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Pakur (Jaydev Kumar) : पाकुड़ शहर के होटल मुस्कान में आज का माहौल सिर्फ एक सरकारी योजना की जानकारी तक सीमित नहीं था। वहां बैठे लोगों की आंखों में एक सवाल साफ दिख रहा था, क्या सच में बिजली बिल शून्य हो सकता है? बढ़ते बिलों से परेशान परिवारों के लिए यह सवाल उम्मीद से भरा था। कार्यक्रम में श्री लक्ष्मी ट्रेडर्स की फ्रेंचाइजी पार्टनर मनुज त्यागी ने प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि अब आम परिवार अपनी छत को ही बिजलीघर बना सकता है। सोलर पैनल लगवाकर लोग हर महीने आने वाले भारी बिजली बिल से राहत पा सकते हैं।
बढ़ते बिल और आम परिवार की चिंता
पाकुड़ के कई इलाकों में लोग बताते हैं कि गर्मी के मौसम में बिजली बिल अचानक बढ़ जाता है। मध्यमवर्गीय परिवारों और छोटे कारोबारियों के लिए यह बड़ी परेशानी बन जाती है। घर चलाने के साथ बच्चों की पढ़ाई, रोजमर्रा के खर्च और ऊपर से बढ़ता बिजली बिल, यह सब मिलकर बजट बिगाड़ देता है। कार्यक्रम में मौजूद एक स्थानीय दुकानदार ने कहा कि अगर सोलर सिस्टम से सच में खर्च कम होता है तो यह उनके लिए बड़ी राहत होगी। खासकर आटा चक्की, तेल चक्की, होटल और क्रेशर जैसे व्यवसायों में हर महीने बिजली पर हजारों रुपये खर्च होते हैं।

सरकार की पहल और स्थानीय सहयोग
मनुज त्यागी ने बताया कि केंद्र सरकार सौर ऊर्जा को बढ़ावा दे रही है ताकि लोग पारंपरिक बिजली पर कम निर्भर रहें। योजना के तहत सरकार सब्सिडी भी दे रही है। जरूरत पड़ने पर बैंक से ऋण लेकर भी सोलर सिस्टम लगाया जा सकता है, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवार भी इस योजना का लाभ उठा सकें। उन्होंने कहा कि आवेदन के लिए एक आधिकारिक पोर्टल बनाया गया है। इच्छुक उपभोक्ता वहां अपनी जानकारी भरकर ‘श्री लक्ष्मी ट्रेडर्स गोड्डा’ का चयन करें। इसके बाद आगे की प्रक्रिया कंपनी की ओर से पूरी की जाएगी।
जानकारी की कमी, सबसे बड़ी बाधा
कार्यक्रम के दौरान यह साफ दिखा कि लोगों में रुचि तो है, लेकिन पूरी जानकारी नहीं है। कई लोगों ने सवाल पूछे कि सोलर पैनल कितने दिन में लगेंगे, कितनी सब्सिडी मिलेगी और बैंक लोन की प्रक्रिया क्या होगी। मनुज त्यागी ने भरोसा दिलाया कि पाकुड़ जिले में बड़ी संख्या में लोग संपर्क कर रहे हैं और जल्द ही सोलर सिस्टम लगाने का कार्य शुरू कर दिया जाएगा। साथ ही शहर में रिटेलरों की नियुक्ति भी की जाएगी, ताकि लोगों को स्थानीय स्तर पर सुविधा मिल सके।
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