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Hazaribagh (Barkagaon) : बड़कागांव के गोंदुलपारा की गलियों में अब सिर्फ खनन परियोजना की चर्चा नहीं है। यहां की बेटियों और युवाओं के सपनों ने भी करवट ले ली है। जिन घरों में कभी सीमित संसाधनों के बीच भविष्य की चिंता रहती थी, वहां आज नई शुरुआत की उम्मीद नजर आ रही है। गाली गांव की दो बेटियां और चंदौल गांव की एक बेटी इन दिनों नागपुर में हैं। वजह खास है। ये तीनों अब फायर फाइटिंग की प्रोफेशनल ट्रेनिंग ले रही हैं। छह महीने की यह ट्रेनिंग उन्हें न सिर्फ एक नई पहचान देगी, बल्कि आत्मनिर्भर जीवन की राह भी खोलेगी। इन बेटियों का चयन अदाणी फाउंडेशन के सहयोग से हुआ है, जिसने गोंदुलपारा खनन परियोजना से प्रभावित परिवारों को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी ली है।
गांव से नागपुर तक का सफर
इन बेटियों के लिए नागपुर पहुंचना आसान नहीं था। छोटे गांव, सीमित साधन और समाज की परंपरागत सोच के बीच फायर फाइटर बनने का सपना देखना खुद में एक चुनौती था। लेकिन जब मौका मिला, तो उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा। आज वे इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ फायर इंजीनियरिंग में आधुनिक उपकरणों के साथ ट्रेनिंग ले रही हैं। आग से मुकाबला, रेस्क्यू ऑपरेशन और औद्योगिक सुरक्षा जैसे कठिन विषय अब उनके रोजमर्रा का हिस्सा बन चुके हैं। ट्रेनिंग पूरी होने के बाद अदाणी फाउंडेशन इन बेटियों को फायर एंड सेफ्टी सेक्टर में रोजगार से जोड़ने में भी सहयोग करेगा। गांव की बेटियों के लिए यह सिर्फ नौकरी नहीं, बल्कि आत्मसम्मान और भरोसे की जीत है।

चार युवकों के लिए भी खुला नया रास्ता
इसी पहल के तहत गोंदुलपारा और चंदौल पंचायत के चार युवकों का चयन अहमदाबाद स्थित राष्ट्रीय रक्षा यूनिवर्सिटी में हुआ है। तीन महीने की निःशुल्क ट्रेनिंग के लिए ये युवक जल्द ही अहमदाबाद जाएंगे। प्रशिक्षण के बाद इन्हें रोजगार से जोड़ने की प्रक्रिया भी तय की गई है। इन युवाओं के लिए यह मौका किसी सपने से कम नहीं। जिन परिवारों ने कभी सोचा भी नहीं था कि उनके बच्चे देश के प्रतिष्ठित संस्थान में पढ़ेंगे, आज वही परिवार गर्व महसूस कर रहे हैं।
सिर्फ ट्रेनिंग नहीं, सोच में बदलाव
अदाणी फाउंडेशन की यह पहल सिर्फ स्किल डेवलपमेंट तक सीमित नहीं है। यह सोच बदलने की कोशिश है। खासकर बेटियों के लिए, जिन्हें अब पारंपरिक दायरों से बाहर निकलने का अवसर मिल रहा है। फायर फाइटर जैसी चुनौतीपूर्ण जिम्मेदारी निभाने की तैयारी कर रही ये बालिकाएं आने वाली पीढ़ियों के लिए भी प्रेरणा बन रही हैं।

इलाके में उम्मीद की नई रोशनी
हजारीबाग जिले में अदाणी फाउंडेशन शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण और आजीविका से जुड़े कई कार्य लगातार कर रहा है। स्कूलों में सहयोग, स्वास्थ्य शिविर और युवाओं के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रमों ने कई परिवारों की जिंदगी बदली है।
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