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Palamu : पलामू के पांकी प्रखंड के द्वारिका पंचायत के रघुआखाड़ गांव में महाशिवरात्रि का मेला खुशियों के साथ शुरू हुआ था, लेकिन अगले ही दिन गांव में अफरा-तफरी मच गई। यहां एक साथ 25 से ज्यादा बच्चे अचानक बीमार पड़ गए। किसी को उल्टी, किसी को दस्त तो कई बच्चों में डिहाइड्रेशन की शिकायत सामने आई। बताया गया कि बीते रविवार को सभी ने मेला में गोलगप्पा खाया था। फिलहाल सभी बच्चों का इलाज पांकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में चल रहा है। डॉक्टरों के मुताबिक स्थिति अब नियंत्रण में है और घबराने की बात नहीं है।
मेले की रौनक, फिर अचानक तबीयत बिगड़ना
महाशिवरात्रि के मौके पर रघुआखाड़ गांव में मेला लगा था। द्वारिका गांव के यादव टोला, जमुआटांड़ समेत आसपास के कई टोलों से लोग मेले में पहुंचे थे। बच्चों ने झूले झूले, खिलौने खरीदे और गोलगप्पे का भी जमकर स्वाद लिया। लेकिन रविवार रात से ही कुछ बच्चों को उल्टी-दस्त शुरू हो गया। सोमवार सुबह तक हालत ऐसी हो गई कि कई बच्चों को चक्कर और कमजोरी महसूस होने लगी। परिजनों के बीच चिंता बढ़ गई और गांव में हड़कंप मच गया।
सूचना मिलते ही हरकत में आया स्वास्थ्य विभाग
ग्रामीणों ने तुरंत स्वास्थ्य विभाग को खबर दी। सूचना मिलते ही एंबुलेंस के साथ मेडिकल टीम गांव पहुंची और बीमार बच्चों को तुरंत स्वास्थ्य केंद्र लाया गया। स्वास्थ्य कर्मियों ने गांव में ही कई बच्चों की जांच की। सिविल सर्जन डॉ. अनिल कुमार श्रीवास्तव के अनुसार करीब 100 बच्चों की स्क्रीनिंग की गई, जिनमें से 20 बच्चे बीमार पाए गए। सभी को समय पर दवा और जरूरी उपचार दिया गया। चिकित्सा प्रभारी डॉ. महेंद्र प्रसाद ने बताया कि ज्यादातर बच्चों में फूड पॉइजनिंग जैसे लक्षण मिले हैं। फिलहाल सभी की हालत स्थिर है।
परिजनों की चिंता, “मेले में खाया था गोलगप्पा”
द्वारिका निवासी ध्रुव कुमार गुप्ता ने बताया कि उनके बेटे ने भी मेले में गोलगप्पा खाया था। रात में अचानक उसकी तबीयत बिगड़ गई। उन्होंने कहा, “पहले लगा सामान्य बात होगी, लेकिन जब उल्टी-दस्त बढ़ने लगा तो हम घबरा गए।” गांव के कई घरों में एक जैसी कहानी सुनने को मिली। बच्चों की तबीयत खराब होने के बाद परिजन रातभर परेशान रहे।
जनप्रतिनिधियों ने भी लिया जायजा
घटना की जानकारी मिलने के बाद पांकी विधायक डॉ. शशि भूषण मेहता के जिला प्रतिनिधि सह नीलाम्बर पितांबरपुर भाजपा मंडल अध्यक्ष प्रकाश मेहता सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे। उन्होंने डॉक्टरों से बच्चों की स्थिति की जानकारी ली और परिजनों से बातचीत कर भरोसा दिलाया कि इलाज में कोई कमी नहीं रहने दी जाएगी। इस दौरान समाजसेवी सुनील गुप्ता और मंडल अध्यक्ष रौशन सिंह भी मौजूद रहे।
गांव में बढ़ाई गई निगरानी
एहतियात के तौर पर स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव में लगातार नजर बनाए हुए है। लोगों से साफ-सफाई रखने और बाहर के खाने-पीने में सावधानी बरतने की अपील की गई है। खासकर मेलों और सार्वजनिक कार्यक्रमों में खुले खाद्य पदार्थों को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी गई है। फिलहाल राहत की बात यह है कि सभी बच्चे खतरे से बाहर बताए जा रहे हैं। लेकिन इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि मेलों में बिकने वाले खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की निगरानी कितनी जरूरी है।
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