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Patna : पश्चिम बंगाल में सीमा पार घुसपैठ और कानून व्यवस्था को लेकर उठे सवालों के बीच बिहार सरकार अब पहले से ज्यादा सतर्क नजर आ रही है। बुधवार को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में सरकार ने पुलिस और बॉर्डर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने से लेकर उद्योग, रोजगार, खेल और स्वास्थ्य क्षेत्र तक कई बड़े फैसलों पर मुहर लगा दी। कुल 13 प्रस्ताव कैबिनेट में लाए गए, जिन्हें मंजूरी मिल गई। मुख्य सचिवालय स्थित मंत्रिमंडल कक्ष में शाम करीब पांच बजे शुरू हुई बैठक में दोनों उपमुख्यमंत्री, मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। बैठक के दौरान सबसे ज्यादा चर्चा रोजगार और नई नियुक्तियों को लेकर रही। सरकार ने साफ संकेत दिया कि अगले पांच साल में एक करोड़ नौकरी और रोजगार देने के लक्ष्य को लेकर हर कैबिनेट बैठक में बड़े फैसले लिए जाएंगे।
बॉर्डर सुरक्षा के लिए नया IG बॉर्डर पद मंजूर
गृह विभाग ने राज्य की सीमावर्ती सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए बड़ा फैसला लिया। विशेष शाखा के अधीन पुलिस महानिरीक्षक बॉर्डर यानी IG Border का नया पद सृजित करने को मंजूरी दी गई। सरकार का मानना है कि इससे अंतरराष्ट्रीय और अंतर्राज्यीय सीमाओं पर निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होगी। बिहार सरकार की चिंता साफ तौर पर सीमाई इलाकों में बढ़ती गतिविधियों और घुसपैठ को लेकर दिखी। सरकार नहीं चाहती कि पड़ोसी राज्यों जैसी स्थिति बिहार में बने।
बरौनी के उद्योगों को मिलेगी प्राकृतिक गैस
उद्योग विभाग ने बेगूसराय के बरौनी औद्योगिक क्षेत्र के लिए बड़ी परियोजना को मंजूरी दी। गेल की ओर से करीब 324 करोड़ रुपये की लागत से 1839 किलोमीटर लंबी गैस पाइपलाइन बिछाई जाएगी। इस पाइपलाइन के जरिए उद्योगों को प्राकृतिक गैस की सप्लाई होगी। सरकार का कहना है कि इससे उद्योगों की लागत घटेगी, उत्पादन बढ़ेगा और प्रदूषण भी कम होगा। परियोजना को अगले 18 महीनों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
माननीय मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी जी की अध्यक्षता में बिहार कैबिनेट की बैठक में कुल 13 एजेंडों पर लगी मुहर। बैठक के बाद मीडियाकर्मियों को विस्तृत जानकारी देते मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री अरविंद कुमार चौधरी। @samrat4bjp @BiharCabinet… pic.twitter.com/OrBkOdP7YB
— IPRD Bihar (@IPRDBihar) May 20, 2026
स्वास्थ्य सेवाओं के लिए 747 करोड़ रुपये जारी
पंचायतीराज विभाग ने ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए बड़ा वित्तीय फैसला लिया। 15वें वित्त आयोग की अनुशंसा के तहत बिहार आकस्मिकता निधि से 7 अरब 47 करोड़ 97 लाख 64 हजार रुपये जारी करने को मंजूरी दी गई। यह राशि ग्रामीण अस्पतालों, स्वास्थ्य केंद्रों और आधारभूत सुविधाओं के विकास में खर्च होगी।
स्थानीय निकायों को वित्तीय राहत
वित्त विभाग ने पंचम राज्य वित्त आयोग की अनुशंसा अवधि को वित्तीय वर्ष 2026-27 तक बढ़ाने का फैसला लिया। इससे पंचायतों और स्थानीय निकायों को फंड वितरण में लगातार मदद मिलती रहेगी।
विज्ञान और तकनीकी शिक्षा विभाग में नए पद
विज्ञान, प्रावैधिकी एवं तकनीकी शिक्षा विभाग ने बिहार काउंसिल ऑन साइंस एंड टेक्नोलॉजी में 87 पदों के पुनर्सृजन और 53 नए पदों के सृजन को मंजूरी दी है। इससे विभागीय कामकाज तेज होने की उम्मीद है। इसी विभाग ने यंग प्रोफेशनल्स नीति-2026 को भी मंजूरी दी। इसके तहत विशेषज्ञ युवाओं की नियुक्ति की जाएगी ताकि तकनीकी परियोजनाओं और विभागीय योजनाओं को बेहतर तरीके से लागू किया जा सके।
खेल सुविधाओं को बढ़ावा देने की तैयारी
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने कई जिलों में खेल अधोसंरचना के लिए जमीन हस्तांतरण को मंजूरी दी। अरवल जिले में स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के लिए 0.68 एकड़ जमीन खेल विभाग को दी गई।
औरंगाबाद में 13.09 एकड़ भूमि स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स निर्माण के लिए हस्तांतरित की गई। सहरसा जिले में मुख्यमंत्री विकास योजना के तहत आउटडोर स्टेडियम निर्माण के लिए 0.66 एकड़ जमीन दी गई। सरकार का कहना है कि इससे ग्रामीण और छोटे शहरों के खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।
बिहार से तीन नए अंतरराष्ट्रीय हवाई रूट
सिविल विमानन विभाग ने बिहार की अंतरराष्ट्रीय हवाई कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए इंडिगो एयरलाइंस के चयन को मंजूरी दी। तीन नए अंतरराष्ट्रीय रूटों पर विमान सेवा शुरू की जाएगी। इसके लिए सरकार ने 10 करोड़ 40 लाख रुपये की व्यवहार्यता अंतर निधि यानी Viability Gap Funding की स्वीकृति भी दी है। माना जा रहा है कि इससे बिहार से विदेश यात्रा करने वाले लोगों को बड़ी राहत मिलेगी।
भोजपुर में फूड यूनिट, कैमूर में एथेनॉल प्लांट
ऊर्जा विभाग ने भोजपुर जिले में राइस ब्रान खाद्य उत्पादन इकाई लगाने के लिए 881.80 लाख रुपये की मंजूरी दी है। इस परियोजना से करीब 185 लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद है। वहीं उद्योग विभाग ने कैमूर जिले में 650 केएलपीडी क्षमता वाले एथेनॉल प्लांट के लिए 7345 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव को मंजूरी दी। यह परियोजना राज्य के बड़े औद्योगिक निवेशों में गिनी जा रही है। इससे रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और स्थानीय उद्योगों को भी फायदा मिलेगा।
हर कैबिनेट बैठक में रोजगार पर रहेगा फोकस
बैठक के बाद सरकार की तरफ से यह साफ संदेश देने की कोशिश हुई कि आने वाले दिनों में नौकरी, निवेश और बुनियादी ढांचे पर लगातार फैसले लिए जाएंगे। सरकार का दावा है कि एक करोड़ रोजगार और नौकरी देने के लक्ष्य को लेकर विभागवार योजनाएं तैयार की जा रही हैं।
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