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Ranchi : 26 जुलाई का दिन देश के लिए सिर्फ कैलेंडर की एक तारीख नहीं है। यह वह दिन है, जब पूरा देश उन वीर जवानों को याद करता है, जिन्होंने बर्फ से ढकी कारगिल की पहाड़ियों पर तिरंगे की शान के लिए अपना सब कुछ न्योछावर कर दिया था। कारगिल विजय दिवस पर झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन ने भी देश के अमर शहीदों को श्रद्धांजलि दी और उनके अदम्य साहस को नमन किया।
सीएम हेमंत सोरेन ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर लिखे संदेश में कहा कि कारगिल विजय दिवस भारतीय सेना के अदम्य साहस, शौर्य और मातृभूमि के प्रति सर्वोच्च समर्पण का अमर प्रतीक है। उन्होंने कारगिल युद्ध में देश की रक्षा करते हुए अपने प्राणों की आहुति देने वाले सभी अमर वीर शहीदों को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की।
कारगिल की चोटियों पर सिर्फ गोलियां नहीं चली थीं, देश का हौसला भी गरजा था
कारगिल युद्ध की कहानी आज भी देशवासियों के दिलों में जोश भर देती है। ऊंची पहाड़ियों पर दुश्मन ने कब्जा जमा लिया था। मौसम बेहद कठिन था। तापमान लगातार गिर रहा था और पहाड़ी इलाकों में दुश्मन ऊंचाई का फायदा उठा रहा था। इसके बावजूद भारतीय जवान पीछे नहीं हटे। एक-एक चोटी को वापस लेने के लिए जवानों ने जान की बाजी लगा दी। कई सैनिक ऐसे भी थे, जिन्होंने आखिरी सांस तक लड़ते हुए तिरंगे की आन, बान और शान की रक्षा की। उनके लिए देश सबसे पहले था और यही भावना उन्हें दुर्गम पहाड़ियों पर भी आगे बढ़ाती रही। सीएम हेमंत सोरेन ने अपने संदेश में इसी साहस और बलिदान को याद करते हुए कहा कि वीर जवानों का पराक्रम देश की आने वाली पीढ़ियों के लिए हमेशा प्रेरणा बना रहेगा।
कारगिल विजय दिवस भारतीय सेना के अदम्य साहस, शौर्य और मातृभूमि के प्रति सर्वोच्च समर्पण का अमर प्रतीक है।
आज इस गौरवपूर्ण अवसर पर कारगिल युद्ध में अपने प्राणों की आहुति देकर देश की रक्षा करने वाले सभी अमर वीर शहीदों को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता हूँ। साथ ही, उनके परिजनों के… pic.twitter.com/ZgH3Zl1CXL
— Hemant Soren (@HemantSorenJMM) July 26, 2026
जवान सीमा पर थे, परिवार घर पर हर पल चिंता में
कारगिल की लड़ाई सिर्फ सीमा पर तैनात जवानों ने नहीं लड़ी थी। देश के हर उस परिवार ने भी इस युद्ध को अपने दिल पर झेला, जिसका बेटा, पति या भाई सीमा पर तैनात था। घर में टीवी के सामने बैठकर परिवार के लोग खबरों का इंतजार करते थे। हर फोन की घंटी पर दिल धड़क उठता था। जवानों की सलामती के लिए मंदिरों में प्रार्थनाएं होती थीं। मांएं अपने बेटों के लौटने की राह देखती थीं और पत्नियां अपने जीवनसाथी की आवाज सुनने के लिए बेचैन रहती थीं।
सीएम हेमंत सोरेन ने शहीद जवानों के परिजनों के त्याग और धैर्य को भी याद किया। उन्होंने कहा कि देश की विजय में शहीदों के परिवारों का योगदान भी अमूल्य है। जवानों के बलिदान के पीछे उनके परिवारों का त्याग और धैर्य भी जुड़ा हुआ है।
शहीदों के परिवारों को सलाम, क्योंकि उनका दर्द शब्दों में नहीं समा सकता
जब कोई जवान देश के लिए शहीद होता है, तो एक परिवार की पूरी दुनिया बदल जाती है। किसी मां का बेटा चला जाता है, किसी पत्नी का जीवनसाथी और किसी बच्चे के सिर से पिता का साया उठ जाता है।फिर भी इन परिवारों के लोग अपने दुख को देश के सम्मान से जोड़कर देखते हैं। यही वजह है कि कारगिल विजय दिवस पर शहीद जवानों के साथ उनके परिवारों को भी याद किया जाता है।
सीएम हेमंत सोरेन ने शहीदों के परिजनों के प्रति अपनी गहरी संवेदना और सम्मान प्रकट करते हुए कहा कि उनके त्याग और धैर्य को देश कभी नहीं भूल सकता।
आज भी सीमा पर डटे हैं देश के प्रहरी
कारगिल युद्ध की याद हमें यह भी बताती है कि देश की सीमाओं की रक्षा का जिम्मा आज भी हमारे सैनिकों के कंधों पर है। बर्फीली चोटियों से लेकर तपते रेगिस्तान तक, भारतीय जवान हर मौसम और हर मुश्किल में देश की सुरक्षा के लिए तैनात रहते हैं। मुख्यमंत्री ने देश की रक्षा में हमेशा तत्पर रहने वाले वीर सैनिकों और पूर्व सैनिकों को भी सादर नमन किया। उन्होंने कहा कि जवानों का अदम्य पराक्रम और त्याग देश की अस्मिता और सम्मान की रक्षा करता है।
कारगिल के शहीदों की कहानी आने वाली पीढ़ियों को सुनानी होगी
कारगिल विजय दिवस हर साल हमें यह याद दिलाता है कि देश की आजादी और सुरक्षा की कीमत बहुत बड़ी है। सीमा पर खड़े जवानों की वजह से ही देश के करोड़ों लोग अपने घरों में सुरक्षित जीवन जी पाते हैं। कारगिल के शहीदों ने अपने बलिदान से यह साबित किया कि देश की रक्षा के लिए भारतीय सैनिक किसी भी चुनौती का सामना कर सकते हैं। उनकी बहादुरी की कहानियां आज भी युवाओं के लिए प्रेरणा हैं।
सीएम हेमंत सोरेन ने कहा, “इन वीर जवानों के अदम्य पराक्रम, त्याग और बलिदान ने आने वाली पीढ़ियों के लिए साहस और कर्तव्यनिष्ठा का अमिट आदर्श स्थापित किया है। कारगिल विजय दिवस पर देश एक बार फिर उन वीर सपूतों को याद कर रहा है, जिन्होंने तिरंगे की शान के लिए अपना जीवन कुर्बान कर दिया। उनकी शहादत को नमन। उनके परिवारों को सलाम। और देश की सीमाओं पर तैनात हर जवान को दिल से धन्यवाद। जय हिंद!”
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