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News Samvad : देश और दुनिया इस समय तेल संकट के असर को महसूस कर रहे हैं। अमेरिका और ईरान के बीच होर्मुज स्ट्रेट को लेकर बढ़ी तनातनी का असर भारत समेत कई देशों पर पड़ रहा है। क्रूड ऑयल की सप्लाई प्रभावित होने से पेट्रोल-डीजल, गैस और दूसरी जरूरी चीजों की कीमतों और उपलब्धता पर दबाव बढ़ गया है। इसी बीच प्रधानमंत्री Narendra Modi ने देशवासियों से अपील की है कि वे पेट्रोल-डीजल की खपत कम करें, विदेश यात्राओं से बचें और एक साल तक सोना खरीदने से परहेज करें। पीएम मोदी ने खास तौर पर कुकिंग ऑयल की खपत घटाने पर भी जोर दिया।उन्होंने कहा कि अगर लोग खाने में तेल कम इस्तेमाल करेंगे तो इससे दो फायदे होंगे। पहला, देश पर तेल आयात का बोझ कम होगा और दूसरा, लोगों की सेहत भी बेहतर रहेगी।
ज्यादा तेल वाला खाना क्यों है नुकसानदायक?
आजकल लोग फिट और हेल्दी रहने के लिए अपनी डाइट पर काफी ध्यान दे रहे हैं। डॉक्टर भी सलाह देते हैं कि जरूरत से ज्यादा तेल वाला खाना शरीर के लिए नुकसानदायक हो सकता है। अधिक तेल खाने से वजन तेजी से बढ़ सकता है। इसके अलावा हाई कोलेस्ट्रॉल, ब्लड प्रेशर और दिल की बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है।कई लोग यह सोचते हैं कि बिना तेल के सब्जी स्वादिष्ट नहीं बन सकती, लेकिन ऐसा बिल्कुल नहीं है। थोड़ी समझदारी और सही कुकिंग तकनीक अपनाकर कम तेल या बिना तेल के भी स्वादिष्ट खाना तैयार किया जा सकता है।
पानी में मसाले पकाने का तरीका हो रहा लोकप्रिय
आमतौर पर सब्जी बनाते समय सबसे पहले तेल गर्म किया जाता है और फिर उसमें मसाले डाले जाते हैं। लेकिन अब हेल्दी कुकिंग में लोग वॉटर सॉटे तकनीक अपना रहे हैं।स तरीके में तेल की जगह थोड़ा पानी डालकर प्याज, टमाटर और मसालों को धीमी आंच पर पकाया जाता है। मसाले धीरे-धीरे गल जाते हैं और उनका स्वाद भी बना रहता है। इससे तेल की जरूरत काफी कम हो जाती है।
नॉन-स्टिक पैन से कम होगा तेल का इस्तेमाल
अगर आप रोजाना खाना बनाते समय ज्यादा तेल डाल देते हैं तो अपने बर्तनों पर भी ध्यान दें। नॉन-स्टिक या सिरेमिक पैन में खाना कम तेल में आसानी से बन जाता है। इन बर्तनों में सब्जियां चिपकती नहीं हैं, इसलिए जरूरत से ज्यादा तेल डालने की आवश्यकता नहीं पड़ती।कई लोग अब सामान्य कड़ाही की जगह नॉन-स्टिक पैन का इस्तेमाल कर रहे हैं ताकि हेल्दी खाना बनाया जा सके।
स्टीमिंग और उबालकर पकाना भी अच्छा विकल्प
कई सब्जियां ऐसी होती हैं जो भाप में पकाने पर ज्यादा स्वादिष्ट लगती हैं। लौकी, तोरी, गाजर, बीन्स, पालक और मिक्स वेज जैसी सब्जियां स्टीम करके बनाई जा सकती हैं।स्टीमिंग का फायदा यह भी है कि सब्जियों के पोषक तत्व काफी हद तक सुरक्षित रहते हैं। बाद में ऊपर से नींबू, काली मिर्च और भुना जीरा डालकर स्वाद को और बढ़ाया जा सकता है।
बिना ज्यादा तेल के भी बन सकती है गाढ़ी ग्रेवी
अक्सर लोग सोचते हैं कि ग्रेवी वाली सब्जी बनाने के लिए ज्यादा तेल जरूरी होता है, लेकिन ऐसा नहीं है। ग्रेवी को गाढ़ा और स्वादिष्ट बनाने के लिए दही, टमाटर प्यूरी, प्याज का पेस्ट, बेसन या ओट्स पाउडर का इस्तेमाल किया जा सकता है।कुछ लोग नारियल दूध का भी इस्तेमाल करते हैं, जिससे सब्जी क्रीमी बनती है और तेल की जरूरत कम पड़ती है।
तेल कम करने के लिए अपनाएं ये छोटी आदतें
अगर आप पूरी तरह बिना तेल के खाना नहीं बनाना चाहते, तब भी तेल की मात्रा को आसानी से कम किया जा सकता है। इसके लिए स्प्रे बोतल या माप वाले चम्मच का इस्तेमाल करना बेहतर तरीका माना जाता है।अक्सर लोग अंदाजे से ज्यादा तेल डाल देते हैं, जबकि नापकर इस्तेमाल करने से तेल की खपत काफी कम हो सकती है।इसके अलावा डीप फ्राई की जगह ग्रिलिंग, रोस्टिंग और एयर फ्राइंग जैसे विकल्प भी अपनाए जा सकते हैं। इससे खाना स्वादिष्ट भी रहता है और शरीर पर अतिरिक्त तेल का असर भी कम पड़ता है।
सेहत के साथ देश की अर्थव्यवस्था को भी फायदा
भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा विदेशों से आयात किए गए तेल पर निर्भर करता है। ऐसे में अगर लोग पेट्रोल-डीजल और कुकिंग ऑयल की खपत कम करते हैं, तो इससे देश का आयात बिल भी घट सकता है।विशेषज्ञ मानते हैं कि छोटी-छोटी आदतों में बदलाव करके लोग अपनी सेहत सुधारने के साथ देश की अर्थव्यवस्था को भी मजबूत बनाने में योगदान दे सकते हैं।

