन परिस्थितियों में भी उल्लेखनीय काम किया है। उन्होंने कहा – सम्मान से मनोबल बढ़ता है। इससे डॉक्टर और भी प्रेरित होकर जनता की सेवा करेंगे।
160 डॉक्टरों को मिला अपॉइंटमेंट लेटर
अपॉइंटमेंट लेटर पाने वाले 160 डॉक्टरों में 54 असिस्टेंट प्रोफेसर, 55 विशेषज्ञ (एनएचएम अनुबंध पर), 38 चिकित्सा पदाधिकारी और 13 डेंटिस्ट शामिल हैं। ये सभी अब झारखंड की स्वास्थ्य संरचना को नई दिशा देने वाले योद्धा कहलाएंगे।
समारोह में मौजूद मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव अविनाश कुमार, स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह और एनएचएम अभियान निदेशक शशि प्रकाश झा ने भी इन्हें बधाई दी।

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