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Ranchi : “अपराधियों की रीढ़ तोड़ दो, किसी को बख्शने की जरूरत नहीं।” रांची पुलिस मुख्यालय में हुई समीक्षा बैठक में एडीजी मनोज कौशिक का संदेश कुछ इसी अंदाज में सामने आया। एडीजी ने सख्त लहजे में अधिकारियों से कहा कि गैंगस्टर हो, रंगदार हो, नशे का सौदागर हो या फिर जमीन की दलाली कर लोगों की संपत्ति हड़पने वाला भू-माफिया, अब किसी को राहत नहीं मिलेगी। रांची में पुलिस अधिकारियों की बैठक में एडीजी मनोज कौशिक ने साफ संकेत दे दिया कि अपराधियों के खिलाफ केवल औपचारिक कार्रवाई नहीं, बल्कि उनकी आर्थिक और आपराधिक ताकत को खत्म करने की रणनीति पर काम होगा। पुलिस अधिकारियों को अपराध की जड़ तक पहुंचकर कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है।
अपराधियों के नेटवर्क ध्वस्त करो, सिर्फ गिरफ्तारी से नहीं चलेगा काम
बैठक में एडीजी मनोज कौशिक ने कहा कि कई बार किसी अपराधी की गिरफ्तारी के बाद पुलिस कार्रवाई धीमी पड़ जाती है, लेकिन अब ऐसा नहीं होना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि अपराधियों के पूरे नेटवर्क की पहचान की जाए। कौन पैसा दे रहा है, कौन संरक्षण दे रहा है, कौन जमीन के विवादों को बढ़ावा दे रहा है और कौन पर्दे के पीछे बैठकर अपराध को संचालित कर रहा है, इन सभी बिंदुओं पर काम करने को कहा गया। उनका जोर इस बात पर था कि अपराध की शाखाएं नहीं, उसकी जड़ काटी जाए।
भू-माफियाओं के खिलाफ सख्त रुख
बैठक में भूमि से जुड़े मामलों पर विशेष चिंता जताई गई। हाल के वर्षों में रांची और आसपास के इलाकों में जमीन विवादों और अवैध कब्जे के मामलों में बढ़ोतरी देखी गई है। इसे देखते हुए एडीजी ने स्पष्ट कहा कि गरीबों, बुजुर्गों और कमजोर लोगों की जमीन हड़पने वाले भू-माफियाओं के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए। उन्होंने थानेदारों को निर्देश दिया कि ऐसे मामलों को सामान्य विवाद समझकर नजरअंदाज न करें। जरूरत पड़ने पर राजस्व विभाग और अन्य संबंधित एजेंसियों के साथ मिलकर कार्रवाई करें ताकि जमीन माफियाओं के पूरे नेटवर्क को ध्वस्त किया जा सके।

रंगदारी मांगने वालों पर रहेगी पैनी नजर
रांची में कारोबारियों और व्यवसायियों से रंगदारी मांगने की घटनाओं को लेकर भी बैठक में चर्चा हुई। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि ऐसे मामलों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। एडीजी मनोज कौशिक ने कहा कि रंगदारी मांगने वाले अपराधी केवल एक व्यक्ति को नहीं डराते, बल्कि पूरे कारोबारी माहौल को प्रभावित करते हैं। ऐसे लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ त्वरित कानूनी कार्रवाई की जाए और जरूरत पड़ने पर उनके आर्थिक स्रोतों की भी जांच की जाए।
नशे के सौदागरों के खिलाफ अभियान होगा तेज
बैठक में एनडीपीएस एक्ट से जुड़े मामलों की समीक्षा करते हुए एडीजी ने नशा तस्करों के खिलाफ और अधिक सख्ती बरतने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि नशे का कारोबार केवल कानून-व्यवस्था का मामला नहीं है, बल्कि यह युवाओं के भविष्य से भी जुड़ा हुआ मुद्दा है। सभी पुलिस अधिकारियों को कहा गया कि स्कूलों, कॉलेजों और कोचिंग संस्थानों के आसपास विशेष निगरानी रखी जाए। जहां भी नशे की बिक्री या आपूर्ति की सूचना मिले, वहां तत्काल कार्रवाई हो।
10 जून से शुरू होगा बड़ा जागरूकता अभियान
केवल कार्रवाई ही नहीं, जागरूकता पर भी जोर दिया गया। बैठक में निर्णय लिया गया कि 10 जून से 25 जून तक जिले भर के स्कूलों और कॉलेजों में नशे के खिलाफ विशेष जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। इस दौरान पुलिस अधिकारी और विशेषज्ञ विद्यार्थियों को बताएंगे कि नशे की लत कैसे जीवन और करियर को बर्बाद कर देती है। साथ ही इसके कानूनी परिणामों की भी जानकारी दी जाएगी।
हर संवेदनशील इलाके पर कैमरों की नजर
अपराध नियंत्रण में तकनीक के उपयोग को बढ़ावा देते हुए एडीजी ने सभी थाना प्रभारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में ऐसे स्थानों की पहचान करने का निर्देश दिया जहां सीसीटीवी कैमरों की जरूरत है। पुराने कैमरों की समीक्षा कर नए स्थानों पर आधुनिक कैमरे लगाने का प्रस्ताव तैयार करने को कहा गया। पुलिस का मानना है कि मजबूत निगरानी व्यवस्था अपराधियों की गतिविधियों पर अंकुश लगाने में मददगार साबित होगी।
पुलिस को भी दिया जिम्मेदारी का संदेश
बैठक के दौरान एडीजी मनोज कौशिक ने पुलिस अधिकारियों को यह भी याद दिलाया कि जनता का भरोसा पुलिस की सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने कहा कि हर अधिकारी को संवेदनशील, जवाबदेह और पेशेवर रवैया अपनाना होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि अपराध नियंत्रण केवल गिरफ्तारी का आंकड़ा बढ़ाने से नहीं होगा, बल्कि गुणवत्तापूर्ण अनुसंधान, समय पर कार्रवाई और जनता के साथ बेहतर संवाद से ही कानून का राज मजबूत होगा।
संदेश साफ है…
करीब दो घंटे तक चली इस समीक्षा बैठक से एक बात पूरी तरह साफ हो गई कि रांची पुलिस अब अपराधियों के खिलाफ और आक्रामक रणनीति के साथ काम करेगी। चाहे मामला गैंगस्टरों का हो, रंगदारी गिरोहों का, भू-माफियाओं का या नशे के कारोबारियों का, पुलिस नेतृत्व ने साफ संकेत दे दिया है कि अब कार्रवाई केवल औपचारिकता के लिए नहीं होगी, बल्कि अपराधियों की कमर तोड़ने की दिशा में होगी। आने वाले दिनों में रांची में पुलिस की गतिविधियां और तेज होने के संकेत इसी बैठक से मिल गए हैं।
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