अपनी मनपसंद भाषा में पढ़ें :
Patna : पटना का संजय गांधी जैविक उद्यान अब पूरी तरह से नए और आधुनिक रूप में नजर आएगा। बिहार के वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग ने जू के कायाकल्प और अपग्रेडेशन के लिए कई अहम फैसले लिए हैं। इन फैसलों का मकसद जू को सिर्फ घूमने की जगह नहीं बल्कि शिक्षा और पर्यावरण जागरूकता का केंद्र बनाना है।
जू में बनेगा ट्री टॉप वॉकवे
जू की सबसे खास योजना ट्री टॉप वॉकवे या कैनोपी वॉक है। यह पैदल रास्ता पेड़ों की ऊपरी शाखाओं के स्तर पर बनाया जाएगा। इस वॉकवे से पर्यटक जमीन से ऊंचाई पर चलकर हरियाली, पक्षियों और जानवरों को अलग नजरिए से देख सकेंगे। बिहार में पहली बार किसी जू में इस तरह की सुविधा शुरू की जा रही है।
मोबाइल ऐप से मिलेगी जानवरों की जानकारी
पटना जू के लिए एक विशेष मोबाइल ऐप भी तैयार किया जा रहा है। जैसे ही कोई पर्यटक किसी जानवर के बाड़े के पास पहुंचेगा, ऐप अपने आप उस जानवर से जुड़ी जानकारी दिखा देगा। इसमें जानवर की प्रजाति, आदतें, रहन-सहन और संरक्षण से जुड़ी जानकारियां होंगी। ऐप के जरिए जू में मौजूद पेड़-पौधों की जानकारी भी मिलेगी।
ऑनलाइन टिकट और गाइडेड टूर की सुविधा
पर्यटकों की सुविधा के लिए जू में ऑनलाइन टिकट बुकिंग की व्यवस्था शुरू की जाएगी। विभाग के अनुसार यह सेवा अगले 15 दिनों में चालू हो जाएगी। इसके साथ ही फरवरी महीने से गाइडेड टूर भी शुरू होंगे, जिससे लोग जू को बेहतर तरीके से समझ सकेंगे।
सुरक्षा के लिए लगाए जाएंगे 150 नए CCTV कैमरे
जू की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा। इसके लिए जू परिसर में 150 नए सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। इससे पर्यटकों की सुरक्षा के साथ-साथ जू की गतिविधियों पर भी नजर रखी जा सकेगी।
स्मृति चिन्ह, पौधे और फूड कियोस्क
जू में पर्यटकों के लिए अलग-अलग शॉप्स खोली जाएंगी। यहां स्मृति चिन्ह खरीदने के लिए सोविनियर शॉप होगी। नर्सरी शॉप में किफायती दामों पर पौधे मिलेंगे। इसके अलावा आधुनिक फूड कियोस्क भी बनाए जाएंगे, जहां खाने-पीने की सुविधा होगी।
शिक्षा और जागरूकता पर रहेगा जोर
जू में शैक्षणिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए वार्षिक गतिविधि कैलेंडर और मासिक न्यूजलेटर जारी किए जाएंगे। बैठने के लिए डोम और शेड्स बनाए जाएंगे। दीवारों पर 3डी पेंटिंग की जाएगी। सफाई के लिए पुराने ट्रैक्टरों की जगह प्रदूषण रहित वाहन लाए जाएंगे।
जू मित्र और वोलेंटियर कार्यक्रम
जू में वोलेंटियर और जू मित्र कार्यक्रम भी शुरू किए जाएंगे। इसका उद्देश्य स्थानीय लोगों और पर्यटकों को जू से जोड़ना और वन्यजीव संरक्षण के प्रति जागरूक करना है।
जनता के सुझावों से बनी योजना
अपर मुख्य सचिव आनंद किशोर ने बताया कि जू को लेकर आम जनता से सुझाव मांगे गए थे। सैकड़ों सुझावों के आधार पर यह योजना तैयार की गई है। उन्होंने कहा कि जू को मनोरंजन के साथ शिक्षा और जागरूकता का केंद्र बनाया जाएगा।
पर्यटकों की संख्या बढ़ने की उम्मीद
इस परियोजना से पटना जू की पहचान और आकर्षण बढ़ेगा। पर्यटकों की संख्या में इजाफा होगा और बिहार में वन्यजीव संरक्षण और पर्यावरण शिक्षा को नई दिशा मिलेगी।
इसे भी पढ़ें : SDM की रेड में 300 ट्रैक्टर बालू जब्त, माफियाओं में मचा हड़कंप



