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Ranchi : JPSC यानी झारखंड लोक सेवा आयोग और JSSC यानी झारखंड कर्मचारी चयन आयोग की परीक्षाओं में कथित पेपर लीक और अनियमितताओं के खिलाफ सोमवार को रांची में छात्रों का प्रदर्शन उग्र हो गया। विधानसभा घेराव के लिए निकले हजारों छात्रों ने पुलिस की एक के बाद एक बैरिकेडिंग तोड़ दी। छह बैरिकेड पार करने के बाद प्रदर्शनकारी सातवें बैरिकेड तक पहुंच गए। यहां पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए पहले पानी की बौछार की। जब छात्र पीछे नहीं हटे तो पुलिस ने लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले छोड़े। पुलिस की कार्रवाई के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। कई छात्रों के घायल होने की बात सामने आई है, जबकि पुलिस ने कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया है। दूसरी ओर, प्रदर्शनकारियों की ओर से किए गए पथराव में एक पुलिसकर्मी के सिर में चोट लगने की जानकारी सामने आई है। घायल पुलिसकर्मी को इलाज के लिए भेजा गया है। तनाव को देखते हुए मौके पर अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया है। पुलिस ड्रोन कैमरों से भी पूरे इलाके पर नजर रख रही है।
#WATCH झारखंड: रांची में JPSC-JSSC उम्मीदवारों का विरोध प्रदर्शन | विरोध कर रहे छात्रों के ‘विधानसभा घेराव’ मार्च के दौरान सुरक्षाकर्मियों ने भीड़ को काबू करने के लिए लाठीचार्ज किया। जवाब में प्रदर्शनकारी छात्रों ने उन पर चप्पलें और पानी की खाली बोतलें फेंकीं। pic.twitter.com/VTPYyzdf5p
— ANI_HindiNews (@AHindinews) August 10, 2026
#WATCH | रांची (झारखंड) में JPSC-JSSC अभ्यर्थियों का विरोध प्रदर्शन | ‘विधानसभा घेराव’ मार्च के दौरान प्रदर्शनकारी छात्रों और पुलिस के बीच फिर झड़प हुई। भीड़ को काबू करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे। pic.twitter.com/BCzVcOkfaO
— ANI_HindiNews (@AHindinews) August 10, 2026
छह बैरिकेड तोड़कर सातवें तक पहुंचे छात्र
सोमवार सुबह पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत बड़ी संख्या में छात्र प्रदर्शन करते हुए विधानसभा की ओर बढ़े। छात्रों के विधानसभा घेराव को देखते हुए पुलिस ने पहले से ही रास्ते में सात स्थानों पर बैरिकेडिंग कर रखी थी। पुलिस अधिकारियों और जवानों की तैनाती भी की गई थी। इसके बावजूद छात्रों की भीड़ लगातार आगे बढ़ती रही और एक के बाद एक छह बैरिकेड तोड़ दिए।
योगदा कॉलेज के आगे पहुंचने के बाद छात्रों ने सातवीं बैरिकेडिंग भी तोड़ दी। इसके बाद प्रदर्शनकारी अलग-अलग समूहों में बंट गए। कुछ छात्र विधानसभा की ओर बढ़ने की कोशिश करते रहे, जबकि पुलिस उन्हें रोकने में जुटी रही। अंतिम बैरिकेड के पास स्थिति ज्यादा तनावपूर्ण हो गई। पुलिस अधिकारियों ने छात्रों से शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन करने और आगे नहीं बढ़ने की अपील की, लेकिन प्रदर्शनकारी पीछे हटने को तैयार नहीं थे।
पुलिस ने भीड़ को रोकने के लिए पहले वॉटर कैनन का इस्तेमाल किया। पानी की तेज बौछारों के बावजूद जब प्रदर्शनकारी पीछे नहीं हटे तो पुलिस ने लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले दागे। इसके बाद वहां भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। छात्र इधर-उधर भागते नजर आए। कुछ प्रदर्शनकारियों के घायल होने की भी जानकारी सामने आई है।
#WATCH | रांची, झारखंड: ‘विधानसभा घेराव’ मार्च के दौरान, विरोध प्रदर्शन में पुलिस की लाठीचार्ज के बाद एक छात्र प्रदर्शनकारी ने अपनी पीठ पर लगे निशान दिखाए। pic.twitter.com/JTCzbjAaFP
