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New Delhi/Patna : सीएम सम्राट चौधरी ने कहा है कि बिहार के विकास से जुड़ी बड़ी परियोजनाओं को अब तेजी से जमीन पर उतारने की जरूरत है। कोसी नदी पर हाई लेवल डैम हो, कोसी-मेची रिवर लिंक परियोजना हो या फिर गया की महाबोधि और विष्णुपद मंदिर कॉरिडोर जैसी योजनाएं, इन सभी को लेकर केंद्र सरकार से जरूरी सहयोग मांगा गया है। उन्होंने कहा कि बिहार सरकार अपनी तरफ से जमीन और दूसरी जरूरी तैयारियां पूरी कर रही है। अब केंद्र स्तर पर लंबित मामलों में तेजी आने से इन परियोजनाओं का काम आगे बढ़ेगा।
सीएम सम्राट चौधरी ने शुक्रवार को नई दिल्ली में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और केंद्रीय विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर से मुलाकात की। उनके साथ उप मुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी और राज्यसभा सांसद संजय कुमार झा भी मौजूद रहे। बैठक में बिहार के विकास से जुड़े कई अहम मुद्दों पर बातचीत हुई। मुख्यमंत्री ने केंद्र के सामने राज्य की जरूरतों को रखा और लंबित योजनाओं पर जल्द फैसला लेने का आग्रह किया।
कोसी डैम का डीपीआर जल्द तैयार कराने पर जोर
सीएम सम्राट चौधरी ने कहा कि कोसी नदी पर हाई लेवल डैम बिहार के लिए बेहद महत्वपूर्ण परियोजना है। उन्होंने केंद्रीय वित्त मंत्री के सामने इस मामले को प्रमुखता से रखा और डीपीआर का काम जल्द पूरा कराने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री के आग्रह पर वित्त मंत्री ने संबंधित अधिकारियों को डीपीआर जल्द पूरा करने का निर्देश दिया।
कोसी से जुड़ी दूसरी बड़ी योजना कोसी-मेची अंतःराज्यीय रिवर लिंक परियोजना को लेकर भी मुख्यमंत्री ने बात रखी। उन्होंने पहले चरण के लिए जरूरी राशि उपलब्ध कराने और दूसरे चरण को तकनीकी मंजूरी देने की मांग की। इस पर वित्त मंत्री ने राष्ट्रीय जल विकास अभिकरण और जल शक्ति मंत्रालय को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।
सीएम सम्राट चौधरी ने कहा कि कोसी-मेची परियोजना आगे बढ़ती है तो बिहार के सीमांचल इलाके को इसका सीधा फायदा मिलेगा। सिंचाई की सुविधा बढ़ेगी, खेती के लिए पानी की उपलब्धता बेहतर होगी और पानी के प्रबंधन में भी मदद मिलेगी। बैठक में सप्त कोसी परियोजना पर भी चर्चा हुई। परियोजना से जुड़े तकनीकी मामलों में बिहार का पक्ष मजबूती से रखा जा सके, इसके लिए संयुक्त तकनीकी विशेषज्ञ समिति में बिहार का एक सदस्य शामिल करने पर भी सहमति बनी है।

केंद्र से ज्यादा राशि के लिए भी रखी बात
सीएम सम्राट चौधरी ने बिहार को मिलने वाली केंद्रीय सहायता का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने SNA और SPARSH को 30 सितंबर तक लागू करने तथा SASCI के तहत Reform Based Incentive को प्रभावी तरीके से लागू करने पर जोर दिया।मुख्यमंत्री ने कहा कि इन व्यवस्थाओं के लागू होने से बिहार को विकास योजनाओं के लिए अतिरिक्त वित्तीय संसाधन मिल सकते हैं। राज्य सरकार की कोशिश है कि केंद्र से मिलने वाली राशि का बेहतर इस्तेमाल हो और बड़ी योजनाओं को पैसे की कमी के कारण रुकना न पड़े।
भागलपुर और हाजीपुर में जमीन तैयार, अब काम शुरू कराने की मांग
बैठक में शिक्षा से जुड़ी योजनाओं पर भी मुख्यमंत्री ने केंद्र का ध्यान खींचा। उन्होंने बताया कि भागलपुर में विक्रमशिला विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए बिहार सरकार ने 219 एकड़ जमीन उपलब्ध करा दी है। अब केंद्र से विश्वविद्यालय का काम जल्द शुरू कराने का आग्रह किया गया है।
इसी तरह हाजीपुर में NIFTEM की स्थापना के लिए 100 एकड़ जमीन भी राज्य सरकार उपलब्ध करा चुकी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार सरकार ने अपनी तरफ से जरूरी तैयारी कर दी है। ऐसे में दोनों संस्थानों का काम जल्द शुरू होना चाहिए। इन संस्थानों के खुलने से बिहार के छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए दूसरे राज्यों का रुख कम करना पड़ेगा। साथ ही नए शैक्षणिक संस्थानों के आसपास रोजगार और दूसरी गतिविधियां भी बढ़ने की उम्मीद है।
गया की परियोजनाओं को भी जल्द शुरू कराने की कोशिश
सीएम सम्राट चौधरी ने सोन-फल्गू रिवर लिंक परियोजना के साथ महाबोधि कॉरिडोर और विष्णुपद मंदिर कॉरिडोर का काम जल्द शुरू कराने की बात भी बैठक में रखी। गया में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने और शहर की सुविधाओं को बेहतर करने के लिहाज से इन परियोजनाओं को अहम माना जा रहा है। बैठक के बाद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि केंद्र सरकार के साथ बातचीत सकारात्मक रही। बिहार के विकास से जुड़े महत्वपूर्ण मामलों में केंद्र की ओर से जरूरी सहयोग और कार्रवाई का भरोसा मिला है।
सीएम सम्राट चौधरी कहा कि बिहार सरकार का लक्ष्य राज्य के आधारभूत ढांचे को मजबूत करना और विकास की बड़ी योजनाओं को तेजी से पूरा करना है। इसके लिए केंद्र और राज्य सरकार मिलकर काम कर रही हैं। मुख्यमंत्री ने साफ किया कि जिन परियोजनाओं में राज्य सरकार की तरफ से जमीन या दूसरी तैयारी पूरी हो चुकी है, उन्हें अब जल्द से जल्द आगे बढ़ाने की कोशिश की जा रही है।
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