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Ranchi : आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) अब सिर्फ बड़ी कंपनियों तक सीमित नहीं रह गया है। हेल्थ, बैंकिंग, कृषि, मैन्युफैक्चरिंग, ऑटोमोबाइल और आईटी जैसे लगभग हर क्षेत्र में इसका इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है। यही वजह है कि AI से जुड़े रोजगार के अवसर भी लगातार बढ़ रहे हैं। इसी को देखते हुए झारखंड सरकार भी अब AI को बढ़ावा देने की दिशा में तेजी से कदम उठा रही है। सरकार की तैयारी है कि राज्य के युवाओं को आधुनिक तकनीक की शिक्षा यहीं मिले, ताकि उन्हें पढ़ाई या नौकरी के लिए दूसरे राज्यों का रुख न करना पड़े।
चार आईटीआई में शुरू होगी AI की पढ़ाई
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने 5 मार्च 2025 को नियुक्ति पत्र वितरण समारोह के दौरान राज्य के आईटीआई संस्थानों में AI की पढ़ाई शुरू करने की घोषणा की थी। हालांकि यह योजना अब तक जमीन पर नहीं उतर सकी है। अब विभागीय स्तर पर रांची समेत राज्य के चार आईटीआई में शुरुआती चरण में AI की पढ़ाई शुरू करने की तैयारी चल रही है।रांची के हेहल स्थित आईटीआई के प्रभारी प्राचार्य परमानंद रजक का कहना है कि इस संबंध में विभागीय बैठक हो चुकी है। जैसे ही आवश्यक संसाधन और उपकरण उपलब्ध होंगे, AI की पढ़ाई शुरू कर दी जाएगी।
युवाओं को मिलेगा बड़ा फायदा
झारखंड राज्य औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान कर्मचारी संघ के महासचिव कमलेश्वर रविदास का कहना है कि आज के दौर में AI की जानकारी हर क्षेत्र में जरूरी हो गई है। अगर यह सुविधा झारखंड के आईटीआई में मिलती है तो राज्य के हजारों छात्रों को बाहर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इससे स्थानीय युवाओं को आधुनिक तकनीक सीखने का मौका मिलेगा और वे स्टार्टअप शुरू करने के साथ-साथ बेहतर रोजगार भी हासिल कर सकेंगे।
AI पॉलिसी का ड्राफ्ट तैयार
राज्य सरकार ने AI पॉलिसी 2026 से 2031 का ड्राफ्ट तैयार कर लिया है। इसका उद्देश्य झारखंड को पूर्वी भारत का प्रमुख AI और आईटी हब बनाना है। इस नीति के तहत प्रशासन, कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा और खनिज प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में AI का व्यापक इस्तेमाल करने की योजना है।सरकार मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में स्टेट AI मिशन का गठन करेगी। इसमें जैप-आईटी को नोडल एजेंसी बनाया जाएगा। साथ ही इंडिया AI से जुड़ा अपना झारखंड AI क्लाउड भी विकसित किया जाएगा।
रांची आईटी पार्क से बढ़ेंगी निवेश की संभावनाएं
सरकार रांची में करीब 100.97 एकड़ भूमि पर आधुनिक आईटी पार्क विकसित करने की योजना पर भी काम कर रही है। यह पार्क राजधानी के कोर कैपिटल एरिया में बनेगा। इसकी खास बात यह है कि यह आईआईएम रांची और बिरसा मुंडा एयरपोर्ट के पास स्थित होगा, जिससे कंपनियों और निवेशकों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी।नई दिल्ली में 8 और 9 जुलाई 2026 को आयोजित नेशनल स्टेकहोल्डर्स कंसल्टेशन में पहली बार रांची आईटी पार्क को राष्ट्रीय स्तर पर निवेश प्रस्ताव के रूप में पेश किया गया है।
उद्योगों को आकर्षित करने की तैयारी
सरकार का दावा है कि झारखंड में हर साल 20 हजार से अधिक आईटी स्नातक उपलब्ध होते हैं। इसी क्षमता को देखते हुए उद्योगों को आकर्षित करने के लिए कई विशेष प्रोत्साहन दिए जा रहे हैं। इनमें 50 प्रतिशत पूंजीगत निवेश प्रतिपूर्ति, 100 प्रतिशत स्टाम्प शुल्क छूट और 100 प्रतिशत बिजली शुल्क छूट जैसे लाभ शामिल हैं।सरकार को उम्मीद है कि AI शिक्षा, नई आईटी नीति और रांची आईटी पार्क के जरिए झारखंड में बड़े निवेश आएंगे। इससे तकनीकी क्षेत्र में रोजगार बढ़ेगा और राज्य पूर्वी भारत के उभरते आईटी और AI केंद्र के रूप में अपनी नई पहचान बना सकेगा।

