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Garhwa (Nityanand Dubey) : शनिवार का दिन बंशीधर नगर के लिए कुछ अलग था। एसडीपीओ दफ्तर में पुलिस की गहमागहमी कुछ अलग ही कहानी कह रही थी। पलामू क्षेत्र के DIG किशोर कौशल यहां पहुंचे थे। यह सिर्फ एक औपचारिक निरीक्षण नहीं था, बल्कि उस भरोसे की कोशिश थी, जिसकी उम्मीद आम लोग पुलिस से करते हैं।
कागजों से बाहर निकलकर जमीनी हालात पर नजर
DIG किशोर कौशल ने कार्यालय के अभिलेखों और पुलिस व्यवस्था को ध्यान से देखा। फाइलें पलटी गईं, रिकॉर्ड खंगाले गए और यह समझने की कोशिश हुई कि कानून व्यवस्था कागजों में नहीं, जमीन पर कैसी है। उनका साफ संदेश था कि पुलिस का हर कदम आम जनता की सुरक्षा से जुड़ा होना चाहिए।
अपराध पर सख्ती, पीड़ित के साथ संवेदनशीलता
बैठक में DIG ने अधिकारियों से दो टूक कहा कि अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन पीड़ितों के साथ पुलिस का व्यवहार मानवीय होना चाहिए। उन्होंने कहा कि निष्पक्ष जांच ही न्याय की पहली सीढ़ी है और इसमें किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
त्वरित कार्रवाई से ही टूटेगा अपराध का डर
डीआईजी ने यह भी स्पष्ट किया कि देर से लिया गया फैसला अक्सर अपराधियों को मजबूत करता है। इसलिए हर सूचना पर तुरंत कार्रवाई जरूरी है। उन्होंने गश्ती बढ़ाने और लंबित मामलों को जल्द निपटाने पर विशेष जोर दिया, ताकि लोगों को यह महसूस हो सके कि पुलिस उनके साथ खड़ी है।
पुलिस से उम्मीद लगाए बैठे लोग
बंशीधर नगर और आसपास के इलाकों में रहने वाले लोग चाहते हैं कि पुलिस सिर्फ घटनाओं के बाद नहीं, बल्कि पहले से सतर्क दिखे। डीआईजी की यह बैठक कई लोगों के लिए एक संकेत थी कि उनकी आवाज ऊपर तक पहुंच रही है और अपराध पर लगाम कसने की कोशिशें तेज हो रही हैं।
जिम्मेदारी के साथ लौटे अधिकारी
बैठक में एसडीपीओ सत्येन्द्र नारायण सिंह, इंस्पेक्टर गुलाब सिंह सहित सभी थाना प्रभारी मौजूद रहे। DIG के निर्देशों के साथ अधिकारी यह समझकर लौटे कि उनकी वर्दी सिर्फ अधिकार नहीं, बल्कि आम लोगों की सुरक्षा की बड़ी जिम्मेदारी भी है।
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