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Godda (Sundarpahadi) : पहाड़ी इलाकों से घिरे छोटे से गांव लालूटोला, जितपुर में उस दिन माहौल कुछ अलग था। मंच सजा हुआ था, गांव की महिलाएं रंग-बिरंगे परिधानों में उत्साह से भरी हुई थीं और चेहरे पर गर्व की मुस्कान साफ झलक रही थी। मौका था अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस का, जब टेरी माइनिंग प्राइवेट लिमिटेड की ओर से महिलाओं के सम्मान में एक विशेष समारोह आयोजित किया गया। यह सिर्फ एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं था, बल्कि उन महिलाओं के संघर्ष, मेहनत और समाज में उनके योगदान को पहचान देने का अवसर भी था, जो अक्सर चुपचाप अपने काम से समाज को आगे बढ़ाती रहती हैं।
जब मंच पर बुलाया गया, तो भावुक हो उठीं कई महिलाएं
कार्यक्रम में जब एक-एक कर गांव की महिलाओं को मंच पर बुलाकर सम्मानित किया गया, तो कई महिलाओं की आंखें खुशी से नम हो गईं। ये वे महिलाएं थीं जिन्होंने सीमित संसाधनों के बावजूद अपने परिवार और समाज के लिए मिसाल कायम की है। कोई बच्चों की पढ़ाई के लिए संघर्ष कर रही है, तो कोई गांव में महिलाओं को जागरूक करने का काम कर रही है। सम्मान पाकर कई महिलाओं ने कहा कि उन्हें पहली बार लगा कि उनके काम को भी समाज में पहचान मिल रही है।

घरेलू जिम्मेदारियों से आगे बढ़कर समाज बदल रहीं महिलाएं
ग्रामीण इलाकों में महिलाओं की जिम्मेदारियां अक्सर घर तक ही सीमित मानी जाती हैं, लेकिन सुंदरपहाड़ी की कई महिलाएं इस सोच को बदल रही हैं। वे बच्चों की शिक्षा, स्वच्छता, स्वास्थ्य और सामाजिक जागरूकता जैसे विषयों पर गांव में लोगों को प्रेरित कर रही हैं। कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि आज महिलाएं सिर्फ घर ही नहीं संभाल रहीं, बल्कि समाज के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
जागरूकता और आत्मनिर्भरता का संदेश
समारोह में महिलाओं के अधिकार, स्वास्थ्य, शिक्षा और आत्मनिर्भरता को लेकर भी विस्तार से चर्चा की गई। विशेषज्ञों और अधिकारियों ने महिलाओं को बताया कि वे किस तरह अपने अधिकारों को समझकर जीवन में आगे बढ़ सकती हैं। इस दौरान महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया गया और कहा गया कि शिक्षा और जागरूकता ही सशक्तिकरण की असली ताकत है।

सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने जोड़ा गांव को एक सूत्र में
कार्यक्रम का एक खास आकर्षण स्थानीय महिलाओं और युवतियों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियां रहीं। पारंपरिक गीत और नृत्य ने पूरे माहौल को जीवंत बना दिया। ग्रामीणों ने भी इन प्रस्तुतियों का भरपूर आनंद लिया और तालियों से कलाकारों का उत्साह बढ़ाया।
अतिथियों ने दिया संदेश… महिला सशक्तिकरण ही असली विकास
कार्यक्रम में मौजूद कंपनी के महाप्रबंधक, सुन्दरपहाड़ी के प्रखंड विकास पदाधिकारी, जियाजोर पंचायत के मुखिया और अन्य अतिथियों ने कहा कि महिलाओं का सम्मान और उनका सशक्तिकरण किसी भी समाज की प्रगति के लिए बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि जब महिलाओं को शिक्षा, अवसर और सम्मान मिलता है, तो पूरा समाज आगे बढ़ता है।

सम्मान ने जगाई नई उम्मीद
कार्यक्रम के अंत में आयोजन समिति ने सभी अतिथियों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। लेकिन इस आयोजन की असली पहचान उन महिलाओं की मुस्कान थी, जो सम्मान पाकर घर लौटीं। उनके चेहरे पर यह भरोसा साफ दिख रहा था कि अब उनकी मेहनत और योगदान को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा।
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