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Ranchi : राजधानी रांची में रामनवमी का पर्व इस बार भी पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया गया। सुबह से ही शहर का माहौल भक्तिमय हो गया था। हर गली, हर चौक और हर सड़क पर “जय श्रीराम” के जयघोष गूंज रहे थे। आम लोग हों या खास, हर कोई अपने-अपने अंदाज में भगवान श्रीराम के प्रति आस्था जताते नजर आया।
जुलूस और अखाड़ों ने बढ़ाया उत्साह
शहर के अलग-अलग हिस्सों से निकले जुलूस इस पर्व का सबसे बड़ा आकर्षण रहे। अखाड़ों की ओर से पारंपरिक प्रदर्शन किए गए, जिसमें युवाओं ने लाठी-डंडा और तलवारबाजी का शानदार प्रदर्शन दिखाया। ढोल-नगाड़ों की थाप पर झूमते रामभक्तों ने पूरे माहौल को ऊर्जा से भर दिया। सड़क किनारे खड़े लोग भी इन करतबों को देखकर उत्साहित नजर आए।

VIP भी दिखे आम लोगों के बीच
रामनवमी के जुलूस में कई बड़े चेहरे भी शामिल हुए। रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ अल्बर्ट एक्का चौक के पास जुलूस में शामिल हुए। उन्होंने हाथ में तलवार लेकर पारंपरिक अंदाज में तलवारबाजी की और “जय श्रीराम” के नारे लगाए। उनके साथ मौजूद लोगों ने भी पूरे जोश के साथ नारे लगाए। वहीं नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी भी जुलूस में पहुंचे। उन्होंने अखाड़े के बीच लाठी भांजकर लोगों का उत्साह बढ़ाया। दोनों नेताओं ने प्रदेशवासियों को रामनवमी की शुभकामनाएं दीं और भाईचारे के साथ पर्व मनाने की अपील की।

मंदिरों में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
तपोवन मंदिर समेत शहर के कई मंदिरों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी रहीं। लोग भगवान श्रीराम और हनुमान के दर्शन के लिए घंटों इंतजार करते दिखे। मंदिर परिसर में भजन-कीर्तन और पूजा-अर्चना का सिलसिला दिनभर चलता रहा।
बारिश और हवा भी नहीं रोक पाई आस्था
दोपहर के बाद अचानक मौसम बदला और तेज हवा के साथ बारिश शुरू हो गई। लेकिन इसका असर श्रद्धालुओं के उत्साह पर नहीं पड़ा। लोग भींगते हुए भी जुलूस में शामिल रहे और जयकारे लगाते रहे। यह दृश्य बताता रहा कि आस्था के आगे मौसम भी छोटा पड़ गया।
सुरक्षा के रहे तगड़े इंतजाम
पर्व को लेकर प्रशासन भी पूरी तरह अलर्ट रहा। शहर के प्रमुख चौक-चौराहों पर पुलिस बल तैनात किया गया था। जुलूस के दौरान सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था पर खास नजर रखी गई, ताकि आयोजन शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो सके।
आस्था और परंपरा का अनोखा संगम
कुल मिलाकर रांची में रामनवमी का यह पर्व आस्था, उत्साह और परंपरा का सुंदर मेल बनकर सामने आया। बारिश और तेज हवा के बीच भी श्रद्धालुओं का जोश कम नहीं हुआ और देर शाम तक पूरा शहर भक्ति के रंग में डूबा रहा।
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