अपनी मनपसंद भाषा में पढ़ें :
Patna : बिहार अब विकास के अगले चरण में प्रवेश कर रहा है। सड़क, बिजली और पानी जैसी बुनियादी जरूरतों के बाद सरकार ने अब उद्योग, निवेश और रोजगार पर जोर बढ़ा दिया है। सीएम सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार बदलाव के करीब खड़ा है और अगले चार वर्षों में राज्य की अर्थव्यवस्था को चार गुना करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने देश और विदेश के निवेशकों से बिहार में निवेश करने की अपील करते हुए कहा कि सरकार पर भरोसा करें और राज्य की तरक्की में भागीदार बनें।
सीएम ने शुक्रवार को द इकोनॉमिक टाइम्स के ‘वर्ल्ड लीडर्स फोरम’ में बिहार के विकास की योजनाओं और आने वाले वर्षों की तैयारी पर विस्तार से बात की। उन्होंने कहा कि ‘Build Bihar, Believe in Bihar’ के संकल्प के साथ राज्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। लंबे समय तक बिहार विकास की दौड़ में पीछे रहा, लेकिन अब सड़क, बिजली और पानी के क्षेत्र में जरूरी काम काफी हद तक पूरे हो चुके हैं। सरकार का अगला फोकस उद्योग और रोजगार बढ़ाने पर है।
6.42 लाख आवेदन मिले, 96 प्रतिशत का निपटारा
सीएम ने कहा कि सरकार ने सुशासन को प्राथमिकता देते हुए सहयोग कार्यक्रम शुरू किया है। मुख्यमंत्री बनने के शुरुआती दिनों में बड़ी संख्या में लोग अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे थे। इसके बाद तय किया गया कि हर आवेदन को समय सीमा के भीतर निपटाने की व्यवस्था की जाएगी। अब तक 6 लाख 42 हजार आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें से 96 प्रतिशत आवेदनों का निपटारा किया जा चुका है। हर आवेदन के समाधान के लिए अधिकतम 30 दिन की समय सीमा तय की गई है। तय समय में काम नहीं करने या लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई का प्रावधान है। सीएम ने कहा कि जरूरत पड़ने पर ऐसे अधिकारियों का स्वतः निलंबन भी किया जा सकता है।
सेमीकंडक्टर और GCC के लिए नई नीति, निवेशकों को जमीन और बिजली की सुविधा
सीएम ने कहा कि बिहार में उद्योग लगाने के लिए माहौल बेहतर किया जा रहा है। वर्ष 2026 में सेमीकंडक्टर और ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर यानी GCC के लिए विशेष नीतियां बनाई गई हैं। उद्योगों को जमीन, बिजली और दूसरी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में सरकार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि बिहार की बड़ी आबादी निवेशकों के लिए बड़ा बाजार है। यहां बड़ी संख्या में कुशल और प्रशिक्षित युवा भी हैं। बिजली की उपलब्धता का जिक्र करते हुए सीएम ने कहा कि बिहार में पहले करीब 350 मेगावाट बिजली उपलब्ध थी, जो अब बढ़कर 10 हजार मेगावाट से अधिक हो गई है। राज्य सरकार बिजली उपभोक्ताओं को करीब 23 हजार करोड़ रुपये का अनुदान दे रही है।
उत्तर बिहार में बाढ़, दक्षिण में सूखा, दोनों समस्याओं का समाधान तलाश रही सरकार
सीएम ने कहा कि बिहार के लिए पानी सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक है। उत्तर बिहार में नेपाल से आने वाली नदियों के कारण हर साल बाढ़ की स्थिति बनती है। उत्तर बिहार के करीब 16 जिले बरसात के दौरान बाढ़ से प्रभावित होते हैं। दूसरी ओर दक्षिण बिहार के कई जिलों में सूखे की परेशानी रहती है। उन्होंने बताया कि बिहार में सिंचित भूमि का क्षेत्रफल पहले 21 लाख हेक्टेयर था, जो अब बढ़कर 44 लाख हेक्टेयर हो गया है। सरकार कोसी, गंडक, गंगा और दूसरी नदियों के पानी का बेहतर इस्तेमाल कर बाढ़ और सूखे की समस्या का स्थायी समाधान तलाश रही है।
