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Pakur (Jaydev Kumar) : अन्नपूर्णा कॉलोनी की एक ठंडी सुबह थी। 7 नवंबर 2025 की उस सुबह में बाकी दिनों जैसा ही शोर था, पर अमित कुमार के लिए वह दिन किसी बुरे सपने की शुरुआत था। घर के बाहर रोज की तरह खड़ी उनकी काले-लाल रंग की होंडा शाइन अचानक गायब थी। कुछ ही मिनटों में जैसे पूरे परिवार की दिनचर्या टूट गई। रोज ऑफिस जाने का साधन, घर की कमाई से खरीदी गई मोटरसाइकिल, और उस पर टिका पूरा भरोसा एक झटके में खत्म हो गया।
अमित कुमार जब पाकुड़ नगर थाना पहुंचे, तो उनके चेहरे पर केवल एक शिकायत नहीं, बल्कि डर, गुस्सा और बेबसी सब एक साथ दिख रहे थे। थाना में आवेदन दिया गया और कांड संख्या 281/2025 दर्ज हुआ। लेकिन इस केस के साथ ही एक ऐसे जाल का पर्दा उठना शुरू हुआ, जिसका असर केवल अमित पर नहीं, पूरे पाकुड़ शहर पर पड़ा।
पाकुड़ में चोरी का एक शांत काला बाजार
पिछले कई महीनों से पाकुड़ और आसपास के इलाकों में मोटरसाइकिल चोरी की घटनाएँ बढ़ रही थीं। हर केस अलग-थलग लगता था, लेकिन असल में ये एक सुनियोजित, चुपचाप चलने वाला नेटवर्क था। लोग सुबह उठते और पाते कि उनकी बाइक गायब है। कुछ के लिए यह नौकरी का साधन था, तो कुछ के लिए परिवार को स्कूल, अस्पताल ले जाने का एकमात्र ज़रिया।
इन वारदातों की भनक जब पाकुड़ की पुलिस कप्तान निधि द्विवेदी के कानों तक पहुंची तो उन्होंने तुरंत एक SIT यानी विशेष अनुसंधान दल का गठन किया। एसपी निधि द्विवेदी ने SIT को टास्क दिया कि किसी भी हाल में बाइक चोर गिरोह के नेटवर्क को ध्वस्त कर दें।
आसान कमाई की चाह में करने लगे चोरी
जब SIT ने तकनीकी निगरानी और गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी की, तो तीन नाम सामने आए… रमजान अंसारी उर्फ ओखनु,
अब्दुल सुभान अंसारी उर्फ मोटरू और लतीफ अंसारी। आसान कमाई की चाह में इन लोगों ने इस गलत धंधे को चुना, जहां से लौटना मुश्किल हो गया। रमजान और लतीफ दोनों के खिलाफ पहले से ही कई मामले दर्ज थे। पुलिस रिकॉर्ड में दर्ज इनका नाम अब इलाके में एक चेतावनी की तरह पढ़ा जाता है।
SIT ने बरामद की 12 मोटरसाइकिलें
गिरफ्तारी के बाद SIT ने तलाशी की तो तीनों की निशानदेही पर 12 मोटरसाइकिलें बरामद हुईं। बरामद गाड़िया सिर्फ बाइक नहीं थीं, ये किसी मेहनतकश पिता की रोजी-रोटी का साधन, किसी छात्र का रोज़ कॉलेज जाने का ज़रिया, किसी परिवार के लिए बीमारी में अस्पताल पहुंचने का जरिया था। होंडा शाइन के साथ-साथ 11 और मोटरसाइकिलें मिलीं, जिन पर या तो नंबर मिटा दिया गया था या पूरी तरह से हटा दिया गया था। पुलिस अब इनकी पहचान कर रही है कि वे किन-किन घरों का हिस्सा थीं।
SIT की टीम… जिनकी कई रातें सोई नहीं
इस पूरे अभियान के पीछे खाकी वर्दी की वह टीम है, जिसने कई रातें जागकर बिताईं। नगर थानेदार बबलु कुमार, अमड़ापाड़ा थानेदार मदन शर्मा, लिट्टीपाड़ा के विनय कुमार और अन्य कई पुलिसकर्मी लगातार पीछा करते रहे। कई दिनों तक फोन लोकेशन, संदिग्ध ठिकानों की निगरानी, और अनगिनत खुफिया इनपुट पर काम करने के बाद आखिरकार सफलता मिली।
अमित कुमार का वह मुस्कुराता पल
चोरी हो चुकी बाइक को वापस पाकर अमित कुमार के चेहरे पर सुकून था। अमित ने हौले से कहा कि भला हो पाकुड़ एसपी निधि द्विवेदी का जिनकी टीम ने ताबड़तोड़ मेहनत कर बाइक खोज निकाली। अमित ने कहा कि मैंने सोचा था कि अब कभी नहीं मिलेगी। लेकिन पुलिस ने जो मेहनत की, उसके लिए मैं आभारी हूं। वहीं, पुलिस बाकी उन 11 बाइक का सत्यापन कर रही है, ताकि उन्हें उनके असली मालिकों को लौटाया जा सके।
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