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Ramgarh (Dharmendra Pradhan) : रजरप्पा प्रोजेक्ट की गलियों में इन दिनों एक अजीब सा सन्नाटा है। लोग बातें तो कर रहे हैं, लेकिन आवाज धीमी है। हर कोई जानता है कि मामला गंभीर है। एक 16 साल की नाबालिग छात्रा के साथ हुई छेड़छाड़, कथित तौर पर कपड़े फाड़ने और तेजाब से जलाने की धमकी ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है। यह घटना सिर्फ एक केस नहीं, बल्कि एक परिवार के टूटते भरोसे और एक बेटी के डगमगाते सपनों की कहानी है। पीड़िता के पिता ने रजरप्पा थाना में लिखित शिकायत देकर आरोपी युवक समेत उसके साथियों और परिजनों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
घर की जिम्मेदारी और बेटी के सपने
पीड़िता के पिता रजरप्पा प्रोजेक्ट में रहते हैं। आम परिवार, सीमित आमदनी, लेकिन बेटी को पढ़ाने का सपना बड़ा। पिता कहते हैं कि बेटी पढ़-लिखकर अपने पैरों पर खड़ी हो जाए, यही चाहत थी। बेटी भी पढ़ाई में मेहनती थी और रोज स्कूल जाती थी। परिवार को उम्मीद थी कि आने वाला समय बेहतर होगा। लेकिन पिछले एक साल से जो कुछ चल रहा था, उसने पूरे घर का माहौल बदल दिया।
पहले नजरअंदाज किया, फिर डर बढ़ता गया
परिवार के अनुसार, आरोपी युवक करीब एक साल से नाबालिग छात्रा को रास्ते में रोककर गंदी बातें करता था। शुरुआत में छात्रा ने सोचा कि नजरअंदाज कर देने से मामला खत्म हो जाएगा। कई बार वह चुपचाप घर लौट आती थी। वह किसी से कुछ नहीं कहती थी, क्योंकि उसे डर था कि घर में तनाव बढ़ जाएगा। लेकिन धीरे-धीरे यह परेशानी बढ़ने लगी। स्कूल जाने का रास्ता जैसे उसके लिए सबसे बड़ा डर बन गया।
जब घर में बताया तो माता-पिता के पैरों तले जमीन खिसक गई
कुछ दिन पहले जब छात्रा ने हिम्मत करके माता-पिता को पूरी बात बताई, तो परिवार के लिए यह किसी झटके से कम नहीं था। एफआईआर के जरिए पिता बताते हैं कि बेटी की बात सुनते ही मां घबरा गईं। पिता को गुस्सा भी आया और चिंता भी। उन्होंने सोचा कि बातचीत से बात खत्म हो जाएगी। परिवार आरोपी के घर गया। उसके परिजनों के सामने उसे समझाया। उस वक्त आरोपी ने अपनी गलती मानते हुए कहा कि अब ऐसी हरकत नहीं करेगा। घरवालों ने भी आश्वासन दिया। परिवार को लगा कि अब बेटी सुरक्षित रहेगी। लेकिन यह भरोसा ज्यादा दिन नहीं टिका।
फिर शुरू हुआ पीछा और शादी का दबाव
एफआईआर के मुताबिक, कुछ समय बाद युवक फिर से नाबालिग छात्रा के पीछे पड़ गया। इस बार वह खुलेआम कहने लगा कि शादी करनी होगी। छात्रा ने साफ मना किया। इसके बाद धमकी देने लगा। छात्रा का डर अब चुपचाप सहने वाला नहीं रहा, वह हर दिन घबराई रहने लगी। परिवार के लोगों का कहना है कि अब बेटी का स्कूल जाना भी मुश्किल हो गया था। कई बार वह रोते हुए कहती थी कि अब पढ़ाई छोड़ दूंगी, बाहर निकलने में डर लगता है।
दुर्गा मंडप के पास का मंजर, जो परिवार कभी नहीं भूल पाएगा
