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Home » सिर्फ गहनों की चमक नहीं, अब समाज का भविष्य संवारने की तैयारी में स्वर्णकार समाज
झारखंड

सिर्फ गहनों की चमक नहीं, अब समाज का भविष्य संवारने की तैयारी में स्वर्णकार समाज

June 11, 2026No Comments4 Mins Read
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Ranchi : झारखंड में स्वर्णकार समाज अब सिर्फ सोना-चांदी के कारोबार तक सीमित नहीं रहना चाहता। समाज के लोग चाहते हैं कि आने वाली पीढ़ियां शिक्षा, तकनीक, रोजगार और सामाजिक नेतृत्व के क्षेत्र में भी अपनी मजबूत पहचान बनाएं। इसी सोच के साथ अखिल भारतीय स्वर्णकार समाज एवं ज्वेलर्स एसोसिएशन ने एक बड़ा कदम उठाया है। संगठन ने 17 सूत्रीय संकल्प पत्र जारी कर समाज के सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक सशक्तिकरण का रोडमैप सामने रखा है। संगठन का मानना है कि बदलते दौर में केवल पारंपरिक व्यवसाय के भरोसे आगे बढ़ना पर्याप्त नहीं है। समय की मांग है कि समाज आधुनिक तकनीक, शिक्षा और संगठनात्मक शक्ति के साथ आगे बढ़े।

बदलते वक्त के साथ बदलने की तैयारी

एक वक्त था जब स्वर्णकार समाज की पहचान केवल कुशल कारीगरों और आभूषण व्यवसायियों के रूप में होती थी। लेकिन अब बाजार तेजी से बदल रहा है। मशीनों का उपयोग बढ़ रहा है, डिजाइनों में आधुनिकता आ रही है और कारोबार भी डिजिटल होता जा रहा है। इसी को देखते हुए संगठन ने युवाओं और कारीगरों को आधुनिक तकनीक से जोड़ने का फैसला किया है। ज्वेलरी डिजाइनिंग, कंप्यूटर आधारित डिजाइन, आधुनिक उत्पादन प्रणाली और डिजिटल मार्केटिंग जैसे विषयों पर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। संगठन का मानना है कि यदि युवा समय के साथ खुद को अपडेट करेंगे तो रोजगार और कारोबार के नए अवसर भी खुलेंगे।

कारोबार की परेशानियों में मिलेगा संगठन का साथ

सर्राफा व्यवसाय से जुड़े लोगों को अक्सर कानूनी, प्रशासनिक और अन्य व्यावसायिक चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। कई बार छोटे व्यवसायी जानकारी के अभाव में परेशान हो जाते हैं। संगठन ने तय किया है कि ऐसे मामलों में व्यवसायियों को सलाह और सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा। जरूरत पड़ने पर प्रशासनिक स्तर पर भी उनकी समस्याओं को उठाया जाएगा। वरिष्ठ और अनुभवी व्यापारियों के अनुभवों का लाभ नई पीढ़ी तक पहुंचाने की भी योजना बनाई गई है।

समाज के बच्चों की पढ़ाई पर रहेगा विशेष ध्यान

संकल्प पत्र में शिक्षा को सबसे महत्वपूर्ण मुद्दों में शामिल किया गया है। संगठन चाहता है कि समाज के आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन प्रतिभाशाली छात्र आगे बढ़ें और बेहतर शिक्षा प्राप्त करें। इसी मकसद से छात्रवृत्ति योजनाएं शुरू करने, तकनीकी और व्यावसायिक शिक्षा को बढ़ावा देने तथा प्रशिक्षण संस्थानों की स्थापना की दिशा में काम करने की बात कही गई है। संगठन के पदाधिकारियों का मानना है कि शिक्षा ही किसी भी समाज को आगे बढ़ाने का सबसे मजबूत माध्यम है।

स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा भी एजेंडे में शामिल

संगठन की योजनाएं सिर्फ व्यापार और शिक्षा तक सीमित नहीं हैं। गरीब और जरूरतमंद लोगों के लिए स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया गया है। निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर, औषधालय और एम्बुलेंस सेवा जैसी योजनाओं को प्राथमिकता देने की बात कही गई है। वहीं निराश्रित और परित्यक्ता महिलाओं के लिए आश्रय, स्वरोजगार और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े प्रयास भी किए जाएंगे। संगठन स्थायी सामाजिक कार्यों के लिए एक संचित कोष बनाने पर भी विचार कर रहा है, ताकि भविष्य में जरूरतमंद लोगों की सहायता नियमित रूप से की जा सके।

अपनी जड़ों और इतिहास को भी संजोने की कोशिश

संगठन का मानना है कि विकास के साथ-साथ अपनी सांस्कृतिक पहचान को बचाए रखना भी जरूरी है। इसी सोच के तहत समाज के महापुरुषों और ऐतिहासिक विरासत को सम्मान देने की योजना बनाई गई है। महाराजा अम्बरीष जी, संत शिरोमणि नरहरी जी, महाराजा अजमीढ़ जी और भगवान विश्वकर्मा जी की स्मृति में चौराहों का नामकरण, प्रतिमाओं की स्थापना और धर्मशालाओं के निर्माण का प्रस्ताव रखा गया है। इससे नई पीढ़ी अपने इतिहास और परंपराओं से जुड़ी रह सकेगी।

‘एक ध्वज, एक पहचान’ के साथ एकजुटता का संदेश

इस पूरे अभियान का सबसे अहम संदेश है “एक ध्वज, एक पहचान”। संगठन का कहना है कि जब तक समाज एकजुट नहीं होगा, तब तक उसकी आवाज प्रभावी तरीके से नहीं सुनी जाएगी। इसीलिए सदस्यता अभियान को भी व्यापक स्तर पर चलाने की तैयारी है। लक्ष्य यह है कि गांव से लेकर शहर तक समाज के अधिक से अधिक लोग संगठन से जुड़ें और सामूहिक शक्ति को मजबूत करें।

14 जून को होगा शक्ति प्रदर्शन

संगठन की इस नई मुहिम का बड़ा पड़ाव 14 जून को देखने को मिलेगा। रेलवे स्टेशन के समीप स्थित होटल ब्लू शिवालिक में शपथ ग्रहण एवं सम्मान समारोह आयोजित किया जा रहा है। इस कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद डॉ. प्रदीप वर्मा, पूर्व विधायक जय प्रकाश गुप्ता, उप महापौर नीरज कुमार, राष्ट्रीय अध्यक्ष पृथ्वीपाल सिंह, राष्ट्रीय महामंत्री दीपक वर्मा समेत कई राष्ट्रीय और प्रदेश स्तरीय पदाधिकारी शामिल होंगे।

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