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Ranchi : झारखंड विधानसभा के शीतकालीन सत्र के अंतिम दिन केंद्रीय राशि का मुद्दा गर्मा गया। नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने राज्य सरकार पर आरोप लगाया कि केंद्र से मिलने वाली धनराशि को लेकर राज्य ने अपनी अलग गाइडलाइन बना ली है, जिसकी वजह से राशि जारी नहीं हो पा रही है। उन्होंने कहा कि पंचायतों में भी मुखिया लगातार फंड की कमी की शिकायत करते हैं।
विपक्ष ने दी सलाह, अधिकारियों को दिल्ली भेजें
बाबूलाल मरांडी ने सुझाव दिया कि राज्य सरकार को अपने वरिष्ठ अधिकारियों या मंत्रियों को दिल्ली भेजकर केंद्रीय मंत्रियों से मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि विपक्ष भी इस मामले में पूरा सहयोग देने को तैयार है। मरांडी का कहना था कि एसटी और एससी छात्रों को छात्रवृत्ति नहीं मिलने से काफी दिक्कतें हो रही हैं।
सरकार का पलटवार, विपक्ष पर गलत सूचना फैलाने का आरोप
ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने नेता प्रतिपक्ष के आरोपों को पूरी तरह गलत बताया। उन्होंने कहा कि बाबूलाल मरांडी बिना जानकारी के मुद्दा उठाते हैं और विधानसभा में लोगों को भ्रमित करने की कोशिश करते हैं। मंत्री ने कहा कि विपक्ष केवल आरोप लगाता है, जबकि सरकार पिछले एक साल से लगातार केंद्र से पैसे जारी कराने की लड़ाई लड़ रही है।
मंत्री ने कहा, राज्य ने हर शर्त पूरी की फिर भी केंद्र ने पैसा रोका
दीपिका पांडेय सिंह ने कड़ा बयान देते हुए कहा कि 15वें वित्त आयोग की राशि के लिए केंद्र ने जो भी शर्तें रखीं, झारखंड सरकार ने सभी पूरी कर दीं। इतना ही नहीं, केंद्र द्वारा बाद में जो अतिरिक्त चार शर्तें जोड़ी गईं, उन्हें भी विभाग ने समय पर पूरा कर दिया। इसके बावजूद केंद्र सरकार ने अभी तक राशि जारी नहीं की। मंत्री ने कहा कि यह साफ दिखाता है कि केंद्र की मंशा ठीक नहीं है।
दिल्ली दौरे पर मंत्री दीपिका का दावा, केंद्रीय मंत्री मिलने से बचते हैं
उन्होंने बताया कि विभाग के सचिव और निदेशक पिछले छह महीनों में कई बार दिल्ली गए, लेकिन केंद्रीय पंचायती राज मंत्री ने मुलाकात का समय ही नहीं दिया। मंत्री ने कहा कि वह खुद कई बार फोन पर और चिट्ठियों के जरिए आग्रह कर चुकी हैं, लेकिन केंद्र की ओर से सिर्फ आश्वासन मिलता है, फैसला नहीं।
सख्त लहजा, केंद्र पर जानबूझकर राशि रोकने का आरोप
दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि राज्यों की जरूरतों के प्रति केंद्र संवेदनशील नहीं है। उन्होंने कहा कि 2700 करोड़ रुपये को लेकर राज्य की सारी प्रक्रियाएं पूरी हो चुकी हैं, फिर भी पैसा नहीं दिया गया। मंत्री ने साफ आरोप लगाया कि केंद्र जानबूझकर झारखंड को उसकी वैध राशि से वंचित कर रहा है।
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