अपनी मनपसंद भाषा में पढ़ें :
Ramgarh (Dharmendra Pradhan) : रामगढ़ जिले के सुदूर इलाकों में रहने वाले आदिम जनजाति परिवारों तक सरकारी योजनाओं का लाभ सही तरीके से पहुंच रहा है या नहीं, इसे देखने के लिए बुधवार को उपायुक्त ऋतुराज खुद बिरहोर बस्तियों तक पहुंचे। पतरातू प्रखंड की कोतो पंचायत स्थित बिरहोर क्षेत्र में पहुंचकर उन्होंने गांव की स्थिति देखी और लोगों से सीधे बात की। इस दौरान ग्रामीणों ने खुलकर अपनी परेशानियां बताईं। किसी ने आवास की दिक्कत बताई तो किसी ने राशन, पानी और स्वास्थ्य सुविधा की समस्या सामने रखी। उपायुक्त ने मौके पर मौजूद अधिकारियों को कई मामलों में तुरंत कार्रवाई करने का निर्देश दिया।
बिरहोर परिवारों के बीच पहुंचे डीसी
बिरहोर समुदाय झारखंड की आदिम जनजातियों में शामिल है और इनकी बड़ी आबादी अब भी दूरदराज इलाकों में रहती है। ऐसे में प्रशासन की टीम का गांव पहुंचना लोगों के लिए खास रहा। उपायुक्त ऋतुराज ने गांव में घूमकर लोगों के रहन-सहन को देखा। कई घरों में जाकर परिवारों से बातचीत की और बच्चों की पढ़ाई, इलाज और सरकारी योजनाओं की जानकारी ली। ग्रामीणों ने बताया कि कुछ योजनाओं का लाभ मिल रहा है, लेकिन कई जगह अभी भी परेशानी बनी हुई है। कुछ लोगों ने कहा कि पानी की समस्या बनी रहती है, जबकि कुछ परिवारों ने आवास और रोजगार को लेकर अपनी चिंता जताई।
आवास, राशन और शिक्षा व्यवस्था की हुई जांच
निरीक्षण के दौरान डीसी ने प्रधानमंत्री आवास योजना, राशन वितरण, सामाजिक सुरक्षा पेंशन और स्वास्थ्य सुविधाओं की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों से पूछा कि कितने परिवार योजनाओं से जुड़े हैं और किन लोगों को अब तक लाभ नहीं मिला है। बच्चों की पढ़ाई को लेकर भी उन्होंने जानकारी ली। उपायुक्त ने कहा कि आदिम जनजाति क्षेत्रों में शिक्षा पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है ताकि बच्चे आगे बढ़ सकें और मुख्यधारा से जुड़ सकें। उन्होंने स्कूल जाने वाले बच्चों की संख्या और उनकी उपस्थिति की भी जानकारी ली।
“हर जरूरतमंद तक पहुंचे सरकार की योजना”
ग्रामीणों से बातचीत के दौरान डीसी ऋतुराज ने कहा कि प्रशासन की कोशिश है कि कोई भी जरूरतमंद परिवार सरकारी योजनाओं से वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुंचाना ही प्रशासन की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि योग्य लोगों को सामाजिक सुरक्षा पेंशन, मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना और दूसरी जनकल्याणकारी योजनाओं से जल्द जोड़ा जाए। साथ ही जिन परिवारों को अब तक योजनाओं का लाभ नहीं मिला है, उनकी सूची बनाकर कार्रवाई की जाए।
पेयजल और बुनियादी सुविधाओं पर जोर
डीसी ने बिरहोर बस्तियों में पेयजल व्यवस्था सुधारने और बुनियादी सुविधाएं मजबूत करने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि सड़क, पानी, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी सुविधाएं गांव तक पहुंचनी चाहिए ताकि लोगों को रोजमर्रा की परेशानियों का सामना न करना पड़े।
मौके पर उप विकास आयुक्त आशीष अग्रवाल, प्रभारी पदाधिकारी गोपनीय शाखा रविन्द्र कुमार गुप्ता, प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचल अधिकारी, स्थानीय मुखिया और कई ग्रामीण मौजूद थे।
इसे भी पढ़ें : DC की दो टूक- आंगनबाड़ी बच्चों की पहली पाठशाला, लापरवाही बर्दाश्त नहीं