25 अप्रैल की शाम करीब 7 बजे छात्रा अपने भाई के साथ दुर्गा मंडप के पास फुचका खाने जा रही थी। यह एक सामान्य शाम थी, जैसी हर घर की होती है। भाई-बहन कुछ देर बाहर निकलकर वापस खाना खाने जा रहे थे। लेकिन इसी बीच आरोपी अपने तीन दोस्तों के साथ वहां धमक पड़ा। एफआईआर में आरोप है कि युवक ने नाबालिग छात्रा के साथ अभद्र व्यवहार किया। जब छात्रा ने विरोध किया तो उसने हाथ पकड़ लिया और जबरदस्ती बाइक पर बैठाने की कोशिश की। इसी दौरान कथित तौर से छात्रा के कपड़े भी फाड़ दिए गए। उस पल छात्रा का डर चीख में बदल गया। वह जोर से चिल्लाने लगी। भाई भी घबरा गया और लोगों को आवाज देने लगा।
लोग पहुंचे तो आरोपी भाग निकले
छात्रा की चीख सुनकर आसपास के लोग दौड़ पड़े। देखते ही देखते वहां भीड़ जुटने लगी। भीड़ को आते देख आरोपी और उसके साथी भाग निकले। लेकिन जाते-जाते आरोपी ने जो कहा, उसने पूरे परिवार को अंदर तक हिला दिया।
तेजाब डालने की धमकी ने बढ़ाई दहशत
एफआईआर में कहा गया है कि आरोपी ने धमकी दी कि अगर छात्रा ने उससे शादी नहीं की तो वह तेजाब डालकर जला देगा और बदनाम कर देगा। आरोपी खुद को रजरप्पा मंदिर का पंडा बताता है। इल्ज़ाम है कि वह पैसों का रौब और बड़े अधिकारियों की पहचान का धौंस दिखाता है। परिवार का कहना है कि यह धमकी सिर्फ शब्द नहीं थी, बल्कि डर पैदा करने की कोशिश थी। तेजाब जैसी धमकी सुनते ही छात्रा और उसके माता-पिता की हालत खराब हो गई।
घर लौटकर बेटी रोती रही, मां की हालत बिगड़ गई
घटना के बाद छात्रा घर पहुंची तो उसकी हालत नॉर्मल नहीं थी। वह बार-बार रो रही थी। मां बेटी को देखकर टूट गईं। पिता कहते हैं कि बेटी के कपड़े फटे हुए थे, उसका चेहरा डरा हुआ था और वह कांप रही थी। उस रात परिवार के किसी सदस्य की आंखों में नींद नहीं थी। पिता बताते हैं कि बेटी को समझाते रहे, उसे ढांढस देते रहे, लेकिन खुद अंदर से टूट चुके थे।
शिकायत करने गए तो मारपीट का आरोप
पीड़िता के पिता का आरोप है कि जब वे पत्नी के साथ आरोपी के घर शिकायत करने गए तो वहां आरोपी के पिता, चाचा और अन्य लोगों ने उनके साथ मारपीट की। शिकायत में कहा गया है कि जान से मारने की नीयत से हमला किया गया। इतना ही नहीं, धमकी दी गई कि अगर थाना में केस दर्ज कराया गया तो उन्हें रजरप्पा प्रोजेक्ट में रहने नहीं दिया जाएगा और उनकी दुकान में आग लगा दी जाएगी।
अब डर के साथ जी रहा पूरा परिवार
घटना के बाद से छात्रा मानसिक रूप से परेशान है। परिवार का कहना है कि बेटी अब बाहर निकलने से डरती है। स्कूल जाने का नाम सुनते ही उसका चेहरा उतर जाता है। पिता बताते हैं कि बेटी पहले हंसती-बोलती थी, लेकिन अब वह ज्यादा बात नहीं करती। मां हर वक्त बेटी के पास बैठी रहती हैं। पिता कहते हैं कि घर में हर समय चिंता बनी रहती है कि कहीं आरोपी फिर से कुछ न कर दे।
पुलिस ने दर्ज किया केस, आरोपी गिरफ्तार
रजरप्पा थाना पुलिस ने मामले में प्राथमिकी दर्ज कर ली। इसके बाद ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए संदेही गुनहगार को धर दबोचा और न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। पुलिस का कहना है कि आगे की कार्रवाई जारी है और दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी।
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