सीएम ने बताया कि उन्होंने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से मुलाकात कर कोसी-मेची लिंक समेत सिंचाई परियोजनाओं और नेपाल से आने वाली नदियों के जल प्रबंधन के लिए कार्ययोजना बनाने का आग्रह किया है। उन्होंने फरक्का बराज का मुद्दा उठाते हुए कहा कि बिहार को गंगा के पानी का सालभर उपयोग करने का अधिकार मिलना चाहिए। इससे पेयजल और सिंचाई की समस्या दूर करने में मदद मिलेगी।
कोसी को अभिशाप से वरदान बनाने का लक्ष्य
सीएम ने कहा कि सोन नदी को फल्गु नदी से जोड़ने की परिकल्पना पर भी काम चल रहा है। इससे दक्षिण बिहार में पेयजल और सिंचाई की समस्या कम हो सकती है। सरकार का लक्ष्य कोसी नदी को अभिशाप से वरदान में बदलना है। गंगा, गंडक और कोसी के दोनों किनारों पर फोर लेन सड़क और औद्योगिक कॉरिडोर विकसित करने की योजना है। गंगा और गंडक के किनारे उद्योगों के साथ एजुकेशनल हब, इंस्टीट्यूशनल हब और बड़े टाउनशिप विकसित किए जाएंगे। सरकार बिहार को सिर्फ कृषि आधारित अर्थव्यवस्था तक सीमित नहीं रखना चाहती। उद्योग, शिक्षा, पर्यटन, परिवहन और जलमार्ग को भी विकास से जोड़ा जाएगा।
इंडो-नेपाल क्षेत्र को जोड़ते हुए हल्दिया से वीरपुर तक जल परिवहन विकसित करने की संभावनाओं पर भी काम किया जा रहा है। इसके अलावा करीब 3.5 लाख एकड़ जमीन पर 12 टाउनशिप विकसित करने की योजना है। इन टाउनशिप में आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने की तैयारी है।
पांच साल में एक करोड़ लोगों को नौकरी और रोजगार देने का लक्ष्य
रोजगार के मुद्दे पर सीएम ने कहा कि पिछले विधानसभा चुनाव से पहले 10 लाख नौकरी और 10 लाख रोजगार देने का लक्ष्य रखा गया था। वर्ष 2025 के चुनाव से पहले तक 53 लाख लोगों को सरकारी नौकरी और रोजगार उपलब्ध कराया गया। अब सरकार ने अगले पांच वर्षों में एक करोड़ लोगों को नौकरी और रोजगार देने का लक्ष्य रखा है। सीएम ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लखपति दीदी के संकल्प के तहत बिहार में 43 लाख से अधिक महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं।
महिला सुरक्षा और भागीदारी का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि बिहार में 40 हजार से अधिक महिला पुलिसकर्मी काम कर रही हैं, जो देश में सबसे ज्यादा संख्या है। पंचायती राज संस्थाओं और नगर निकायों में महिलाओं के लिए 50 प्रतिशत आरक्षण है। इसके चलते 59 प्रतिशत महिलाएं चुनाव जीतकर नेतृत्व की भूमिका में आई हैं।
211 डिग्री कॉलेजों में एक साथ शुरू हुई पढ़ाई
सीएम ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में भी बड़े स्तर पर काम किया जा रहा है। राज्य के सभी 534 प्रखंडों में शिक्षा सुविधाओं को मजबूत किया जा रहा है। आजादी के बाद बिहार में 278 डिग्री कॉलेज थे। अब 15 जुलाई से एक साथ 211 डिग्री कॉलेजों में पढ़ाई शुरू कराई गई है। राज्य में 551 मॉडल स्कूल विकसित किए जा रहे हैं। विद्यार्थियों को पढ़ाई में आने वाली परेशानियों के समाधान के लिए ऑनलाइन शिक्षक सहायता की व्यवस्था भी की जा रही है। परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए पटना हाईकोर्ट से सिटिंग या सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय समिति बनाने का आग्रह किया गया है। यह समिति पेपर लीक सहित परीक्षा से जुड़ी समस्याओं और शिक्षा व्यवस्था में सुधार के उपायों पर सुझाव देगी।
