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Ranchi : अगर किसी को यह देखना हो कि आने वाला भारत किस तरह की तकनीक और सोच के साथ आगे बढ़ेगा, तो उसे एक बार ट्रिपल आईटी रांची के रोबोटिक्स फेस्ट ‘यंत्र’26 (YANTRA’26) में जरूर आना चाहिए। संस्थान परिसर के BSNL ग्राउंड और खेलगांव में आयोजित यह फेस्ट सिर्फ प्रतियोगिता नहीं था, बल्कि यह एक ऐसा मंच बन गया जहां देशभर के युवा इंजीनियरों ने अपने हुनर, मेहनत और इनोवेशन की ताकत से सबको चौंका दिया। रोबोट्स की दौड़, मशीनों की टक्कर, फुटबॉल के मैदान में रोबोट्स का खेल और हवा में उड़ते ड्रोन जैसी गतिविधियों ने पूरे आयोजन को रोमांच से भर दिया। दर्शकों की तालियां, छात्रों का जोश और टेक्नोलॉजी का उत्सव… हर चीज ने मिलकर यंत्र’26 को एक यादगार आयोजन बना दिया।
जहां मशीनें दौड़ीं और दिमाग ने बाजी मारी
यंत्र’26 का माहौल शुरुआत से ही अलग नजर आया। सुबह से ही मैदान में टीमों की हलचल दिखने लगी। कोई अपने रोबोट के वायर ठीक कर रहा था, तो कोई सेंसर की जांच कर रहा था। कई टीमों की आंखों में तनाव भी था, क्योंकि मुकाबला आसान नहीं था। लेकिन साथ ही चेहरे पर आत्मविश्वास भी साफ दिख रहा था। यहां प्रतियोगिता सिर्फ जीत-हार की नहीं थी, बल्कि यह मुकाबला था दिमाग, तकनीकी समझ और तेजी से फैसला लेने की क्षमता का। इस फेस्ट का मुख्य उद्देश्य था कि छात्रों को ऐसा प्लेटफॉर्म मिले जहां वे रोबोटिक्स और ऑटोमेशन के क्षेत्र में अपने नए विचारों को जमीन पर उतार सकें।
50 से ज्यादा टीमों ने दिखाया दम, देशभर से पहुंचे प्रतिभागी
इस फेस्ट में 50 से अधिक टीमों ने भाग लिया। झारखंड, बिहार, उत्तर प्रदेश, ओडिशा और आंध्र प्रदेश समेत कई राज्यों से आए छात्रों ने आयोजन को राष्ट्रीय स्तर का रंग दे दिया।
भाग लेने वाले प्रमुख संस्थानों में शामिल रहे :
- BIT मेसरा, रांची
- उषा मार्टिन विश्वविद्यालय, रांची
- सरला बिड़ला विश्वविद्यालय, रांची
- श्रीनाथ विश्वविद्यालय, जमशेदपुर
- गवर्नमेंट पॉलिटेक्निक, लखनऊ
- बुद्धा इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, गोरखपुर
- लेंडी इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी, आंध्र प्रदेश
- कटिहार इंजीनियरिंग कॉलेज, बिहार
- सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ झारखंड
- गांधी इंस्टीट्यूट फॉर एजुकेशन एंड टेक्नोलॉजी, ओडिशा
और अन्य संस्थान भी शामिल रहे।
यह साफ दिखा कि यंत्र’26 अब सिर्फ एक कॉलेज इवेंट नहीं, बल्कि एक ऐसा मंच बन चुका है, जहां देशभर के छात्र खुद को साबित करने आते हैं।
डेजर्ट डैश : जब मैदान में दौड़े रोबोट और बढ़ी धड़कनें
डेजर्ट डैश प्रतियोगिता का नाम जितना दिलचस्प था, मुकाबला उतना ही रोमांचक। यहां रोबोट को मुश्किल रास्तों से गुजरते हुए लक्ष्य तक पहुंचना था। मिट्टी, रुकावटें और तेज मोड़—हर जगह रोबोट की परीक्षा हो रही थी। कुछ रोबोट बीच रास्ते में रुक गए, कुछ पलटे, लेकिन कई टीमों ने हार नहीं मानी। वे तुरंत अपने रोबोट को ठीक करते और फिर से ट्रैक पर उतार देते। दर्शकों के लिए यह मुकाबला किसी रेसिंग शो से कम नहीं था।
परिणाम:
- विजेता: क्रू अल्फा (ट्रिपल आईटी रांची) – ₹7,500
- उपविजेता: बिहारी बहुरानी (ट्रिपल आईटी रांची) – ₹5,000
रोबोसॉकर : जब फुटबॉल के मैदान में उतरे रोबोट खिलाड़ी
रोबोसॉकर प्रतियोगिता में तो मानो मैदान में अलग ही दुनिया दिखी। रोबोट्स गेंद को पकड़ने, पास देने और गोल करने की कोशिश कर रहे थे। कई बार रोबोट आपस में भिड़ जाते, तो कई बार गेंद गलत दिशा में चली जाती। लेकिन जैसे-जैसे मैच आगे बढ़ा, टीमों की रणनीति और नियंत्रण बेहतर होता गया। दर्शकों को सबसे ज्यादा मजा तब आया जब रोबोट ने बिल्कुल सही टाइमिंग के साथ गोल दाग दिया। स्टेडियम जैसी तालियों से मैदान गूंज उठा।
