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News Samvad : भारतीय रेलवे के इतिहास में शुक्रवार का दिन बेहद खास रहा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हरियाणा के जींद रेलवे स्टेशन से देश की पहली हाइड्रोजन ईंधन से चलने वाली ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इसके साथ ही भारत ने पर्यावरण के अनुकूल रेल परिवहन की दिशा में एक बड़ी छलांग लगा दी है। अब भारत भी दुनिया के उन चुनिंदा देशों में शामिल हो गया है, जहां हाइड्रोजन ईंधन से ट्रेनें चलाई जा रही हैं।यह ट्रेन हरियाणा के जींद और सोनीपत के बीच चलेगी। माना जा रहा है कि इससे न केवल इस इलाके की रेल कनेक्टिविटी मजबूत होगी, बल्कि भविष्य में देशभर में ग्रीन ट्रांसपोर्ट को बढ़ावा देने का रास्ता भी खुलेगा।
प्रदूषण कम करने की दिशा में बड़ा कदम
हाइड्रोजन ट्रेन को रेलवे की भविष्य की तकनीक माना जा रहा है। इसमें डीजल की जगह हाइड्रोजन ईंधन का इस्तेमाल किया जाता है। इससे कार्बन उत्सर्जन काफी कम होता है और पर्यावरण को नुकसान भी नहीं पहुंचता। यही वजह है कि दुनिया के कई विकसित देश इस तकनीक पर तेजी से काम कर रहे हैं। अब भारत ने भी इस दिशा में अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज करा दी है।विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में इस तकनीक का इस्तेमाल बढ़ने से रेलवे का संचालन और अधिक पर्यावरण अनुकूल हो सकेगा।
सप्ताह में छह दिन चलेगी ट्रेन
देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन सप्ताह में छह दिन यात्रियों की सेवा करेगी। इसका संचालन ट्रेन संख्या 74010 और 74009 के रूप में होगा।ट्रेन रोज सुबह 7:40 बजे जींद से रवाना होगी और करीब दो घंटे का सफर तय करते हुए सुबह 9:40 बजे सोनीपत पहुंचेगी। वापसी में यह ट्रेन सुबह 10:30 बजे सोनीपत से चलेगी और दोपहर 1:00 बजे जींद पहुंचेगी। ट्रेन की अधिकतम रफ्तार 75 किलोमीटर प्रति घंटा रहेगी।
14 स्टेशनों पर मिलेगा ठहराव
जींद से सोनीपत के बीच यह ट्रेन कुल 14 स्टेशनों पर रुकेगी। जींद जंक्शन से चलने के बाद ट्रेन जींद सिटी, पांडु पिंडारा, ललित खेड़ा, भंभेवा, ईशापुर खेड़ी, बुटाना, खंदराई, गोहाना, रभड़ा, लाठ, मोहाना, बड़वासनी होते हुए सोनीपत जंक्शन पहुंचेगी। वापसी में भी ट्रेन इन्हीं सभी स्टेशनों पर रुकते हुए जींद लौटेगी।इस रूट के यात्रियों को अब आधुनिक और पर्यावरण अनुकूल ट्रेन में सफर करने का मौका मिलेगा।
सिर्फ 5 रुपये से शुरू होगा सफर
रेलवे ने इस आधुनिक ट्रेन का किराया आम लोगों की पहुंच में रखा है। एक स्टेशन से अगले स्टेशन तक जाने के लिए यात्रियों को केवल 5 रुपये का टिकट लेना होगा। वहीं जींद से सोनीपत तक पूरे सफर का अधिकतम किराया सिर्फ 25 रुपये तय किया गया है।कम किराया होने से रोजाना यात्रा करने वाले छात्रों, कर्मचारियों और स्थानीय यात्रियों को भी इसका सीधा फायदा मिलेगा।
ग्रीन रेलवे की ओर बढ़ता भारत
रेल मंत्रालय का मानना है कि यह सिर्फ एक ट्रेन की शुरुआत नहीं, बल्कि भारतीय रेलवे के भविष्य की नई दिशा है। अगर यह परियोजना सफल रहती है तो आने वाले वर्षों में देश के अन्य रेल मार्गों पर भी हाइड्रोजन ट्रेनों का संचालन शुरू किया जा सकता है।देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन के साथ भारत ने साफ संदेश दिया है कि विकास और पर्यावरण संरक्षण दोनों को साथ लेकर आगे बढ़ना ही आने वाले समय की सबसे बड़ी जरूरत है।

