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Koderma : कोडरमा जिले में जंगली हाथियों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। बीती रात हाथी के हमले में एक महिला और एक पुरुष की दर्दनाक मौत हो गई। घटना के बाद बोनाकाली और मरियमपुर इलाके में डर का माहौल है। लोग घरों से बाहर निकलने से कतरा रहे हैं।
मरियमपुर के पास दिखा हाथी, महिला को कुचलकर मार डाला
स्थानीय लोगों के अनुसार, बुधवार रात करीब 8 बजे मरियमपुर के पास एक जंगली हाथी देखा गया। इसी दौरान हाथी ने एक महिला पर हमला कर दिया और उसे कुचलकर मार डाला। अचानक हुई इस घटना से गांव में अफरा-तफरी मच गई। लोगों का कहना है कि महिला को बचाने का मौका तक नहीं मिला, हाथी ने कुछ ही सेकंड में हमला कर दिया।
हाथी को भगाने गए लोग, फिर हुआ दूसरा हमला
पहली घटना के बाद गांव के लोग हाथी को जंगल की ओर भगाने की कोशिश करने लगे। लेकिन हाथी वहां से निकलकर बोनाकाली महिला कॉलेज के पास पहुंच गया। इसी दौरान हाथी ने 40 वर्षीय बालेश्वर सोरेन (पिता- छोटका सोरेन) को भी कुचल दिया। बालेश्वर सोरेन की मौके पर ही मौत हो गई। यह घटना रात के अंधेरे में हुई, जिससे लोग और ज्यादा घबरा गए।
बोनाकाली और मरियमपुर में दहशत, घरों में कैद हुए लोग
दो मौतों के बाद पूरे इलाके में डर फैल गया है। बोनाकाली और मरियमपुर के लोग रात भर जागते रहे। कई लोग अपने घरों के दरवाजे बंद कर अंदर ही दुबके रहे। ग्रामीणों का कहना है कि हाथी अगर दोबारा गांव की तरफ आया तो और बड़ा नुकसान हो सकता है।
जंगल में छिपा है एक हाथी, झुंड भी दिखा
स्थानीय लोगों ने बताया कि एक हाथी अभी भी मरियमपुर से सटे जंगलों में छिपा हुआ है। वहीं, हाथियों का एक झुंड बागीटांड के पास कोडरमा घाटी के जंगलों में देखा गया है। बताया जा रहा है कि जो हाथी हमला कर रहा है, वह झुंड से बिछड़ा हुआ है और इसी वजह से गांव के आसपास घूमकर आतंक मचा रहा है।
वन विभाग की टीम पहुंची, लेकिन हाथी को खदेड़ने में नाकाम
घटना की सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। टीम ने हाथी को खदेड़ने की कोशिश की, लेकिन वह ज्यादा दूर तक नहीं जा सका। ग्रामीणों का कहना है कि हाथी जंगल में घुसकर फिर छिप गया। लोगों का कहना है कि जब तक हाथी को पूरी तरह सुरक्षित तरीके से दूर नहीं किया जाएगा, तब तक खतरा बना रहेगा।
ग्रामीणों का आरोप, संसाधन नहीं होने से कार्रवाई कमजोर
ग्रामीणों ने वन विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाया है। लोगों का कहना है कि वन विभाग की टीम के पास हाथी को भगाने के लिए न तो पर्याप्त गाड़ियां हैं और न ही जरूरी उपकरण। ग्रामीणों ने कहा कि टॉर्च की रोशनी में हाथी को भगाने की कोशिश करना बेकार है। हाथी इतनी आसानी से नहीं हटता।
लोगों में डर, कभी भी हो सकता है फिर हमला
इलाके के लोगों में अब भी डर बना हुआ है। ग्रामीणों को आशंका है कि हाथी फिर से गांव में घुस सकता है और किसी और को नुकसान पहुंचा सकता है। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि हाथी को पकड़ने या उसे सुरक्षित इलाके में भेजने के लिए तुरंत ठोस कदम उठाए जाएं, ताकि आगे किसी और की जान न जाए।
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