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Patna : बिहार में फसल खराब होने से परेशान किसानों के लिए सरकार ने राहत राशि जारी की है। बिहार राज्य फसल सहायता योजना के तहत खरीफ 2024 मौसम के 1 लाख 17 हजार 708 किसानों के बैंक खातों में शुक्रवार को 104 करोड़ 46 लाख 46 हजार 405 रुपए भेजे गए। सहकारिता विभाग के मंत्री राम कृपाल यादव ने अपने कार्यालय कक्ष से डीबीटी के जरिए यह राशि किसानों के खातों में ट्रांसफर की।
मंत्री ने बताया कि खरीफ 2024 के लिए किसानों से मिले आवेदनों की जांच और सत्यापन के बाद 714 पंचायतों के 1,17,708 किसानों को सहायता के लिए पात्र पाया गया। इन्हीं किसानों को शुक्रवार को भुगतान किया गया। कार्यक्रम के दौरान नौ किसानों को सांकेतिक रूप से सहायता राशि का चेक भी दिया गया।
फसल खराब होने पर किसानों को मिलती है सीधी मदद
राम कृपाल यादव ने कहा कि बिहार राज्य फसल सहायता योजना का मकसद प्राकृतिक आपदा या दूसरे कारणों से फसल की उपज कम होने पर किसानों को आर्थिक मदद देना है। फसल खराब होने के बाद किसान आर्थिक परेशानी में न आएं और अगली फसल के लिए खेती का काम जारी रख सकें, इसी उद्देश्य से योजना चलाई जा रही है। उन्होंने कहा कि इस योजना का लाभ लेने के लिए किसानों को किसी तरह का प्रीमियम नहीं देना पड़ता है। योजना पूरी तरह राज्य सरकार के पैसे से संचालित होती है। पात्र किसानों के बैंक खाते में सहायता राशि सीधे डीबीटी के जरिए भेजी जाती है। मंत्री ने कहा कि इस साल बाढ़ से कई इलाकों में किसानों की फसल को नुकसान हुआ है। ऐसे किसानों के लिए भी बिहार राज्य फसल सहायता योजना के तहत मदद दी जाएगी। खरीफ 2026 में फसल क्षति से प्रभावित पात्र किसान योजना का लाभ ले सकेंगे। उन्होंने किसानों से कहा कि आवेदन के लिए आखिरी तारीख का इंतजार न करें और 31 अक्टूबर 2026 तक आवेदन जरूर कर दें।

20% तक नुकसान पर 15 हजार, ज्यादा क्षति पर 20 हजार रुपए तक
योजना के तहत फसल की वास्तविक उपज को तय थ्रेसहोल्ड उपज से मिलाकर सहायता राशि तय की जाती है। अगर वास्तविक उपज में 20 प्रतिशत तक की कमी होती है तो किसान को 7,500 रुपए प्रति हेक्टेयर की दर से सहायता दी जाती है। अधिकतम दो हेक्टेयर जमीन के लिए किसान को 15 हजार रुपए तक मिल सकते हैं। वहीं, फसल की उपज में 20 प्रतिशत से अधिक की कमी होने पर 10 हजार रुपए प्रति हेक्टेयर की दर से सहायता दी जाती है। दो हेक्टेयर तक की जमीन के लिए अधिकतम 20 हजार रुपए तक की राशि मिल सकती है। सहायता की पूरी रकम किसान के आधार से जुड़े बैंक खाते में सीधे ट्रांसफर की जाती है। खरीफ 2024 के लिए धान और मकई को पंचायत स्तर की फसल के तौर पर शामिल किया गया था। वहीं सोयाबीन, आलू, बैंगन, टमाटर और गोभी को जिलास्तरीय फसल के रूप में अधिसूचित किया गया था।
रबी 2024-25 के किसानों के भुगतान की भी तैयारी
सहकारिता विभाग के अनुसार रबी 2024-25 मौसम के किसानों को भी सहायता देने की प्रक्रिया चल रही है। उपज दर के आंकड़ों के आधार पर पात्र ग्राम पंचायतों के किसानों की ओर से दिए गए आंकड़ों का जिला स्तरीय समन्वय समिति यानी डीएलसीसी सत्यापन कर रही है। सत्यापन के बाद जो किसान सहायता के लिए पात्र पाए जाएंगे और जिनके नाम भुगतान के लिए अनुशंसित होंगे, उन्हें भी जल्द राशि दी जाएगी।
मंत्री ने कहा कि योजना का उद्देश्य फसल खराब होने के बाद किसानों को आर्थिक सहारा देना है, ताकि नुकसान के बावजूद खेती का काम प्रभावित न हो। कार्यक्रम में सहकारिता विभाग के सचिव धर्मेन्द्र सिंह, निबंधक सहयोग समितियां रजनीश कुमार सिंह समेत विभाग के अन्य अधिकारी मौजूद थे।
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