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Ramgarh (Dharmendra Pradhan) : दुनिया चले न श्रीराम के बिना… और शायद यही भाव शुक्रवार को भुरकुंडा, भदानीनगर, बासल और पतरातू की सड़कों पर साफ दिखा। सुबह से ही माहौल बदला-बदला था। गलियों में केसरिया रंग, हाथों में महावीरी पताका और हर चेहरे पर भक्ति का उत्साह नजर आ रहा था। जैसे-जैसे दिन चढ़ा, पूरा कोयलांचल “जय श्रीराम” के जयकारों से गूंज उठा।
गांव-गांव से निकली आस्था की झलक
छोटे-छोटे टोलों और गांवों से जब झांकियां निकलनी शुरू हुईं तो लगा मानो पूरी संस्कृति सड़कों पर उतर आई हो। कहीं श्रीराम-सीता का दरबार सजा था, तो कहीं बजरंगबली का विराट रूप लोगों को आकर्षित कर रहा था। बच्चों ने भी राक्षस और पौराणिक किरदारों का रूप धारण कर ऐसा प्रदर्शन किया कि लोग देखते रह गए। हर झांकी के पीछे महीनों की मेहनत और भक्ति साफ झलक रही थी।

हुरूमगढ़ा मैदान बना उत्सव का केंद्र
सभी झांकियां लक्ष्मी टॉकीज स्थित हुरूमगढ़ा रामनवमी मैदान पहुंचीं, जहां एक अलग ही नजारा था। भीड़, रोशनी और मंच पर हो रहे कला प्रदर्शन ने पूरे माहौल को जीवंत बना दिया। लोग अपने परिवार के साथ घंटों वहां रुके रहे और हर प्रस्तुति पर तालियां बजाते नजर आए।
अखाड़ों का जोश, परंपरा की पहचान
रामनवमी का जुलूस हो और अखाड़ों का दमखम न दिखे, ऐसा कैसे हो सकता है। इस बार भी अखाड़ों ने अपने करतबों से लोगों को हैरान कर दिया। लाठी और तलवार के पारंपरिक खेल, तालमेल और अनुशासन के साथ पेश किए गए। हनुमानगढ़ी, पगला आश्रम, नवयुवक संघ, सनातन सेवा समेत कई अखाड़ों ने शानदार प्रदर्शन किया। डंके की थाप पर करतब करते युवाओं का जोश देखते ही बन रहा था।

अनुशासन और व्यवस्था की मिसाल
इतनी बड़ी भीड़ के बीच भी अनुशासन बना रहा, जो इस आयोजन की खास बात रही। भुरकुंडा शांति समिति और मेला समिति ने मिलकर व्यवस्था को संभाला। जुलूस की हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही थी और समय-समय पर लोगों को जरूरी जानकारी भी दी जा रही थी।
सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
प्रशासन भी पूरी तरह मुस्तैद रहा। जुलूस के हर रास्ते पर पुलिस बल तैनात था। ड्रोन कैमरे से निगरानी की जा रही थी ताकि किसी भी स्थिति से तुरंत निपटा जा सके। भुरकुंडा ओपी प्रभारी उपेंद्र कुमार और भदानीनगर ओपी प्रभारी अख्तर अली खुद सड़क से लेकर मेले तक हर गतिविधि पर नजर बनाए हुए थे। सादे लिबास में भी पुलिसकर्मी तैनात थे, जिससे सुरक्षा और मजबूत नजर आई।

सम्मान और उत्साह का माहौल
मेला समिति की ओर से विभिन्न श्रेणियों में पुरस्कार दिए गए। सबसे बड़ी महावीरी पताका, बेहतरीन झांकी, कला प्रदर्शन और अनुशासन के लिए प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया। इससे प्रतिभागियों का उत्साह और बढ़ गया।
जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी ने बढ़ाया उत्साह
मेले में बड़कागांव विधायक रोशन लाल चौधरी और पतरातू प्रमुख कौशल्या देवी समेत कई जनप्रतिनिधि पहुंचे। उन्होंने आयोजन की सराहना की और लोगों को शुभकामनाएं दीं।

लोगों की भागीदारी बनी ताकत
इस पूरे आयोजन की सबसे बड़ी ताकत रही आम लोगों की भागीदारी। कोई व्यवस्था संभाल रहा था, कोई झांकी तैयार कर रहा था तो कोई मेले में सेवा दे रहा था। टिकेश्वर महतो, चमन लाल, प्रदीप मांझी, योगेश दांगी समेत कई लोगों ने इसे सफल बनाने में अहम भूमिका निभाई।
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