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Ranchi : 16 जुलाई 2026 से शुरू होने वाली भगवान जगन्नाथ रथ यात्रा और नौ दिवसीय रथ मेले को लेकर झारखंड पुलिस मुख्यालय ने पूरे राज्य में हाई अलर्ट जारी किया है। सभी उपायुक्त (डीसी) और पुलिस अधीक्षकों (एसपी) को कानून-व्यवस्था बनाए रखने, संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षा तैनात करने और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश भेजे गए हैं। राजधानी रांची के लिए विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया है, जहां हर वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु रथ यात्रा में शामिल होते हैं।
संवेदनशील इलाकों और सोशल मीडिया पर रहेगी कड़ी नजर
पुलिस मुख्यालय ने सभी जिलों को अपने-अपने क्षेत्र के संवेदनशील स्थानों की पहचान कर वहां अतिरिक्त पुलिस बल और दंडाधिकारियों की तैनाती सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। रथ यात्रा मार्ग, प्रमुख मंदिर, बाजार, चौक-चौराहों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में लगातार निगरानी रखी जाएगी। साथ ही सोशल मीडिया पर फैलने वाली अफवाहों और भड़काऊ पोस्ट पर तुरंत कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
25 जुलाई को होगी बहुड़ा रथ यात्रा
16 जुलाई को भगवान जगन्नाथ, बहन सुभद्रा और भाई बलभद्र के विग्रहों को मुख्य मंदिर से मौसीबाड़ी तक पारंपरिक तरीके से रथ पर ले जाया जाएगा। श्रद्धालु रस्सियों से रथ खींचेंगे। इसके बाद भगवान नौ दिनों तक मौसीबाड़ी में विराजमान रहेंगे। 25 जुलाई को बहुड़ा यानी वापसी रथ यात्रा निकलेगी। इस दिन भी भारी भीड़ की संभावना को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रखने के निर्देश दिए गए हैं।
उपद्रवियों और पुराने आरोपियों पर विशेष निगरानी
मुख्यालय ने निर्देश दिया है कि रथ यात्रा के दौरान कानून-व्यवस्था बिगाड़ने वाले असामाजिक तत्वों की सूची तैयार की जाए। पिछले पांच वर्षों में रथ यात्रा के दौरान हुई सांप्रदायिक या विधि-व्यवस्था संबंधी घटनाओं की समीक्षा कर उसी के आधार पर सुरक्षा योजना बनाई जाए। पहले दंगा या सांप्रदायिक मामलों में शामिल रहे लोगों और अफवाह फैलाने वालों पर विशेष नजर रखने को कहा गया है।सभी जिलों में शांति समिति के सदस्यों, जनप्रतिनिधियों और स्थानीय गणमान्य लोगों के साथ बैठक कर विवादित मुद्दों का पहले ही समाधान करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन चाहता है कि सभी लोग मिलकर त्योहार को शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न कराएं।
भीड़ प्रबंधन से लेकर ड्रोन निगरानी तक की तैयारी
मेला क्षेत्र में सीसीटीवी और ड्रोन कैमरों से निगरानी की जाएगी। बच्चों के लिए खोया-पाया केंद्र बनाए जाएंगे। पुलिस वाहनों, फर्स्ट एड बॉक्स, पीए सिस्टम और आवश्यक सुरक्षा उपकरणों की व्यवस्था रहेगी। कमजोर या नीचे लटके बिजली के तारों की मरम्मत कराने और उन्हें चिन्हित करने के भी निर्देश दिए गए हैं, ताकि हादसों से बचा जा सके।इसके अलावा पॉकेटमारी, छेड़खानी, छिनतई, अवैध शराब, जुआ, लॉटरी, नशीले पदार्थों और हथियारों की तस्करी पर विशेष निगरानी रखने को कहा गया है। अग्निशमन, एंबुलेंस और चिकित्सा सेवाओं को भी पूरी तरह तैयार रखने का निर्देश दिया गया है।पुलिस मुख्यालय ने स्पष्ट किया है कि पूरे नौ दिवसीय आयोजन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष फोकस रहेगा। किसी भी तरह की अफवाह फैलाने या माहौल बिगाड़ने की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होगी। वहीं श्रद्धालुओं से प्रशासन के निर्देशों का पालन करने और शांतिपूर्ण माहौल बनाए रखने में सहयोग की अपील की गई है।