चार एयरपोर्ट चालू, 10 पर काम, छह एक्सप्रेस-वे भी बनेंगे
सीएम ने कहा कि बिहार में चार एयरपोर्ट चालू हो चुके हैं। इसके अलावा 10 छोटे-बड़े एयरपोर्ट पर काम चल रहा है। राज्य में छह एक्सप्रेस-वे के निर्माण का काम भी जारी है। उन्होंने कहा कि सड़क, हवाई और जल परिवहन बेहतर होने से बिहार को देश और दुनिया के बाजार से जोड़ना आसान होगा। पटना से गया की यात्रा का उदाहरण देते हुए सीएम ने कहा कि पहले इस दूरी को तय करने में करीब चार घंटे लगते थे, जबकि अब करीब डेढ़ घंटे में पहुंचा जा सकता है।
मक्का, केला और दूसरे उत्पादों से बढ़ेगी किसानों की आमदनी
सीएम ने कहा कि बिहार की कृषि अर्थव्यवस्था में खाद्य प्रसंस्करण उद्योग की बड़ी संभावना है। मोतिहारी, खगड़िया सहित कई इलाकों में बड़े पैमाने पर मक्का पैदा होता है। केला और दूसरे कृषि उत्पादों को खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों से जोड़ा जाए तो किसानों की आय बढ़ाने के साथ रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। उन्होंने कहा कि अगले पांच वर्षों में खनन क्षेत्र से करीब 7 से 8 हजार करोड़ रुपये राजस्व जुटाने की कार्ययोजना बनाई जा रही है।
नालंदा से गुरु गोविंद सिंह तक, विरासत को पर्यटन से जोड़ने की तैयारी
सीएम ने बिहार की ऐतिहासिक विरासत का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि प्राचीन नालंदा और विक्रमशिला विश्वविद्यालय, भगवान बुद्ध, भगवान महावीर और गुरु गोविंद सिंह जी महाराज से बिहार की धरती का गहरा संबंध रहा है। गुरु गोविंद सिंह जी महाराज की 350वीं जयंती के मौके पर पटना और पटना सिटी में विश्वस्तरीय व्यवस्था की गई थी। अब संत रविदास जी की 650वीं जयंती के अवसर पर भी कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। बाबा हरिहरनाथ कॉरिडोर, बोधगया कॉरिडोर और विष्णुपद मंदिर कॉरिडोर विकसित करने की दिशा में काम किया जा रहा है। नालंदा विश्वविद्यालय को फिर से स्थापित किया गया है और प्राचीन नालंदा के अवशेषों को संरक्षित किया जा रहा है, ताकि देश और दुनिया से आने वाले लोग बिहार के पुराने गौरव को करीब से देख सकें।
चार साल में अर्थव्यवस्था चार गुना करने का लक्ष्य
सीएम सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार की जनता की उम्मीदें सरकार के लिए सबसे महत्वपूर्ण हैं। सरकार अगले चार वर्षों में राज्य की अर्थव्यवस्था को चार गुना करने के लक्ष्य के साथ काम कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश को विकसित बनाने की दिशा में काम कर रहे हैं। पूर्व सीएम नीतीश कुमार ने भी बिहार के विकास के लिए महत्वपूर्ण काम किए हैं। वर्तमान सरकार उन कामों को आगे बढ़ाते हुए राज्य को विकास की नई ऊंचाई तक ले जाने के लिए प्रतिबद्ध है।
सीएम ने देश और विदेश के निवेशकों तथा उद्योगपतियों से बिहार में निवेश करने की अपील की। उन्होंने कहा कि निवेशक सरकार पर भरोसा करें और बिहार की समृद्धि में अपना योगदान दें। बिहार की तरक्की से विकसित भारत का रास्ता भी मजबूत होगा। उन्होंने कहा कि राजनीति में लोग आते-जाते रहते हैं, लेकिन बिहार को बदलने का संकल्प लगातार जारी रहना चाहिए। जिस बिहार ने कभी देश को ज्ञान, शिक्षा और संस्कृति की बड़ी विरासत दी थी, वही बिहार आने वाले समय में देश की आर्थिक तरक्की में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
इसे भी पढ़ें : कोसी पर हाई लेवल डैम की बढ़ी उम्मीद, सीएम के आग्रह पर वित्त मंत्री ने दिये निर्देश



