Close Menu
News SamvadNews Samvad
  • होम
  • देश
  • दुनिया
  • झारखंड
  • बिहार
  • बिजनेस
  • स्पोर्ट्स
  • राशिफल
Facebook X (Twitter) Instagram
Saturday, 14 March, 2026 • 09:37 pm
  • About Us
  • Contact Us
  • Privacy Policy
  • AdSense Policy
  • Terms and Conditions
Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest Vimeo
News SamvadNews Samvad
  • HOME
  • INDIA
  • WORLD
  • JHARKHAND
    • RANCHI
  • BIHAR
  • UP
  • SPORTS
  • HOROSCOPE
  • CAREER
  • HEALTH
  • MORE…
News SamvadNews Samvad
  • होम
  • देश
  • दुनिया
  • झारखंड
  • बिहार
  • बिजनेस
  • स्पोर्ट्स
  • राशिफल
Home » अदाणी फाउंडेशन ने थामा परंपरा का हाथ, तो एक साथ थिरक उठे नौ गांव
झारखंड

अदाणी फाउंडेशन ने थामा परंपरा का हाथ, तो एक साथ थिरक उठे नौ गांव

January 19, 2026No Comments3 Mins Read
Share Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Telegram WhatsApp Email
Follow Us
Google News Flipboard Facebook X (Twitter)
अदाणी
Share
Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Telegram WhatsApp Email
WhatsApp Group जुड़ने के लिए क्लिक करें 👉 Join Now

अपनी मनपसंद भाषा में पढ़ें :

Godda : सुबह की हल्की धूप में जब गोड्डा के आदिवासी गांव जागे, तो हवा में कुछ अलग सा अपनापन था। घरों के आंगन साफ थे, मिट्टी की दीवारें रंगों से बोल रही थीं और बच्चे उत्सुकता से बुजुर्गों के आसपास मंडरा रहे थे। मौका था सोहराय पर्व का, जो यहां सिर्फ त्योहार नहीं, बल्कि जीवन को धन्यवाद कहने का तरीका है। 9 से 18 जनवरी 2026 के बीच अदाणी फाउंडेशन के सहयोग से यह पर्व महागामा, बोआरीजोर, ठाकुरगंगटी और गोड्डा प्रखंड के नौ गांवों में मनाया गया। करीब एक हजार से अधिक ग्रामीण इस आयोजन का हिस्सा बने। किसी के लिए यह बचपन की यादें थीं, तो किसी के लिए अपनी पहचान को फिर से महसूस करने का मौका।

जब पशु परिवार का हिस्सा बनते हैं

सोहराय का असली भाव पशुधन की पूजा में नजर आया। गाय, बैल और बकरियों को नहलाया गया, सजाया गया और उनके सामने दीप जलाए गए। कई बुजुर्ग कहते हैं कि इन्हीं पशुओं के सहारे उनका घर चलता है। पूजा के वक्त हाथ जोड़ते लोगों के चेहरों पर श्रद्धा और आंखों में अपनापन साफ दिखा। यह दृश्य बताता है कि यहां पशु सिर्फ साधन नहीं, परिवार का हिस्सा हैं।

Advertisement Advertisement

दीवारों पर उतरती पीढ़ियों की कहानी

महिलाएं घरों की दीवारों पर सोहराय चित्र बना रही थीं। किसी चित्र में खेत, किसी में जंगल और कहीं पशु। एक मां अपनी बेटी का हाथ पकड़कर रंग भरना सिखा रही थी। वह कहती है कि यह कला उसकी मां ने उसे सिखाई थी। अब वही परंपरा आगे बढ़ रही है। इन दीवारों पर सिर्फ चित्र नहीं, पीढ़ियों की कहानी उतर रही थी।

जब पूरा गांव एक साथ थिरका

शाम ढलते ही मांदर और ढोल की आवाज गांव के हर कोने में गूंजने लगी। युवक युवतियां पारंपरिक परिधानों में नृत्य कर रहे थे। नृत्य की हर चाल में खेती, शिकार और मौसम का असर झलक रहा था। बुजुर्ग किनारे बैठकर ताल मिलाते रहे। उनके चेहरे पर सुकून था, जैसे गांव की आत्मा फिर से जाग गई हो।

संस्कृति के साथ आगे बढ़ने की उम्मीद

अदाणी फाउंडेशन के इस आयोजन ने ग्रामीणों को यह भरोसा दिया कि उनकी संस्कृति आज भी मायने रखती है। युवाओं का कहना था कि ऐसे कार्यक्रम उन्हें अपनी जड़ों से जोड़ते हैं और यह समझ देते हैं कि आधुनिकता के साथ परंपरा को कैसे संभाल कर रखा जाए।

सोहराय, जो रिश्तों को मजबूत करता है

सोहराय का यह उत्सव कुछ दिनों का आयोजन भर नहीं था। यह गांव के रिश्तों को मजबूत करने, प्रकृति के प्रति आभार जताने और आने वाली पीढ़ियों को अपनी पहचान सौंपने का प्रयास था। गोड्डा के इन गांवों में सोहराय ने यह एहसास कराया कि जब इंसान, प्रकृति और परंपरा साथ चलते हैं, तब समाज सच में समृद्ध होता है।

इसे भी पढ़ें : अब आग से लड़ेंगी गोंदुलपारा की ये बेटियां, अदाणी फाउंडेशन ने दी सपनों को उड़ान

Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Telegram WhatsApp Email
Previous Articleकुख्यात राहुल दूबे की खतरनाक प्लानिंग पर पुलिस ने फेरा पानी… जानें कैसे
Next Article ढहेगा माओवादियों का किला, CRPF के DG ने तेज किया ‘ऑपरेशन ब्लैक फॉरेस्ट’

Related Posts

Headlines

जंगल में 20 साल, 12 मुठभेड़, 104 खतरनाक कांड… 10 लाख का इनामी खूंखार अब सलाखों के पीछे

March 14, 2026
Headlines

PLFI के नाम पर बड़ा कांड करने की थी तैयारी, 6 को पुलिस ने दबोचा

March 14, 2026
हजारीबाग

चरही में मौत बनकर दौड़ा बेकाबू ट्रेलर… जानें

March 14, 2026
  • Facebook
  • Twitter
  • Telegram
  • WhatsApp

Latest Post

जंगल में 20 साल, 12 मुठभेड़, 104 खतरनाक कांड… 10 लाख का इनामी खूंखार अब सलाखों के पीछे

March 14, 2026

PLFI के नाम पर बड़ा कांड करने की थी तैयारी, 6 को पुलिस ने दबोचा

March 14, 2026

चरही में मौत बनकर दौड़ा बेकाबू ट्रेलर… जानें

March 14, 2026

NIT में चल रही है प्रोफेसर की भर्ती, सैलरी 2.20 लाख तक

March 14, 2026

बिहार के इस गांव में पानी के लिए हाहाकार, नल-जल योजना फेल

March 14, 2026
Advertisement Advertisement
© 2026 News Samvad. Designed by Forever Infotech.

Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.