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Ranchi : झारखंड CID के IG मनोज कौशिक ने मंगलवार को राज्य साइबर क्राइम थाना, 1930 साइबर हेल्पलाइन, डायल-112, संयुक्त साइबर अपराध समन्वय टीम और फिंगर प्रिंट ब्यूरो का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उनके साथ डीआईजी चंदन झा, एसपी एहतेशाम वकारिब और डीएसपी सह थानेदार नेहा बाला मौजूद थीं। आईजी ने सभी इकाइयों की कार्यप्रणाली की विस्तृत जानकारी ली और अधिकारियों से सीधी बात की।
साइबर अपराध पर सख्त निगरानी के निर्देश
IG कौशिक ने विभिन्न इकाइयों के कार्यों की समीक्षा की और साइबर अपराध से जुड़ी चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि तकनीकी बदलावों के साथ अपराधों की प्रकृति भी बदल रही है, इसलिए पुलिसकर्मियों को तकनीकी रूप से मजबूत बनना जरूरी है। उन्होंने अधिकारियों को बेहतर समन्वय और टीम भावना के साथ काम करने की सलाह दी ताकि नागरिकों की शिकायतों का त्वरित समाधान किया जा सके।
कर्मियों की समस्याएं सुनीं, दिए आश्वासन
निरीक्षण के दौरान आईजी ने मौजूद कर्मचारियों की समस्याएं भी सुनीं। उन्होंने सभी मुद्दों के त्वरित समाधान का भरोसा दिलाया। आईजी ने कहा कि 1930 साइबर हेल्पलाइन और डायल-112 सेवाएं आम जनता के लिए जीवनरेखा साबित हो रही हैं। उन्होंने बताया कि इन सेवाओं को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए लगातार सुधार किए जा रहे हैं।
नागरिकों के प्रति संवेदनशीलता पर जोर
आईजी मनोज कौशिक ने सभी कर्मियों को नागरिकों की शिकायतों पर संवेदनशील दृष्टिकोण अपनाने और साइबर अपराधों की रोकथाम में दक्षता बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि डिजिटल युग में पुलिस बल को आधुनिक तकनीक से लैस करना समय की मांग है।
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