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Ramgarh (Dharmendra Pradhan) : रामगढ़ जिले में अपराध पर लगाम लगाने के लिए रामगढ़ पुलिस ने अपराधियों की निगरानी का तरीका बदल दिया है। अब पुलिस के पास अपराधियों का रिकॉर्ड सिर्फ थानों की फाइलों में नहीं रहेगा, बल्कि उनका डिजिटल प्रोफाइल भी तैयार किया जा रहा है। इसी कड़ी में पिछले एक महीने में छह गंभीर अपराधों से जुड़े 258 अपराधियों का सत्यापन कर उनका डिजिटल प्रोफाइल तैयार किया गया है। यह जानकारी डिजिटल क्रिमिनल मॉनिटरिंग पोर्टल पर अपलोड कर दी गई है।
रामगढ़ एसपी मुकेश लुनायत ने क्राइम प्रिवेंशन एंड डिटैक्शन विंग और डिजिटल क्रिमिनल मॉनिटरिंग पोर्टल के काम की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने जिले के पुलिस अधिकारियों और थाना प्रभारियों को अपराधियों पर लगातार नजर रखने और सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के निर्देश दिए। पुलिस की कोशिश है कि जिन अपराधियों का पहले से आपराधिक रिकॉर्ड है, उनकी गतिविधियों की जानकारी समय रहते पुलिस तक पहुंचती रहे।
1,971 अपराधियों का तैयार किया गया डेटाबेस
रामगढ़ पुलिस ने 1 जनवरी 2021 से 31 मार्च 2026 तक के मामलों में आरोप-पत्रित अपराधियों का रिकॉर्ड तैयार किया है। इस सूची में कुल 1,971 अपराधी शामिल हैं। इनमें 1,374 अपराधी रामगढ़ जिले के हैं। वहीं झारखंड के दूसरे जिलों के 458 और राज्य से बाहर के 139 अपराधी भी इस डेटाबेस में शामिल किए गए हैं। पुलिस के मुताबिक, अपराधियों का यह रिकॉर्ड जांच के दौरान काफी काम आएगा। किसी इलाके में कोई घटना होने पर पुलिस पुराने अपराधियों की जानकारी खंगालकर संदिग्धों तक जल्दी पहुंच सकेगी। अपराधी का पुराना रिकॉर्ड, वर्तमान पता और अपराध करने का तरीका जैसी जानकारी एक जगह उपलब्ध रहने से पुलिस की जांच में भी आसानी होगी।
छह गंभीर अपराधों के 258 अपराधियों पर खास नजर
पिछले एक महीने में पुलिस ने आर्म्स एक्ट, रंगदारी, एनडीपीएस एक्ट, डकैती, लूट और छिनतई जैसे गंभीर अपराधों में शामिल 258 अपराधियों का सत्यापन किया है। सत्यापन के बाद इन सभी का डिजिटल प्रोफाइल पोर्टल पर अपलोड कर दिया गया है। पुलिस अब इन अपराधियों की जानकारी को समय समय पर अपडेट करेगी। अगर किसी अपराधी का ठिकाना बदलता है या उसकी गतिविधियों में कोई बदलाव आता है तो उसे भी रिकॉर्ड में शामिल किया जाएगा। खासकर जेल से जमानत पर बाहर आए और बार बार अपराध में शामिल होने वाले लोगों पर पुलिस की नजर रहेगी।
सत्यापन के बाद कई अपराधियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की गई है। पुलिस ने CCA के तहत 28 अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई की है। इनमें चार को जिला बदर किया गया है, 22 को थाना हाजिरी का निर्देश दिया गया है और दो के खिलाफ निरोधादेश की कार्रवाई हुई है। इसके अलावा 131 अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। 33 अपराधियों को गुंडा पंजी में शामिल किया गया है, जबकि BNSS की धारा 129 के तहत भी कार्रवाई की गई है। 74 अपराधियों पर पुलिस की सीधी नजर रखी जा रही है।
अब दो थानों की पुलिस करेगी सत्यापन, चोरी के अपराधियों की भी बनेगी प्रोफाइल
एसपी मुकेश लुनायत ने निर्देश दिया है कि अपराधियों के सत्यापन में किसी तरह की लापरवाही नहीं हो। जिस थाने में अपराधी के खिलाफ मामला दर्ज है, वहां की पुलिस के साथ उसके वर्तमान निवास वाले थाने की पुलिस भी उसका भौतिक सत्यापन करेगी। इससे पुलिस को यह पता चल सकेगा कि अपराधी इस समय कहां रह रहा है और उसकी गतिविधियां क्या हैं। पुलिस अपराधियों के आपराधिक इतिहास के साथ उनके काम करने के तरीके की जानकारी भी डिजिटल रिकॉर्ड में रखेगी। किसी घटना के बाद अलग अलग थानों के बीच जानकारी तुरंत साझा करने पर भी जोर दिया गया है। इससे संदिग्धों की पहचान और उनकी तलाश में समय कम लगेगा।
रामगढ़ पुलिस ने अगले एक महीने का लक्ष्य भी तय कर लिया है। अब चोरी, गृहभेदन यानी नकबजनी और वाहन चोरी के मामलों में आरोप-पत्रित अपराधियों का सत्यापन किया जाएगा। इसके बाद इन अपराधियों का भी डिजिटल प्रोफाइल तैयार कर पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा। पुलिस की कोशिश है कि पुराने और सक्रिय अपराधियों की पहचान पहले से रहे, ताकि किसी वारदात के बाद कार्रवाई में देर न हो।
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