परिणाम:
- विजेता : टेक्नो टाइटन्स (कटिहार इंजीनियरिंग कॉलेज, बिहार) – ₹7,500
- उपविजेता : रोबो टॉर्क (लेंडी इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी, आंध्र प्रदेश) – ₹5,000
विंगफ्यूरी : हवा में उड़ती तकनीक ने खींचा सबका ध्यान
विंगफ्यूरी प्रतियोगिता में ड्रोन और उड़ने वाली तकनीक का असली खेल देखने को मिला। यहां प्रतिभागियों को अपने ड्रोन को नियंत्रित कर तय रास्तों से गुजरना था और चुनौतियों को पार करना था। कई ड्रोन हवा में संतुलन खो बैठे, कुछ गलत दिशा में चले गए, लेकिन कुछ टीमों ने इतनी शानदार उड़ान दिखाई कि लोग हैरान रह गए।
परिणाम:
- विजेता: द फ्लाइंग प्रिडेटर (बुद्धा इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, गोरखपुर) – ₹7,500
- उपविजेता: प्लूटो (ट्रिपल आईटी रांची) – ₹5,000
पाथफाइंडर : जब सेंसर और दिमाग की हुई असली परीक्षा
पाथफाइंडर प्रतियोगिता में रोबोट को लाइन और रास्ते पहचानकर आगे बढ़ना था। यह मुकाबला तकनीकी तौर पर काफी कठिन था, क्योंकि इसमें सेंसर की सही कैलिब्रेशन और प्रोग्रामिंग की सटीकता जरूरी थी। यहां जीतने वाली टीम वही थी, जिसने रोबोट को सबसे बेहतर तरीके से प्रशिक्षित किया था।
परिणाम:
- विजेता: प्लूटो (ट्रिपल आईटी रांची) – ₹7,500
- उपविजेता: वेचार (ट्रिपल आईटी रांची) – ₹5,000
सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने बढ़ाया आयोजन का रंग
यंत्र’26 सिर्फ रोबोटिक्स तक सीमित नहीं रहा। शाम होते ही मंच पर सांस्कृतिक कार्यक्रम शुरू हुए। संगीत, डांस और छात्रों की प्रस्तुतियों ने आयोजन को और खास बना दिया। टेक्नोलॉजी की गंभीरता के बीच यह मनोरंजन का हिस्सा छात्रों के लिए राहत और उत्साह दोनों लेकर आया।

प्रो. राजीव श्रीवास्तव ने कहा- ऐसे मंच छात्रों को बनाते हैं भविष्य का इंजीनियर
इस कार्यक्रम में ट्रिपल आईटी रांची के निदेशक प्रो. राजीव श्रीवास्तव की मौजूदगी ने छात्रों का हौसला बढ़ाया। उन्होंने प्रतिभागियों और आयोजन टीम की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे फेस्ट छात्रों को सिर्फ प्रतियोगिता नहीं, बल्कि सीखने का मौका देते हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन युवाओं के अंदर रचनात्मक सोच, व्यावहारिक समझ और समस्या सुलझाने की क्षमता को मजबूत करते हैं। उन्होंने यह भी साफ किया कि ट्रिपल आईटी रांची आगे भी इस तरह के कार्यक्रमों को लगातार बढ़ावा देगा।

आयोजन टीम की मेहनत से सफल हुआ यंत्र’26
यंत्र’26 का आयोजन संस्थान के शिक्षकों और टीम के मार्गदर्शन में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस कार्यक्रम को सफल बनाने में अहम भूमिका रही:
- डॉ. रोशन सिंह (आयोजन अध्यक्ष)
- डॉ. चंद्र प्रकाश सिंह (संयोजक)
- डॉ. अभिनव कुमार
- डॉ. धीरन कुमार महतो
इनके साथ-साथ छात्रों की आयोजन टीम ने भी हर व्यवस्था को बेहतरीन तरीके से संभाला।
यंत्र’26 ने दिखा दिया कि तकनीक का भविष्य युवा हाथों में सुरक्षित है
यंत्र’26 के जरिए ट्रिपल आईटी रांची ने यह साबित कर दिया कि संस्थान केवल पढ़ाई तक सीमित नहीं है, बल्कि वह देश को ऐसे युवा दे रहा है जो तकनीक से भविष्य गढ़ने का माद्दा रखते हैं। इस आयोजन में जिस तरह का उत्साह, प्रतिस्पर्धा और नवाचार देखने को मिला, उसने यह साफ कर दिया कि आने वाले समय में भारत की रोबोटिक्स और ऑटोमेशन दुनिया में नई पहचान बनने वाली है। यंत्र’26 खत्म हो गया, लेकिन इसकी गूंज और प्रेरणा छात्रों के भीतर लंबे समय तक बनी रहेगी।
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