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Pakur (Jaydev Kumar) : पाकुड़ में महेशपुर प्रखंड के ग्वालपाड़ा गांव में लक्ष्मण यादव की तेल मिल में रोज की तरह काम चल रहा था। मशीनें चल रही थीं और मजदूर अपने काम में लगे थे। तभी अचानक एक मजदूर की नजर फन फैलाए फुफकार मार रहे बैठे विशाल स्पेक्टेकल कोबरा पर पड़ी। करीब साढ़े पांच फीट लंबे जहरीले नाग को देखते ही उसकी चीख निकल गई। चंद सेकंड में पूरे परिसर में अफरा-तफरी मच गई। मजदूर मशीनें छोड़कर बाहर की ओर भागे और देखते ही देखते तेल मिल के बाहर ग्रामीणों की भीड़ जुट गई।
फन फैलाये फुफकार मार था नाग, हर कोई सहम गया
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक कोबरा तेल मिल के अंदर ऐसी जगह पर बैठा था, जहां से लोगों का लगातार आना-जाना लगा रहता है। अगर किसी का पैर उस पर पड़ जाता या वह घबरा जाता, तो बड़ा हादसा हो सकता था। लोगों ने समझदारी दिखाते हुए सांप के पास जाने की कोशिश नहीं की और तुरंत रेस्क्यू टीम को सूचना दी। कुछ ही देर में रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची। सबसे पहले पूरे इलाके को खाली कराया गया ताकि कोई भी व्यक्ति खतरे के दायरे में न आए। इसके बाद शुरू हुआ कोबरा को सुरक्षित पकड़ने का अभियान। काफी देर तक चली मशक्कत के बाद टीम ने बेहद सावधानी से जहरीले नाग को काबू में कर लिया। जैसे ही कोबरा रेस्क्यू बॉक्स में बंद हुआ, वहां मौजूद लोगों ने राहत की सांस ली।
पाकुड़ के तेल मिल में निकला 5.5 फीट लंबा जहरीला स्पेक्टेकल कोबरा। रेस्क्यू टीम ने सुरक्षित पकड़कर जंगल में छोड़ा। https://t.co/bRnZhRbaiF#Pakur #Maheshpur #CobraRescue #SnakeRescue #Jharkhand #Wildlife #BreakingNews #TodayNews #LatestNews #TrendingNews #NewsSamvad pic.twitter.com/tB9hVf9KRq
— News Samvad (@newssamvaad) August 2, 2026
चंद मिनटों की लापरवाही बन सकती थी खतरनाक
रेस्क्यू टीम का कहना है कि स्पेक्टेकल कोबरा भारत के सबसे विषैले सांपों में शामिल है। इसका जहर इंसानों के लिए बेहद खतरनाक होता है। ऐसे में अगर लोग घबराकर उसे मारने या पकड़ने की कोशिश करते, तो स्थिति गंभीर हो सकती थी। समय रहते सूचना मिलने और सुरक्षित रेस्क्यू के कारण एक संभावित बड़ा हादसा टल गया। रेस्क्यू अभियान के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर मौजूद रहे। कई लोग मोबाइल फोन से पूरी घटना की रिकॉर्डिंग करते रहे, जबकि टीम बार-बार लोगों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने की अपील करती रही।
जंगल में छोड़ा गया, विशेषज्ञों ने दी अहम सलाह
रेस्क्यू के बाद टीम को कोबरा को आबादी से दूर घने जंगल में ले जाकर सुरक्षित छोड़ दिया, ताकि वह अपने प्राकृतिक आवास में लौट सके। विशेषज्ञों का कहना है कि बरसात के मौसम में बिलों में पानी भरने और भोजन की तलाश के कारण सांप अक्सर घरों, गोदामों, फैक्ट्रियों और अन्य इमारतों तक पहुंच जाते हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि अगर कहीं सांप दिखाई दे तो घबराएं नहीं और न ही उसे मारने या खुद पकड़ने की कोशिश करें। ऐसी स्थिति में तुरंत प्रशिक्षित रेस्क्यू टीम या वन विभाग को सूचना दें। थोड़ी सी सावधानी इंसानों की जान भी बचा सकती है और वन्यजीवों की भी।
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