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छात्रा ने पुलिस की ओर फेंका जूता, फिर हुआ पथराव
अंतिम बैरिकेड के पास एक प्रदर्शनकारी छात्रा द्वारा पुलिस की ओर जूता-चप्पल फेंके जाने की घटना भी सामने आई। इसके बाद पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को पीछे हटाने के लिए बल प्रयोग किया। इसी दौरान प्रदर्शनकारियों की तरफ से पुलिस पर पथराव किए जाने की बात पुलिस अधिकारियों ने कही है। पथराव में एक पुलिसकर्मी के सिर में चोट लगी। अधिकारियों के मुताबिक, तीन पुलिसकर्मियों को प्रदर्शनकारियों ने धक्का देकर नीचे गिरा दिया, जिससे उन्हें भी चोट आई है।
#WATCH | रांची (झारखंड) में JPSC-JSSC अभ्यर्थियों का विरोध प्रदर्शन | भीड़ को काबू करने के लिए पुलिस द्वारा आंसू गैस के गोले दागे जाने के बाद, एक व्यक्ति दूसरे व्यक्ति की मदद से लड़खड़ाते हुए वहां से हटता हुआ दिखाई दिया – आंसू गैस के गोलों के कारण दोनों की आंखों पर असर पड़ा था। pic.twitter.com/ImNMDC35Hc
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रांची रूरल एसपी गौरव गोस्वामी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि प्रदर्शन में करीब 90 फीसदी छात्र शांतिपूर्ण तरीके से शामिल थे, लेकिन करीब 10 फीसदी छात्र किसी की बात नहीं मान रहे थे। उन्होंने कहा कि भीड़ में 700 से 1000 छात्र अगर किसी की बात नहीं सुन रहे हों और अपने प्रतिनिधियों की अपील भी नहीं मान रहे हों, साथ ही लगातार बैरिकेड तोड़कर आगे बढ़ रहे हों, तो पुलिस के सामने बल प्रयोग के अलावा रास्ता नहीं बचता। एसपी ने कहा कि पुलिस ने काफी संयम बरता। उनके मुताबिक, प्रदर्शनकारियों ने पुलिसकर्मियों को धक्का देकर गिराया और पुलिस बल पर पथराव भी किया। इसके बावजूद पुलिस ने कम समय के लिए न्यूनतम बल का इस्तेमाल किया, क्योंकि प्रदर्शनकारी छात्र थे।
पुलिस बोली, मांगें सरकार तक पहुंच रही हैं
रांची रूरल एसपी गौरव गोस्वामी ने छात्रों से शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने की अपील की। उन्होंने कहा कि छात्रों की मांगें सरकार तक पहुंच रही हैं और उन्हें अपनी बात रखने का पूरा अधिकार है, लेकिन प्रदर्शन के दौरान हिंसा नहीं होनी चाहिए। उन्होंने छात्रों से पुलिस पर पथराव नहीं करने और आक्रामक रवैया नहीं अपनाने की अपील की।
#WATCH रांची, झारखंड: रांची के SP (ग्रामीण) गौरव गोस्वामी ने कहा, “जब उनमें से कुछ लोगों ने आखिरी बैरिकेडिंग तक पहुंचने की कोशिश की, जहां पहले से ही धारा 163 लागू है, तो हल्का लाठीचार्ज किया गया। लाठी का बहुत कम इस्तेमाल किया गया। हम लगातार छात्रों से बात कर रहे हैं। वे अभी शांत… https://t.co/oXrC6MEaSD pic.twitter.com/5Q0nJRAJbI
— ANI_HindiNews (@AHindinews) August 10, 2026
इधर, छात्र संगठनों का कहना है कि JPSC और JSSC की परीक्षाओं में कथित पेपर लीक और अनियमितताओं को लेकर लंबे समय से छात्रों में नाराजगी है। इसी के विरोध में सोमवार को विधानसभा घेराव का कार्यक्रम रखा गया था। बड़ी संख्या में छात्र इसमें शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए और कथित गड़बड़ियों की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की जाए।
फिलहाल रांची में विधानसभा के आसपास पुलिस और प्रशासन की ओर से अतिरिक्त बल तैनात किया गया है। ड्रोन के जरिए भीड़ की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। पुलिस प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोकने और स्थिति को नियंत्रण में रखने की कोशिश कर रही है।
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