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Patna : बिहार में महिलाओं को अपने पैरों पर खड़ा करने के लिए शुरू की गई मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना अब बड़े स्तर पर पहुंच चुकी है। ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि महिलाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए ऐसी योजना लागू करने वाला बिहार देश का पहला राज्य है। तत्कालीन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इस योजना की शुरुआत की थी। आज यह योजना लाखों महिलाओं के जीवन में बदलाव ला रही है।
मंत्री मंगलवार को पटना के शास्त्रीनगर स्थित ऊर्जा ऑडिटोरियम में जीविका की ओर से आयोजित नियुक्ति पत्र वितरण समारोह को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में जीविका के विभिन्न पदों पर चयनित 2446 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र दिया गया। सीएम सम्राट चौधरी ने नवनियुक्त अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र सौंपे।
गांव-गांव जाकर महिलाओं को रोजगार से जोड़ेंगे
मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि जीविका में नियुक्त किए गए इन युवाओं की जिम्मेदारी काफी महत्वपूर्ण है। इन्हें अपनी प्रतिभा और ऊर्जा का इस्तेमाल ग्रामीण महिलाओं को रोजगार से जोड़ने में करना होगा। गांवों में महिलाओं को रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराने और सरकारी योजनाओं का लाभ उन तक पहुंचाने में ये कर्मचारी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। उन्होंने कहा कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में महिलाओं की भागीदारी लगातार बढ़ रही है। जब महिलाएं रोजगार से जुड़ती हैं तो इसका सीधा असर पूरे परिवार पर पड़ता है। परिवार की आमदनी बढ़ती है और बच्चों की पढ़ाई से लेकर बेहतर जीवन तक कई चीजों में बदलाव आता है।
1.81 करोड़ परिवारों को मिल चुके हैं 10-10 हजार रुपये
श्रवण कुमार ने बताया कि बिहार में करीब 13 लाख स्वयं सहायता समूह काम कर रहे हैं। इन समूहों से जुड़े 1.81 करोड़ परिवारों को मुख्यमंत्री रोजगार योजना के तहत 10-10 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी गई है। इस राशि से महिलाओं ने अपनी पसंद और क्षमता के अनुसार रोजगार शुरू किया है। उन्होंने कहा कि जो महिलाएं रोजगार शुरू कर चुकी हैं, उन्हें आगे बढ़ाने के लिए सरकार की ओर से दो लाख रुपये तक की अतिरिक्त आर्थिक मदद भी दी जाएगी। इससे छोटे कारोबार को बढ़ाने और नए रोजगार के अवसर तैयार करने में मदद मिलेगी।
शहरों में भी लागू होगी योजना, 18 लाख आवेदनों पर जल्द होगी कार्रवाई
मंत्री ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र में योजना की सफलता को देखते हुए अब इसे शहरी क्षेत्रों में भी लागू करने का फैसला लिया गया है। शहरी महिलाओं से करीब 18 लाख आवेदन प्राप्त हुए हैं। इन आवेदनों पर जल्द ही सुनवाई की जाएगी और पात्र महिलाओं को रोजगार शुरू करने के लिए आर्थिक सहायता दी जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य महिलाओं को केवल सहायता देना नहीं, बल्कि उन्हें ऐसा रोजगार उपलब्ध कराना है जिससे वे लंबे समय तक अपनी आमदनी का जरिया बना सकें।
📡#Live: #CM श्री @samrat4bjp जी के कर-कमलों द्वारा बिहार ग्रामीण जीविकोपार्जन प्रोत्साहन समिति (जीविका) अंतर्गत नव चयनित 2446 अभ्यर्थियों का नियुक्ति-पत्र वितरण कार्यक्रम। @VijayKChy @Bijendra_ydv @Shrawon_Nalanda @brlps_jeevika @BiharRDD
https://t.co/k0UY0jH0iZ— IPRD Bihar (@IPRDBihar) July 21, 2026
72 किसान उत्पादक कंपनियां कर रहीं 265 करोड़ से ज्यादा का कारोबार
ग्रामीण विकास मंत्री ने कृषि क्षेत्र में किसान उत्पादक कंपनियों की बढ़ती भूमिका का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि बिहार में 72 किसान उत्पादक कंपनियां काम कर रही हैं। ये कंपनियां सामूहिक उत्पादन, फसल के प्रसंस्करण और बाजार से जुड़ाव के जरिए 265 करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार कर रही हैं। इन कंपनियों से एक लाख से अधिक ग्रामीण लोगों को रोजगार और आजीविका के अवसर मिल रहे हैं। उन्होंने कहा कि इससे गांवों की अर्थव्यवस्था में बदलाव आ रहा है और किसानों को अपनी उपज का बेहतर बाजार भी मिल रहा है।
प्रखंड परियोजना प्रबंधक से लेकर आईटी एग्जीक्यूटिव तक संभालेंगे जिम्मेदारी
मंत्री ने कहा कि जीविका में नियुक्त सभी 2446 युवा अब जमीनी स्तर पर योजनाओं को लागू करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। प्रखंड परियोजना प्रबंधक, सामुदायिक समन्वयक, क्षेत्रीय समन्वयक, जीविकोपार्जन विशेषज्ञ, लेखापाल, ब्लॉक आईटी एग्जीक्यूटिव और कार्यालय सहायक समेत अलग-अलग पदों पर नियुक्ति हुई है।
हर पद की अपनी अलग जिम्मेदारी है। किसी को परियोजनाओं की निगरानी करनी होगी तो किसी को गांवों में समुदाय के साथ मिलकर काम करना होगा। वहीं, तकनीकी और लेखा से जुड़े कर्मचारी योजनाओं के काम को बेहतर तरीके से चलाने में मदद करेंगे।
मंत्री ने नवनियुक्त कर्मचारियों से कहा कि वे समुदाय के साथ मिलकर काम करें और यह सुनिश्चित करें कि सरकारी योजनाओं का लाभ सही लोगों तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि ग्रामीण विकास विभाग का लक्ष्य गांवों में रोजगार, महिला सशक्तीकरण, कौशल विकास और आजीविका के अवसर बढ़ाना है।
कार्यक्रम में विभागीय प्रधान सचिव पंकज कुमार, जीविका के मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी हिमांशु शर्मा समेत विभाग के कई अधिकारी मौजूद थे।
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