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Patna : बिहार की सम्राट सरकार ने राज्य की कानून व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए पुलिस विभाग में अब तक का सबसे बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया है। गृह विभाग की ओर से लगातार दूसरे दिन भी बड़े पैमाने पर डीएसपी अधिकारियों का तबादला किया गया। 16 मई को जारी नई सूची में 54 DSP को नई जिम्मेदारी दी गई है। इससे पहले 15 मई को DSP स्तर के 61 अधिकारियों का ट्रांसफर किया गया था। यानी सिर्फ 48 घंटे के भीतर कुल 115 डीएसपी स्तर के अधिकारियों के कार्यक्षेत्र बदल दिए गए। इतनी बड़ी संख्या में हुए तबादलों के बाद प्रशासनिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। इसे सरकार की बड़ी रणनीतिक कार्रवाई माना जा रहा है।
पहले चरण में जिला पुलिसिंग पर रहा फोकस
15 मई को जारी पहली सूची में सरकार ने जिला पुलिसिंग और कानून व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर दिया था। कई जिलों और रेल पुलिस में अधिकारियों की नई तैनाती की गई। सरकार का मकसद जमीनी स्तर पर पुलिसिंग को मजबूत करना और अपराध नियंत्रण को तेज करना बताया गया। लंबे समय से एक ही जगह पर तैनात अधिकारियों को भी बदला गया।
दूसरे चरण में युवा अधिकारियों को मिली अहम जिम्मेदारी
16 मई को जारी दूसरी सूची में 64वीं, 65वीं और 66वीं बैच के युवा अधिकारियों को बड़ी जिम्मेदारियां दी गई हैं। सरकार ने तकनीकी रूप से सक्षम अफसरों को संवेदनशील और महत्वपूर्ण पदों पर तैनात किया है। इन अधिकारियों को फील्ड पोस्टिंग देकर साफ संकेत दिया गया है कि सरकार अब तेज, सक्रिय और तकनीक आधारित पुलिसिंग पर जोर दे रही है।
साइबर अपराध रोकने पर सरकार का खास फोकस
बिहार में लगातार बढ़ रहे साइबर अपराधों को देखते हुए सरकार ने साइबर क्राइम यूनिट में भी बड़े बदलाव किए हैं। कई जिलों में नए डीएसपी स्तर के अधिकारियों की तैनाती की गई है। शाहनवाज अख्तर को नवादा का साइबर क्राइम डीएसपी बनाया गया है। वहीं अब्दुर रहमान दानिश को गया में साइबर अपराध शाखा की जिम्मेदारी दी गई है। अभिषेक कुमार को जमुई का साइबर क्राइम डीएसपी नियुक्त किया गया है। कटिहार समेत कई जिलों में भी तकनीकी समझ रखने वाले अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
SDPO स्तर पर भी बड़े पैमाने पर बदलाव
सरकार ने अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी यानी SDPO स्तर पर भी व्यापक फेरबदल किया है। कई अनुमंडलों में नए चेहरों को मौका दिया गया है ताकि स्थानीय स्तर पर अपराध नियंत्रण और पुलिस निगरानी को मजबूत किया जा सके। सरकार का मानना है कि स्थानीय स्तर पर सक्रिय पुलिसिंग से अपराध पर तेजी से अंकुश लगाया जा सकता है।
निगरानी, मद्यनिषेध और EOU में भी बदलाव
भ्रष्टाचार और अवैध कारोबार पर कार्रवाई तेज करने के लिए निगरानी अन्वेषण ब्यूरो, मद्यनिषेध इकाई और आर्थिक अपराध इकाई में भी कई अधिकारियों की पोस्टिंग बदली गई है। सरकार की कोशिश है कि शराब तस्करी, भ्रष्टाचार और आर्थिक अपराधों पर सख्ती से कार्रवाई हो और जांच एजेंसियां ज्यादा प्रभावी तरीके से काम करें।
एक पुराना आदेश भी सरकार ने बदला
नई अधिसूचना में सरकार ने 15 मई को जारी एक पुराने आदेश में भी संशोधन किया है। नीमचक बथानी (गया) के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सुरेंद्र कुमार सिंह के तबादले को तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया गया है। अब वे अगले आदेश तक उसी पद पर बने रहेंगे।
अपराधियों के खिलाफ बड़े अभियान की तैयारी
सूत्रों के मुताबिक राज्य सरकार आने वाले दिनों में अपराधियों, भू-माफियाओं और साइबर अपराधियों के खिलाफ बड़ा अभियान चलाने की तैयारी में है। मुख्यमंत्री स्तर पर लगातार समीक्षा बैठकें की जा रही हैं। हाल ही में हुई बैठक में अधिकारियों को अपराध पर जीरो टॉलरेंस नीति अपनाने का निर्देश दिया गया था। सरकार का मानना है कि नई पोस्टिंग के बाद पुलिसिंग में तेजी आएगी और अपराध नियंत्रण को लेकर बेहतर परिणाम देखने को मिलेंगे।
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